देवभूमि जेके न्यूज, ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश के पूर्णानंद घाट, जानकी झूला में आयोजित प्रथम महिला गंगा आरती में बॉलीवुड अभिनेता अनिल चरणजीत पहुंचे। उन्होंने महिला आरती मंडली के साथ मां गंगा की आरती की और हवन में भी सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तीकरण, लैंगिक समानता और समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका को लेकर अपने विचार साझा किए।
महिला गंगा आरती में पहुंचने पर अभिनेता अनिल चरणजीत ने ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिओम शर्मा ज्ञानी से मुलाकात की। उन्होंने पूर्णानंद घाट पर महिला गंगा आरती की शुरुआत किए जाने के लिए ट्रस्ट का आभार व्यक्त किया। इस दौरान महिला सशक्तीकरण, भारत में लैंगिक समानता और महिलाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
अनिल चरणजीत ने कहा कि जब उन्हें जानकारी मिली कि उत्तराखंड की महिलाएं पूर्णानंद घाट पर मां गंगा की आरती कर रही हैं, तो उनके मन में भी इस आरती में शामिल होने की इच्छा हुई। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करना सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के बिना किसी भी देश के मानव विकास और संपूर्ण राष्ट्र निर्माण का सपना पूरा नहीं हो सकता। महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक क्षेत्रों में समान अवसर और समान भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने से देश को सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर लाभ मिलेगा।
महिलाओं को निर्णय लेने की स्वतंत्रता जरूरी
अभिनेता ने कहा कि समाज के विकास में मातृशक्ति की भूमिका विशेष है। महिलाओं को अपनी शक्ति और क्षमताओं को पहचानने के साथ-साथ अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं लेने का अधिकार भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक रूप से मजबूत होने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सहभागिता और निर्णय लेने के क्षेत्र में भी स्वतंत्रता मिलनी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे, तभी समाज का विकास अधिक समावेशी और संतुलित हो सकेगा। महिला सशक्तीकरण को परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास से जोड़ते हुए उन्होंने समान अवसरों को समय की आवश्यकता बताया।
गंगा आरती के अनुभव को बताया आध्यात्मिक
मां गंगा के तट पर आयोजित महिला गंगा आरती में शामिल होने के अनुभव को अनिल चरणजीत ने विशेष बताया। उन्होंने कहा कि गंगा तट पर उन्हें अप्रतिम आनंद की अनुभूति हुई। यहां की दिव्यता और सकारात्मक ऊर्जा से मन को शांति और आत्मबल मिलता है।
उन्होंने कहा कि ऋषिकेश जैसे आध्यात्मिक नगर में गंगा आरती की परंपरा के साथ महिलाओं की सक्रिय भागीदारी एक सकारात्मक संदेश देती है। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी समाज में उनकी भूमिका को और मजबूत करने का माध्यम बन सकती है।
कई फिल्मों में कर चुके हैं अभिनय
बॉलीवुड अभिनेता अनिल चरणजीत हिंदी फिल्मों और वेब सीरीज में अपनी विभिन्न भूमिकाओं के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने अभिनय करियर में कई चर्चित फिल्मों में काम किया है। पीके, रईस, सूर्यवंशी, हंसी तो फंसी, सिंह इज ब्लिंग और संजू सहित विभिन्न फिल्मों में वह नजर आ चुके हैं।
अलग-अलग फिल्मों में निभाई गई उनकी भूमिकाओं ने उन्हें दर्शकों के बीच पहचान दिलाई है। ऋषिकेश में महिला गंगा आरती में उनकी मौजूदगी के दौरान स्थानीय श्रद्धालुओं और आयोजन से जुड़े लोगों में भी उत्साह देखने को मिला।
महिला सहभागिता को बढ़ावा देने पर जोर
ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिओम शर्मा ज्ञानी ने कहा कि महिला गंगा आरती के माध्यम से महिलाओं को धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में आगे आने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समाज को अधिक मजबूत और संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम में डॉक्टर ज्योति शर्मा, आचार्य सोनिया राज, प्रियंका नेगी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। महिला गंगा आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती में सहभागिता की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।







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