देव भूमि जे के न्यूज,ऋषिकेश। पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर के वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के अंतर्गत प्रबंधन विभाग की ओर से वित्तीय साक्षरता विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय प्रबंधन, बजट निर्माण, बैंकिंग व्यवस्था तथा विवेकपूर्ण आर्थिक निर्णय लेने के प्रति जागरूक एवं सक्षम बनाना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन बीबीए संयोजक प्रो. धर्मेंद्र कुमार के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में किया गया। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दो दिवसीय आयोजन में विद्यार्थियों को वित्तीय प्रबंधन, वित्तीय निर्णयन, बजटिंग तथा बैंकिंग एवं गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति के लिए वित्तीय साक्षरता का ज्ञान बेहद आवश्यक है, ताकि वह अपनी आय, बचत और निवेश का बेहतर प्रबंधन कर सके।
कार्यशाला के विशेषज्ञ डॉ. नृपेंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता, वित्तीय जागरूकता और वित्तीय संसाधनों के उचित उपयोग के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति का वित्तीय रूप से जागरूक होना आवश्यक है। आर्थिक संसाधनों का सही प्रबंधन जीवन को आर्थिक रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को धन के उचित प्रबंधन, बजट तैयार करने, विवेकपूर्ण वित्तीय निर्णय लेने तथा उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का सही दिशा में उपयोग करने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। साथ ही वित्तीय मामलों में जागरूकता और समझ विकसित करने पर जोर दिया।
दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान आयोजित विभिन्न सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहे। कार्यशाला में कुल 134 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया और वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अंबरीस के. महाजन एवं परिसर निदेशक प्रो. एम.एस. रावत ने प्रबंधन विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम का समन्वयन एवं संचालन डॉ. लता पांडेय, पारस मेहता एवं शिवांगी भाटिया महेंद्र द्वारा किया गया। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से जागरूक बनाने के साथ ही भविष्य में जिम्मेदार एवं बेहतर आर्थिक निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया।







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