देव भूमि जे के न्यूज,डोईवाला, 13 अक्टूबर। हिमालयन रिक्रिएशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट (एचआरडब्ल्यूटी) की ओर से स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय, जौलीग्रांट के सेंट्रल पार्क में आयोजित रामलीला महोत्सव के तीसरे दिन सीता स्वयंवर, राम बारात और लक्ष्मण-परशुराम संवाद के भावपूर्ण मंचन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रामलीला के विभिन्न प्रसंगों के सजीव चित्रण ने परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों और संवादों ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
रामलीला के दौरान भगवान राम और लक्ष्मण से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। ताड़का वध, सुबाहु-मारीच वध और अहिल्या उद्धार की लीलाओं ने दर्शकों को रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों से रूबरू कराया। इसके बाद सीता स्वयंवर और राम बारात के भव्य दृश्यों ने विशेष आकर्षण पैदा किया। मंच पर प्रस्तुत स्वयंवर प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
महोत्सव में लक्ष्मण-परशुराम संवाद विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। संवाद के दौरान लक्ष्मण ने परशुराम को क्रोध त्यागने और संतों के गुणों के अनुरूप आचरण करने का संदेश दिया। प्रसंग के माध्यम से यह दर्शाया गया कि संतों का कार्य समाज का कल्याण करना और लोगों को सद्मार्ग पर प्रेरित करना है। कलाकारों ने अपने अभिनय और संवाद अदायगी से इस प्रसंग को प्रभावशाली बनाया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
रामलीला के माध्यम से भगवान राम के आदर्शों, मर्यादा, विनम्रता और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश दिया जा रहा है। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, रामायण के आदर्शों और पारंपरिक रंगमंच से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आज होगा राम वनवास और केवट लीला का मंचन
रामलीला महोत्सव के चौथे दिन बुधवार, 14 अक्टूबर को दशरथ दरबार, कैकेयी-मंथरा संवाद, राम वनवास, सुमंत विदाई और केवट लीला का मंचन किया जाएगा। इन प्रसंगों में पारिवारिक संबंधों, वचनपालन, त्याग और समर्पण की भावनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा।
भगवान राम के वनवास से जुड़ी लीलाओं के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्श चरित्र और पिता के वचन की रक्षा के लिए राजसुख का त्याग करने की प्रेरणादायक कथा का मंचन होगा। वहीं, केवट लीला में भगवान राम के प्रति भक्त की श्रद्धा, प्रेम और समर्पण की भावना को दर्शाया जाएगा।







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