डेस्क -कोलकाता, 18 अक्टूबर 2026।** पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के उल्लास के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। उत्तर कोलकाता के चोरबागान स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। इस हादसे में शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। कुछ मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 19 तक पहुंचने का उल्लेख किया गया है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार, दुर्गा पूजा के अवसर पर मां दुर्गा के दर्शन करने के लिए पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए थे। इसी दौरान बारिश होने के कारण पंडाल के आसपास भीड़ का दबाव बढ़ गया। बारिश से बचने के लिए श्रद्धालु तेजी से सुरक्षित स्थानों की ओर बढ़ने लगे। संकरे रास्तों और प्रवेश-निकास द्वार के आसपास भीड़ बढ़ने से अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान कई लोग गिर पड़े और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे में कई लोगों को गंभीर चोटें आईं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, एंबुलेंस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई तथा पंडाल में श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए गए। हादसे के बाद आसपास के अन्य प्रमुख पूजा पंडालों में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की खबरें सामने आईं।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन, प्रवेश और निकास के रास्तों तथा आपातकालीन सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में लाखों श्रद्धालु विभिन्न पंडालों में दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने, पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है।
घटना पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। घायलों को पांच लाख रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की गई। राज्य सरकार ने हादसे की निष्पक्ष जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने की बात कही है। घटना के संबंध में पूजा समिति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की खबर भी सामने आई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना पर दुख जताया। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल आर.एन. रवि ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया।
प्रशासन की ओर से हादसे से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किए जाने की खबर है। राहत एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही घटना के कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
दुर्गा पूजा कोलकाता की सांस्कृतिक पहचान और करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा प्रमुख पर्व है। ऐसे पावन अवसर पर हुई इस त्रासदी ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब जांच के निष्कर्षों का इंतजार है, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सके, जिम्मेदारी तय की जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।







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