उत्तराखंड

अनियमित दिनचर्या और जंक फूड बढ़ा रहे फैटी लिवर व किडनी स्टोन का खतरा

देवभूमि जेके न्यूज, ऋषिकेश,8सितंबर 2026दिन,मंगलवार- आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित दिनचर्या, फास्ट फूड और जंक फूड का बढ़ता चलन लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा…

अनियमित दिनचर्या और जंक फूड बढ़ा रहे फैटी लिवर व किडनी स्टोन का खतरा

देवभूमि जेके न्यूज, ऋषिकेश,8सितंबर 2026दिन,मंगलवार-

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित दिनचर्या, फास्ट फूड और जंक फूड का बढ़ता चलन लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। समय पर खाना न खाना, रात को देर तक जागना, पर्याप्त नींद नहीं लेना और शारीरिक मेहनत या व्यायाम से दूरी बनाने के कारण कम उम्र में ही कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां सामने आने लगी हैं।

इन्हीं में फैटी लिवर और किडनी स्टोन की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऋषिकेश के राजकीय चिकित्सालय में इन समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार सामने आ रही है।

राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश के वरिष्ठ सर्जन डॉ. लोकेश सलूजा के मुताबिक अस्पताल की ओपीडी में फैटी लिवर और किडनी स्टोन के प्रतिदिन करीब 15 से 20 मरीज पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते इन समस्याओं पर ध्यान दिया जाए तो काफी हद तक गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

जंक फूड से दूरी, घर का खाना अपनाएं-

डॉ. सलूजा के अनुसार आजकल युवा और बच्चे घर के पौष्टिक भोजन की जगह मोमोज, बर्गर, चाऊमीन, पिज्जा और अन्य फास्ट फूड को अधिक पसंद कर रहे हैं। इन खाद्य पदार्थों का लगातार और अधिक सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि जंक फूड की जगह घर का बना ताजा और संतुलित भोजन करें। भोजन में हरी सब्जियां, दाल, फल और पर्याप्त मात्रा में पानी को शामिल करें।

इसके साथ ही अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करना भी बेहद जरूरी है। रात को समय पर सोएं, पर्याप्त नींद लें और सुबह उठकर योग, पैदल चलना या अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम जरूर करें।

फैटी लिवर की शुरुआत में पता नहीं चलता-

वरिष्ठ सर्जन डॉ. सलूजा बताते हैं कि फैटी लिवर की शुरुआत में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। यही कारण है कि कई लोगों को इसकी जानकारी काफी देर से होती है।

उन्होंने बताया कि फैटी लिवर की स्थिति को अलग-अलग ग्रेड में देखा जाता है। शुरुआती अवस्था में व्यक्ति सामान्य महसूस कर सकता है, लेकिन समस्या बढ़ने पर पेट फूलना, पेट में भारीपन, अपच, गैस और लगातार थकान जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं।

ऐसे लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते चिकित्सक से परामर्श लेना और आवश्यक जांच कराना जरूरी है। लंबे समय तक लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारी की अनदेखी नुकसानदायक हो सकती है।

कम पानी पीना किडनी स्टोन का बड़ा कारण-

किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी की समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें कम मात्रा में पानी पीना, खानपान की गलत आदतें और पानी की गुणवत्ता जैसे कारण शामिल हो सकते हैं।

डॉ. सलूजा लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह देते हैं। हालांकि पानी की जरूरत हर व्यक्ति की उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

उन्होंने बताया कि किडनी स्टोन का इलाज उसकी स्थिति, आकार और मरीज की हालत के आधार पर तय किया जाता है। छोटे स्टोन कई मामलों में दवाओं और चिकित्सकीय निगरानी से निकल सकते हैं, जबकि बड़े स्टोन के लिए दूरबीन जैसी प्रक्रियाओं अथवा अन्य उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है।

गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए सरकारी अस्पताल बना सहारा-

वरिष्ठ सर्जन डॉ. लोकेश सलूजा ने करीब दो वर्ष पहले ऋषिकेश राजकीय चिकित्सालय में कार्यभार संभाला था। उनके अनुसार इस दौरान विभिन्न बीमारियों के 2,000 से अधिक सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं।

इनमें बच्चेदानी, अपेंडिक्स, हर्निया, पित्त की थैली और अंडकोष में पानी भरने यानी हाइड्रोसील सहित कई प्रकार के ऑपरेशन शामिल हैं।

सरकारी अस्पताल में इलाज का सबसे बड़ा लाभ आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मिलता है। आयुष्मान कार्ड के पात्र लाभार्थियों के लिए कई उपचार और ऑपरेशन योजना के नियमों के अनुसार कैशलेस हो सकते हैं। वहीं जिन मरीजों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनके लिए भी सरकारी अस्पताल में इलाज का खर्च निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम रहता है।

डॉ. सलूजा का कहना है कि लोगों को बीमारी गंभीर होने का इंतजार नहीं करना चाहिए। शरीर में लगातार कोई परेशानी महसूस हो तो समय रहते डॉक्टर से सलाह लें।

बदलें छोटी-छोटी आदतें, रहें स्वस्थ-

स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए बहुत बड़े बदलाव की जरूरत नहीं है। रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में सुधार करके भी कई समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।

घर का पौष्टिक खाना खाएं, जंक फूड कम करें, पर्याप्त पानी पिएं, रोज कुछ समय व्यायाम या योग करें, रात को समय पर सोएं और पर्याप्त नींद लें।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पेट दर्द, लगातार थकान, अपच, पेट में भारीपन या पेशाब से जुड़ी परेशानी जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह कई गंभीर बीमारियों से बचाव में मदद कर सकती है।

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