*ऋषिकेश- जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री 1008 ऋषभ देव जी महाराज के प्रथम आहार पर बांटा गन्ने का शर्बत*

देवभूमि जे के न्यूज़-(जय कुमार तिवारी) –

आज दिनांक 19 अप्रैल 2026, अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री 1008 ऋषभ देव जी ने 6 माह बाद प्रथम आहार राजा श्रेयांश के द्वारा इच्छु रस द्वारा ग्रहण किया था । जैन धर्म में इस दिन का बहुत महत्व है
कार्यक्रम का प्रारंभ शंभू पासवान , मेयर नगर निगम ऋषिकेश द्वारा, इच्छू रस वितरण कर किया गया।
कार्यक्रम में गिरीश डोभाल, राज्यमंत्री, शूरवीर सजवान पूर्व मंत्री द्वारा भी प्रतिभाग किया गया।

इस अवसर पर अध्यक्ष डॉक्टर प्रमोद कुमार जैन ने जैन धर्म में आज के महत्व को बताते हुए कहा कि श्रेयांस कुमार ने राजा सोमप्रभ और रानी लक्ष्मीमती के साथ भगवान को आदरपूर्वक ईख (गन्ने) के प्रासुक रस का आहार आज के ही दिन दिया था। उसी समय आकाश से देवों द्वारा छोड़ी गई रत्नों की वर्षा होने लगी, पुष्पवृष्टि होने लगी, देवदुंदुभि बजने लगी, शीतल सुगंध वायु चलने लगी और उच्च स्वर से जय-जयकार करते हुए देव कहने लगे कि ‘धन्य यह दान, धन्य यह पात्र और धन्य यह दाता, इस प्रकार बहुत भारी शब्द आकाश में हो गया। रत्नवृष्टि, पुष्पवृष्टि, दुंदुभि वाद्य, शीतल वायु और अहोदानम् इत्यादि प्रशंसा वाक्य ये पाँच कार्य स्वाभाविकरूप से आहार दान के समय होते हैं, तब इन्हें पंचाश्चर्य कहते हैं।
कार्यक्रम का संचालन अरविन्द कुमार जैन मंत्री द्वारा किया गया, प्रमोद कुमार जैन अध्यक्ष द्वारा एवं उपाध्यक्ष श्रवण कुमार जैन ने भी आज के दिन के महत्व के बारे मे विस्तृत जानकारी

कार्यक्रम में प्रदीप कुमार जैन उपाध्यक्ष, राकेश कुमार जैन कोषाध्यक्ष, सचिन जैन, नवीन जैन, अशोक जैन , महेन्द्र कुमार जैन, रमेश चंद जैन, शैलेंद्र जैन, राहुल जैन, रॉयल जैन , सुभाष चंद् जैन , संजीव कुमार जैन, अरुण कुमार जैन, एच एस असवाल , श्रीमती पूनम जैन, संध्या जैन, अंजली जैन, दीपा जैन, स्वाती जैन ,नेहा जैन, प्रीति जैन, नीरू जैन , सुमिता जैन , सुषमा जैन , राजरानी जैन,एवं काफी संख्या मे समाज के लोगों ने विशेष सहयोग किया।

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