उत्तराखंड

*आज का पंचांग, राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग- मदद*

देवभूमि जेके न्यूज आज का पंचांग, राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग रविवार, 1 नवंबर 2026 | ऋषिकेश, उत्तराखंड आज का विशेष संदेश- दूसरों की सहायता करना ही सच्ची इंसानियत…

देवभूमि जेके न्यूज

आज का पंचांग, राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग

रविवार, 1 नवंबर 2026 | ऋषिकेश, उत्तराखंड

आज का विशेष संदेश-

दूसरों की सहायता करना ही सच्ची इंसानियत है। किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना भी ईश्वर की सच्ची सेवा है।

आज का विस्तृत पंचांग

* दिन: रविवार

* विक्रम संवत: 2083

* शक संवत: 1948

* मास: कार्तिक

* पक्ष: कृष्ण पक्ष

* तिथि: सप्तमी

* वार: रविवार

* नक्षत्र: पुष्य

* योग: साध्य

* करण: बव

* चंद्र राशि: कर्क

* सूर्य राशि: तुला

* ऋतु: शरद

* अयन: दक्षिणायन

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

* सूर्योदय: प्रातः 6:31 बजे

* सूर्यास्त: शाम 5:30 बजे

* चंद्रोदय: रात्रि 11:33 बजे

* चंद्रास्त: दोपहर लगभग 12:41 बजे

शुभ मुहूर्त

* ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:47 से 5:39 बजे

* अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:38 से दोपहर 12:22 बजे

* विजय मुहूर्त: दोपहर 1:50 से 2:34 बजे

अशुभ समय

* राहुकाल: शाम 4:07 से 5:30 बजे

* यमगण्ड: दोपहर 12:00 से 1:23 बजे

* गुलिक काल: दोपहर 2:45 से 4:07 बजे

आज का धार्मिक महत्व

कार्तिक कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर सूर्यदेव की उपासना का विशेष महत्व है। रविवार को सूर्यदेव को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें।

### आज का राशिफल

मेष राशि: आज का दिन उत्साह से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

वृषभ राशि: आज रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। व्यापार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवार में सुख-शांति रहेगी। खर्चों पर नियंत्रण रखें।

शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

मिथुन राशि: आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव है।

शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

कर्क राशि: परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। भावनाओं में बहकर निर्णय न लें।

शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2

सिंह राशि: आज आपके कार्यों की सराहना हो सकती है। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई योजना सफल हो सकती है। परिवार में प्रसन्नता रहेगी।

शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

कन्या राशि: आज योजनाबद्ध तरीके से काम करने का लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार का सहयोग प्राप्त होगा।

शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

तुला राशि: आज का दिन संतुलन और समझदारी से आगे बढ़ने का है। व्यापार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। विवादों से दूर रहें।

शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

वृश्चिक राशि: आज आत्मविश्वास बढ़ेगा। किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिल सकती है। पुराने परिचित से संपर्क होगा। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें।

शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 9

धनु राशि: आज भाग्य का सहयोग मिल सकता है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। नौकरी और व्यापार में नए अवसर प्राप्त होंगे। निवेश से पहले विचार करें।

शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

मकर राशि: मेहनत और अनुशासन से सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। परिवार में सहयोग और प्रेम बना रहेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

कुंभ राशि: आज नए विचारों और योजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा। सामाजिक क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी।

शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 8

मीन राशि: आज का दिन पारिवारिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अच्छा रहेगा। रुके हुए कार्यों में गति आएगी। व्यापार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

नोट: राशिफल सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है।

### आज का प्रेरक प्रसंग – मदद

दूसरों की सहायता करना ही अच्छे संस्कारों की सबसे बड़ी पहचान है।

शनिवार की रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे जय अपने कार्यालय से घर लौट रहा था। रास्ते में उसे सड़क किनारे एक युवती दिखाई दी, जो हाथ देकर किसी वाहन को रोकने का प्रयास कर रही थी।

जय ने समझा कि युवती उससे सहायता मांग रही है। उसने अपनी मोटरसाइकिल रोक दी। तभी एक तिपहिया वाहन वहां से निकल गया।

युवती नाराज होकर बोली, “मैं उस वाहन को रोक रही थी। बड़ी मुश्किल से वह आया था, लेकिन आपकी वजह से वह भी निकल गया!”

जय को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने तुरंत क्षमा मांगी और उसे घर तक छोड़ने की पेशकश की, लेकिन युवती ने मना कर दिया।

रात गहराती जा रही थी। सड़क सुनसान थी और आसपास कोई दिखाई नहीं दे रहा था। जय चाहता तो वहां से जा सकता था, लेकिन उसका मन उसे ऐसा करने की अनुमति नहीं दे रहा था।

उसने सोचा कि यदि इस समय युवती के साथ कोई अनहोनी हो गई तो वह स्वयं को कभी माफ नहीं कर पाएगा।

वह लगभग आधे घंटे तक वहीं रुका रहा। फिर उसने युवती से कहा, “मेरे घर में भी तुम्हारे जैसी एक छोटी बहन है। मैं तुम्हें उसी की तरह समझकर सहायता करना चाहता हूं। कृपया मेरी बात मान लो।”

युवती कुछ शांत हुई, लेकिन फिर भी झिझक रही थी।

तब जय ने अपना बटुआ निकालकर कहा, “इसमें मेरा पहचान पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस है। तुम इन्हें अपने पास रख लो। मैं तुम्हें सुरक्षित स्थान तक छोड़ दूंगा। वहां पहुंचकर इन्हें लौटा देना।”

युवती ने पहचान पत्र देखा। उस पर जय का नाम और पता लिखा था। आखिरकार उसे विश्वास हुआ और वह मोटरसाइकिल पर बैठ गई।

लगभग चालीस किलोमीटर चलने के बाद युवती ने एक स्थान पर रुकने को कहा। वह मोटरसाइकिल से उतरकर एक गली की ओर चली गई और कुछ ही क्षणों में आंखों से ओझल हो गई।

जय को संतोष था कि युवती सुरक्षित अपने घर के निकट पहुंच गई होगी।

जब वह घर पहुंचा तो रात के तीन बज चुके थे। पिता, माता और छोटी बहन उसकी प्रतीक्षा कर रहे थे। पिता ने देर से आने पर उसे डांटा, लेकिन जय बिना कुछ कहे अपने कमरे में चला गया।

अगली सुबह लगभग ग्यारह बजे छोटी बहन ने उसे जगाया।

“भैया! नीचे कोई लड़की अपने माता-पिता के साथ आई है। पिताजी तुम्हें बुला रहे हैं।”

जय नीचे पहुंचा तो सामने वही युवती खड़ी थी।

वह मुस्कुराते हुए बोली, “भैया, आश्चर्य हुआ न? आपके बटुए में रखे पहचान पत्र से आपका पता मिला। आपसे धन्यवाद कहे बिना मैं कैसे रह सकती थी? आपने मेरी सहायता की, जबकि मैंने आपके साथ ठीक से व्यवहार भी नहीं किया। इसके लिए मैं क्षमा चाहती हूं।”

युवती के माता-पिता ने जय को हृदय से आशीर्वाद दिया और उसकी सहायता के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

यह दृश्य देखकर जय के पिता की आंखें भर आईं। उन्होंने बेटे को गले लगाकर कहा, “मुझे तुम पर गर्व है, बेटा! तुमने आज सिद्ध कर दिया कि अच्छे संस्कार ही मनुष्य की सबसे बड़ी पहचान हैं। रात को तुम्हारी चिंता में मैंने तुम्हें डांट दिया था, इसके लिए मुझे क्षमा करना।”

जय ने पिता को गले लगाते हुए कहा, “पिताजी, आप भी तो मेरी चिंता के कारण ही क्रोधित हुए थे।”

यह सुनकर माता और छोटी बहन भी उससे लिपट गईं। पूरे घर में प्रेम, विश्वास और गर्व का सुंदर वातावरण छा गया।

शिक्षा

किसी की सहायता करना केवल उपकार नहीं, बल्कि मानवीय कर्तव्य है। सच्ची मदद वही है जिसमें दूसरे व्यक्ति की सुरक्षा, सम्मान और इच्छा का पूरा ध्यान रखा जाए।

याद रखिए, किसी जरूरतमंद की सहायता करते समय उसके प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव रखना ही अच्छे संस्कार हैं।

कभी-कभी हमारा एक छोटा-सा नेक कार्य किसी के जीवन में विश्वास की नई रोशनी जगा सकता है।

### आज का सुविचार

“दूसरों के जीवन में उजाला करने के लिए स्वयं का बड़ा होना जरूरी नहीं, बस दिल में इंसानियत का दीपक जलना चाहिए।”

सदैव प्रसन्न रहिये। जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है। दूसरों की मदद कीजिए, क्योंकि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं।

प्रस्तुति: देवभूमि जेके न्यूज, ऋषिकेश

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