उत्तराखंड

ऋषिकेश: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में मुख्य आरोपी हरिद्वार से गिरफ्तार, सीसीटीवी बंद कर सबूत छिपाने पर होटल मैनेजर और संचालक भी जेल

ऋषिकेश, 1 सितंबर 2026 — देवभूमि जेके न्यूज़ डेस्क ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले…

ऋषिकेश: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में मुख्य आरोपी हरिद्वार से गिरफ्तार, सीसीटीवी बंद कर सबूत छिपाने पर होटल मैनेजर और संचालक भी जेल

ऋषिकेश, 1 सितंबर 2026 — देवभूमि जेके न्यूज़ डेस्क

ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि जांच में होटल प्रबंधन की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई — पुलिस के अनुसार होटल ने पीड़िता को बिना पहचान-सत्यापन के प्रवेश दिया, घटना की जानकारी होने के बावजूद पुलिस को सूचना नहीं दी, और सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। इसी आधार पर होटल मैनेजर और संचालक को भी गिरफ्तार किया गया है।

क्या है मामला

पुलिस के मुताबिक 30 अगस्त को पीड़िता के परिजनों ने कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर दी कि 29 अगस्त को मुजफ्फरनगर निवासी सोफियान नाम का युवक उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर होटल गंगा इन (निकट पुराना रेलवे स्टेशन) ले गया, जहां उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किया गया। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने पीड़िता को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया। कोतवाली ऋषिकेश में मु0अ0सं0 431/2026 के तहत बीएनएस की धारा 137(2)/65/115(2)/123 और पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 में मुकदमा दर्ज किया गया।

मुखबिर की सूचना पर फ्लाईओवर के नीचे से पकड़ा गया आरोपी

मामले की गंभीरता देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर कोतवाली ऋषिकेश में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने आरोपी के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी और 31 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर सोफियान को हरिद्वार क्षेत्र में सिंहद्वार फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास से एक मोटोरोला मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें घटना के समय बनाए गए पीड़िता के फोटो-वीडियो मिले।

होटल प्रबंधन पर क्यों हुई कार्रवाई

आरोपी से पूछताछ और उपलब्ध सबूतों से पुलिस को तीन बातें पता चलीं: नाबालिग को होटल में बिना उचित पहचान-सत्यापन और रजिस्टर प्रविष्टि के प्रवेश दिया गया; होटल प्रबंधन को घटना की जानकारी होने के बावजूद पुलिस या किसी सहायता एजेंसी को सूचना नहीं दी गई; और पीड़िता को होटल से बाहर ले जाते समय सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे।

इन तथ्यों के आधार पर होटल मैनेजर वैभव गुप्ता और होटल संचालक राहुल अग्रवाल को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। विवेचना में दोनों की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया और मुकदमे में पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6/15/16/19/21 तथा बीएनएस की धारा 61(2)/238 जोड़ी गई। साथ ही पुलिस ने सराय एक्ट के तहत होटल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए उपजिलाधिकारी ऋषिकेश को रिपोर्ट भेज दी है।

गिरफ्तार आरोपी

1. सोफियान पुत्र तुफैल अहमद, निवासी ग्राम गढ़ी, थाना जानसठ, जनपद मुजफ्फरनगर (उ.प्र.), उम्र 21 वर्ष
2. वैभव गुप्ता पुत्र देवेंद्र गुप्ता, निवासी मार्ग नं. 2, देहरादून रोड, ऋषिकेश, उम्र 34 वर्ष
3. राहुल अग्रवाल पुत्र विनोद अग्रवाल, निवासी अद्वैतानंद मार्ग, ऋषिकेश, उम्र 36 वर्ष

पुलिस टीम

प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवीन जोशी, उपनिरीक्षक विकसित पंवार, राजकुमार और निखलेश बिष्ट, महिला उपनिरीक्षक ज्योति शर्मा, हेड कांस्टेबल संदीप राठी तथा कांस्टेबल तेज सिंह, अभिषेक और हिमांशु।

होटल संचालकों के लिए संदेश

यह मामला ऋषिकेश के होटल कारोबारियों के लिए एक चेतावनी है। कानून के तहत हर अतिथि का पहचान-सत्यापन और रजिस्टर प्रविष्टि अनिवार्य है, और किसी अपराध की जानकारी होने पर पुलिस को सूचना न देना खुद एक अपराध है। पॉक्सो एक्ट में अपराध की जानकारी छिपाने पर भी सज़ा का प्रावधान है — इसी कारण इस मामले में होटल प्रबंधन पर भी शिकंजा कसा गया।

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