देवभूमि जे के न्यूज़-(जय कुमार तिवारी) -~13 अप्रैल 2026
दिन सोमवार
ऋषिकेश। आवास विकास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में बैसाखी एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र के समक्ष अतिथि डॉ. डी.के. श्रीवास्तव, विद्यालय के व्यवस्थापक प्रो. गौरव वार्ष्णेय एवं वाइस प्रिंसिपल डॉ. नागेन्द्र पोखरियाल द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए और बैसाखी के महत्व के साथ-साथ बाबा साहेब के आदर्शों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में आए अतिथि डॉ. श्रीवास्तव का विद्यालय प्रबंधक व विद्यालय परिवार द्वारा बैज अलंकृत कर एवं अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया गया।
अतिथि डॉ. श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को आयुर्वेद से जुड़ी उपयोगी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुशासन, समयानुसार नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार और प्राकृतिक उपायों को अपनाकर हम स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। साथ ही उन्होंने जड़ी-बूटियों के महत्व पर भी प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के व्यवस्थापक प्रो. गौरव वार्ष्णेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि बैसाखी हमें मेहनत, समर्पण और धैर्य का संदेश देती है, जो जीवन में सफलता का मूल मंत्र है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त शिक्षा के महत्व को समझने का आह्वान किया।
वाइस प्रिंसिपल डॉ. नागेन्द्र पोखरियाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि बैसाखी हमारी संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक है, जो हमें समाज में मिल-जुलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
विद्यालय के मीडिया प्रभारी नरेन्द्र खुराना ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में संस्कार, जागरूकता और प्रेरणा का संचार करते हैं तथा उन्हें महान व्यक्तित्वों के जीवन से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।
एन.एस.एस कार्यक्रम अधिकारी रामगोपाल रतूड़ी के नेतृत्व में कार्यक्रम का संचालन किया गया, जिसमें सतीश चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नन्द किशोर भट्ट, वीरेन्द्र कंसवाल, यशोदा भारद्वाज, मीनाक्षी उनियाल, रविन्द्र सिंह परमार एवं अन्य शिक्षकगण मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन उत्साह, उल्लास एवं देशभक्ति के वातावरण के साथ हुआ।
