अंतर्राष्ट्रीय

*क्यूएस एशिया रैंकिंग में एसआरएचयू की ऐतिहासिक छलांग, एशिया के शीर्ष 1200 विश्वविद्यालयों में बनाई जगह*

देव भूमि जे के न्यूज (जय कुमार तिवारी)डोईवाला, 4 नवंबर 2026- स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट ने वैश्विक उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते…

देव भूमि जे के न्यूज (जय कुमार तिवारी)डोईवाला, 4 नवंबर 2026-

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट ने वैश्विक उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में ऐतिहासिक छलांग लगाई है। विश्वविद्यालय ने पहली बार एशिया के शीर्ष 1200 विश्वविद्यालयों में अपनी जगह बनाकर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है।

रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने 1101-1200 बैंड में स्थान हासिल किया है, जबकि पिछले वर्ष यह 1300-1400 बैंड में शामिल था। इस उपलब्धि के साथ एसआरएचयू ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और संस्थागत प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज कराया है।

दक्षिण एशिया की रैंकिंग में भी विश्वविद्यालय ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले वर्ष 400-500 बैंड में शामिल एसआरएचयू इस बार 354वीं रैंक पर पहुंच गया है। वहीं, भारत में विश्वविद्यालय को 192वीं रैंक प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शिक्षा, शोध, नवाचार और गुणवत्ता संवर्धन के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।

क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में शिक्षण की गुणवत्ता, अकादमिक प्रतिष्ठा, शोध गतिविधियों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सतत विकास लक्ष्यों के प्रति संस्थानों के योगदान सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है। इन मानकों पर एसआरएचयू का लगातार बेहतर होता प्रदर्शन संस्थान की शैक्षणिक प्रगति को दर्शाता है।

**अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने दी बधाई**

विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने समस्त शिक्षक वर्ग, शोधार्थियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से रैंकिंग फ्रेमवर्क और गुणवत्ता संवर्धन से जुड़े कार्यों में योगदान देने वाले कर्मचारियों की मेहनत को महत्वपूर्ण बताया।

डॉ. धस्माणा ने कहा कि क्यूएस एशिया रैंकिंग में विश्वविद्यालय की यह छलांग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, शोध और समग्र विकास के प्रति संस्थान की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ते हुए शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित करेगा।

**उत्तराखंड के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि**

उल्लेखनीय है कि स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से ए प्लस ग्रेड प्राप्त है। इसके अतिरिक्त क्यूएस इंडिया रैंकिंग के विभिन्न प्रमुख मानकों पर गोल्ड रेटिंग भी हासिल हुई है।

विश्वविद्यालय ने टाइम्स हायर एजुकेशन सस्टेनेबिलिटी इम्पैक्ट रैंकिंग में भी संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत गुड हेल्थ एंड वेल-बीइंग तथा क्लीन वॉटर एंड सैनिटेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

क्यूएस एशिया रैंकिंग 2027 में मिली यह उपलब्धि केवल एसआरएचयू की अकादमिक और शोध क्षमता की अंतरराष्ट्रीय पहचान नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए भी गौरवपूर्ण क्षण है। इससे राज्य के शैक्षणिक संस्थानों को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की प्रेरणा मिलेगी।

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