उत्तराखंड

मुख्यमंत्री का नाम लेकर शराब कारोबारियों से कथित वसूली के आरोप, सोशल मीडिया वीडियो से उठे सवाल.

डेस्क -उत्तराखंड में शराब कारोबार से जुड़े एक मामले को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और उसके बाद प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों ने कथित वसूली के आरोपों…

मुख्यमंत्री का नाम लेकर शराब कारोबारियों से कथित वसूली के आरोप, सोशल मीडिया वीडियो से उठे सवाल.

डेस्क -उत्तराखंड में शराब कारोबार से जुड़े एक मामले को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और उसके बाद प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों ने कथित वसूली के आरोपों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। एक शराब कारोबारी दिनेश मल्होत्रा ने अरुण तोमर नामक व्यक्ति पर शराब कारोबारियों से कथित तौर पर रकम मांगने, दबाव बनाने तथा मुख्यमंत्री के नाम का इस्तेमाल किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन अभी नहीं हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिनेश मल्होत्रा का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों से शराब कारोबारियों पर कथित रूप से आर्थिक दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2025-26 में शराब कारोबारियों से कथित मांग बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक किए जाने की बात कही गई। उनका यह भी आरोप है कि रकम नहीं देने पर दुकानों में ओवररेटिंग के चालान की कार्रवाई का दबाव बनाया जाता था।

मुख्यमंत्री और मंत्री के नाम के इस्तेमाल का भी आरोप

शराब कारोबारी ने अपने बयान में दावा किया कि कथित रकम की मांग के दौरान मुख्यमंत्री का नाम लिया जाता था। हालांकि, उन्होंने स्वयं यह स्पष्ट किया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को वास्तव में किसी उच्च स्तर से संरक्षण प्राप्त था या नहीं। यही कारण है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मल्होत्रा ने जिला आबकारी अधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उन्हें अधिकारी के आवास पर बुलाकर कथित रूप से अरुण तोमर से जुड़े पैसों के विवाद को लेकर बातचीत की गई और रकम का भुगतान करने के लिए कहा गया। बातचीत के संबंध में लगाए गए इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं हुई है।

मामले में कैबिनेट मंत्री खजान दास के नाम का उल्लेख किए जाने का दावा भी सामने आया है। शराब कारोबारी के अनुसार, उनकी दो दुकानों से जुड़े विवाद के दौरान कथित बातचीत में मंत्री के बेटे के लिए दुकान मांगे जाने की बात कही गई। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ओवररेटिंग और आबकारी कार्रवाई भी चर्चा में

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब प्रदेश में शराब दुकानों पर ओवररेटिंग और अवैध शराब की बिक्री को लेकर आबकारी विभाग द्वारा कार्रवाई की बात कही जा रही है। 22 सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पौड़ी गढ़वाल में जिलाधिकारी ने ओवररेटिंग और अवैध शराब बिक्री के विरुद्ध आबकारी विभाग को छापेमारी और प्रवर्तन कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए थे।

उत्तराखंड आबकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, अवैध शराब, ओवररेटिंग और मूल्य निर्धारण से संबंधित शिकायतों के लिए 24 घंटे की हेल्पलाइन और नियंत्रण कक्ष उपलब्ध है। विभाग ने टोल-फ्री नंबर 18001804253 और 01352656229 तथा नियंत्रण कक्ष का ई-मेल भी जारी किया है।

निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगी वास्तविकता

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और शराब कारोबारी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या इन आरोपों की कोई आधिकारिक शिकायत, ऑडियो-वीडियो साक्ष्य अथवा जांच रिकॉर्ड मौजूद है। यदि शिकायत दर्ज हुई है तो संबंधित जांच एजेंसी अथवा आबकारी विभाग की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित रकम की मांग वास्तव में हुई थी या नहीं और इसमें किसी सरकारी अधिकारी अथवा अन्य व्यक्ति की कोई भूमिका थी या नहीं।

देवभूमि जेके न्यूज यह स्पष्ट करता है कि समाचार में उल्लिखित सभी आरोप संबंधित कारोबारी के दावों/आरोपों पर आधारित हैं। इन्हें किसी व्यक्ति के विरुद्ध सिद्ध अपराध के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। संबंधित व्यक्ति, आबकारी विभाग अथवा अन्य पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

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