*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग- नेत्रहीन संत*

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*⚜️ आज का राशिफल ⚜️*
*दिनांक : 16 अप्रैल 2026*

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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज घर एवं बाहर परिस्थितियां प्रतिकूल रहने से सोच समझ कर ही कोई बड़ा कदम उठाएं। कामुकता अधिक रहने से शरीर के साथ-साथ मान हानि भी हो सकती है। कार्यों के प्रति उदासीनता भी नुक्सान कराएगी जिस भी कार्य को करेंगे उसमे तुरंत लाभ कमाने के चक्कर में रहंगे लेकिन आज पुराने लेन-देन से ही थोडे लाभ की संभावना है। महिलाओ के मन में भी आज कोई उधेड़बुन लगी रहेगी। मन इच्छा की पूर्ति ना होने से क्रोध आएगा। आर्थिक दृष्टिकोण से मायूस होना पड़ेगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आपको लाभ के कई अवसर मिलेंगे। कार्यो के प्रति भी गंभीर रहने से धन प्राप्ति की संभावनाएं बढ़ेंगी। परन्तु नौकरी पेशा जातक अधिकारी वर्ग से सतर्क रहें छोटी गलती पर बड़ा अंजाम भुगतना पड़ेगा। व्यावसायिक यात्रा से भी धन लाभ होने की सम्भवना है यात्रा में सतर्क भी रहें। पैतृक संपत्ति सम्बंधित कार्य आज भी अधूरे रहने से हताश होंगे। सरकारी कार्य में समय एवं धन व्यर्थ होगा। परोपकारी स्वभाव के चलते धर्म-कर्म पर खर्च होगा। आज विशेषकर परिजनों की भावना समझने का प्रयास करें।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन परिस्थितियां विशेष अनुकूल रहने से मानसिक दुविधा कम होगी। सुखी दिनचर्या में उत्तम स्वास्थ्य भी सहायक बनेगा। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा कम रहने से आर्थिक लाभ होने की अधिक सम्भवना रहेगी परन्तु लोभ में आकर जल्दी कमाने की सोच से दूर रहें। प्रेम प्रसंगों में अधिक आसक्ति रहने से मन दो जगह भटक सकता है। उपहार देने पर खर्च होगा। धर्म कर्म में आज कम ही रूचि दिखाएंगे लेकिन आस्था बनी रहेगी। घर में शांति तो रहेगी लेकिन थोड़े मन मुटाव के बाद।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज मिला जुला दिन रहने से बीते कल की अपेक्षा थोड़ा बेहतर अनुभव करेंगे। अतिआवश्यक कार्य किसी अनुभवी से परामर्श लेकर ही करें। काम धंधे को लेकर मन मे कुछ बेचैनी रहेगी धन को आवक अन्य दिनों से कम रहेगी ऊपर से उटपटांग निर्णय लेकर नई उलझन बढ़ाएंगे। घर के बुजुर्ग लोगो के साथ कुछ समय बिताना लाभदायक सिद्ध होगा। आज आप केवल सोचने में ही ज्यादा समय ख़राब करेंगे विचारो को यथार्थ रूप देने में असमर्थ रहेंगे। आर्थिक विषयो को लेकर परिवार में अशांति रह सकती है। सोच समझ कर ही वाणी का प्रयोग करें।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आपका आज का दिन शारीरिक रूप से अशुभ रहेगा। प्रातः काल से ही आँख में जलन अथवा अंगों में दर्द रहने से निष्क्रियता रहेगी। कार्यो में उत्साहहीनता रहने के कारण पूर्व निर्धारित योजनाएं टालनी पड़ सकती है। व्यवसायिक स्थल पर प्रतिस्पर्धा के कारण टकराव की स्थिति बनेगी लेकिन धन की आमद आवश्यकता अनुसार कही न कही से हो ही जाएगी। आज के दिन शालीनता के साथ व्यवहार करना फायदेमंद रहेगा। अधिक क्रोध एवं ईर्ष्या की प्रवृति धन के साथ आपसी व्यवहार बिगाड़ेगी।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आप अपनी व्यवहार कुशलता से बिगड़े कामो को भी बनाने का सामर्थ्य रखेंगे कार्य क्षेत्र पर इच्छानुसार सफल तो नही होंगे फिर भी धन संबंधित मामलो में कुछ हद तक सफलता मिलने से संतोष होगा। परन्तु सेहत प्रतिकूल रहने से बीच बीच में व्यवधान आ सकते है। शारीरिक परिश्रम की अपेक्षा दिमागी परिश्रम को ज्यादा महत्त्व देंगे इसमें सफल भी रहेंगे। गैस कब्ज अथवा स्वसन तंत्र सम्बंधित रोग होने से असहजता होगी। ज्यादा तले भुने खाने से परहेज करें। संतान की पढ़ाई को लेकर भी थोड़ी चिंता रहेगी।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन मिश्रित फलदायी रहेगा। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहने से आलस्य एवं कमजोरी अनुभव होगी। कार्यो को गंभीर ना लेने से अधूरे रह जाएंगे। फिर भी मध्यान के बाद का समय धन लाभ कराने वाला रहेगा। अधिकारी वर्ग प्रसन्न रहने से अपनी बात आसानी से मनवा लेंगे। लंबे प्रवास की योजना बनाएंगे लेकिन आज यात्रा में व्यर्थ के खर्च ही होंगे प्राप्ति कुछ नही।संध्या का समय मौज-शौक पूरा करने में बीतेगा। पति-पत्नी में आपसी ताल-मेल की कमी रहेगी।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दिन का अधिकांश समय आराम में बिताना पसंद करेंगे। आलस्य के कारण कार्यो में बाधा आ सकती है। प्रातः काल के समय आकस्मिक धन लाभ होने से अधिक निश्चिन्त रहेंगे। व्यवसाय विस्तार की योजना भी बनेगी परन्तु इसे पूर्ण रूप देने में अभी समय लगेगा। मध्यान के बाद के किसी मांगलिक कार्यक्रम में जाने की योजना बनेगी संध्या बाद का समय उत्तम रहेगा। उत्तम भोजन, वाहन एवं पर्यटन के ऊपर खर्च करेंगे। गृहस्थ में कुछ अंदरूनी परेशानिया रहने पर भी प्रेम बना रहेगा। प्रेम-प्रसंगों के कारण मन दुखी हो सकता है।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आप बेतुकी बयानबाजी के कारण संकट में फंस सकते है। अधिक बोलने से मौन धारण करना बेहतर रहेगा व्यर्थ के विवादों से बचेंगे। क्रोध के समय विशेष सावधानी बरतें मान हानि हो सकती है। काम धंधा में आज असमंजस की स्थिति के कारण नरमी रहेगी। आपके किसी गलत निर्णय के कारण बनता लाभ बिगड़ सकता है। विद्यार्थी वर्ग को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। आर्थिक रूप से आज का दिन किसी के सहयोग से ही सफल बनेगा। सरकारी कार्यो में उलझने बढ़ने से भाग-दौड़ व्यर्थ जायेगी। धन के लेन-देन सम्बंधित कार्य आज ना करें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आर्थिक और सामाजिक दृष्टिकोण से आज का दिन अच्छा रहेगा। परन्तु अधिक व्यस्तता के चलते थकान भी रहेगी। कार्य क्षेत्र पर नए प्रयोग अपनायेंगे जिनमे सफलता तो मिलेगी पर थोड़े विलम्ब से। धन लाभ रुक रुक कर होगा खर्च भी पहले से ही तैयार रहेंगे। नविन वाहन अथवा अन्य सुख के साधनों की खरीददारी कर सकते है। सामाजिक क्षेत्र पर भी आज रूचि रहने से ख्याति बढ़ेगी। गृहस्थ में शांति रहेगी। छोटी मोटी स्वास्थ्य संबंधित समस्या रह सकती है।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आप कार्य व्यवसाय के प्रति लापरवाही दिखाएंगे। आर्थिक दृष्टिकोण से भी आज का दिन अधिक खर्चीला रहेगा। नौकर एवं अधिकारी कोई भी आपकी बातो को महत्त्व ना देकर मनमानी करेंगे जिससे मानसिक अशांति रहेगी। कार्य क्षेत्र से आवश्यकता के समय धन नही मिलने से कुछ समय के लिये मानसिक तनाव बनेगा। सामाजिक छवि भी परिजनों के कारण ख़राब हो सकती है। संध्या का समय सावधानी से व्यतीत करें। घरेलु कलह सार्वजनिक ना हो इसका ध्यान रखे। मानसिक शांति के लिए धार्मिक गतिविधियों में भाग लें।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन पिछले दिनों से बेहतर रहेगा। शारीरिक रूप से सक्षम रहेंगे। सामाजिक व्यवहार आज काम आने से परेशानियों में कमी आएगी परन्तु मन में चंचलता अधिक रह सकती है। आज आप दूर की ना सोच नजदीकी लाभों से संतोष करने की वृति अपनायेंगे। काम काम सामान्य रहने पर धन लाभ के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। घर के बुजुर्गों की अपेक्षा भाई-बहनो से ज्यादा भावनात्मक सम्बन्ध रहेंगे। किसी पौराणिक स्थान की यात्रा का विचार बनेगा।
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*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*

*!! नेत्रहीन संत !!*
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एक बार एक राजा अपने सहचरों के साथ शिकार खेलने जंगल में गया था। वहाँ शिकार के चक्कर में एक दूसरे से बिछड़ गये और एक दूसरे को खोजते हुये राजा एक नेत्रहीन संत की कुटिया में पहुँच कर अपने बिछड़े हुये साथियों के बारे में पूछा।

नेत्र हीन संत ने कहा महाराज सबसे पहले आपके सिपाही गये हैं, बाद में आपके मंत्री गये, अब आप स्वयं पधारे हैं। इसी रास्ते से आप आगे जायें तो मुलाकात हो जायगी। संत के बताये हुये रास्ते में राजा ने घोड़ा दौड़ाया और जल्दी ही अपने सहयोगियों से जा मिला और नेत्रहीन संत के कथनानुसार ही एक दूसरे से आगे पीछे पहुंचे थे।

यह बात राजा के दिमाग में घर कर गयी कि नेत्रहीन संत को कैसे पता चला कि कौन किस ओहदे वाला जा रहा है। लौटते समय राजा अपने अनुचरों को साथ लेकर संत की कुटिया में पहुंच कर संत से प्रश्न किया कि आप नेत्रविहीन होते हुये कैसे जान गये कि कौन जा रहा है, कौन आ रहा है ?

राजा की बात सुन कर नेत्रहीन संत ने कहा महाराज आदमी की हैसियत का ज्ञान नेत्रों से नहीं उसकी बातचीत से होती है। सबसे पहले जब आपके सिपाही मेरे पास से गुजरे तब उन्होंने मुझसे पूछा कि ऐ अंधे इधर से किसी के जाते हुये की आहट सुनाई दी क्या ? तो मैं समझ गया कि यह संस्कार विहीन व्यक्ति छोटी पदवी वाले सिपाही ही होंगे।

जब आपके मंत्री जी आये तब उन्होंने पूछा बाबा जी इधर से किसी को जाते हुये… तो मैं समझ गया कि यह किसी उच्च ओहदे वाला है, क्योंकि बिना संस्कारित व्यक्ति किसी बड़े पद पर आसीन नहीं होता। इसलिये मैंने आपसे कहा कि सिपाहियों के पीछे मंत्री जी गये हैं।

जब आप स्वयं आये तो आपने कहा सूरदास जी महाराज आपको इधर से निकल कर जाने वालों की आहट तो नहीं मिली तो मैं समझ गया कि आप राजा ही हो सकते हैं। क्योंकि आपकी वाणी में आदर सूचक शब्दों का समावेश था और दूसरे का आदर वही कर सकता है जिसे दूसरों से आदर प्राप्त होता है। क्योंकि जिसे कभी कोई चीज नहीं मिलती तो वह उस वस्तु के गुणों को कैसे जान सकता है!

दूसरी बात यह संसार एक वृक्ष स्वरूप है- जैसे वृक्ष में डालियाँ तो बहुत होती हैं पर जिस डाली में ज्यादा फल लगते हैं वही झुकती है। इसी अनुभव के आधार में मैं नेत्रहीन होते हुये भी सिपाहियों, मंत्री और आपके पद का पता बताया अगर गलती हुई हो महाराज तो क्षमा करें।

राजा संत के अनुभव से प्रसन्न हो कर संत की जीवन वृत्ति का प्रबंन्ध राजकोष से करने का मंत्री जी को आदेशित कर वापस राजमहल आया।

*शिक्षा:-*
आजकल हमारा समाज संस्कार विहीन होता जा रहा है। थोड़ा सा पद, पैसा व प्रतिष्ठा पाते ही दूसरे की उपेक्षा करते हैं, जो उचित नहीं है। मधुर भाषा बोलने में किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं होता है। अतः मीठा बोलने में कंजूसी नहीं करनी चाहिये..!!

*सदैव प्रसन्न रहिये – जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है – उसके पास समस्त है।।*
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