उत्तराखंड

हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय गीता ग्लोरी अवार्ड समारोह, 51 विभूतियां सम्मानित*

देव भूमि जे के न्यूज, हरिद्वार, 31 अक्टूबर। हरिद्वार स्थित दिव्य चेतन आश्रम में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय गीता ग्लोरी अवार्ड एवं शांति सम्मेलन-2026 का भव्य आयोजन किया गया।…

देव भूमि जे के न्यूज, हरिद्वार, 31 अक्टूबर। हरिद्वार स्थित दिव्य चेतन आश्रम में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय गीता ग्लोरी अवार्ड एवं शांति सम्मेलन-2026 का भव्य आयोजन किया गया। धरा धाम इंटरनेशनल और पंडित तिलक राज शर्मा स्मृति न्यास, अमेरिका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय समारोह में भारत सहित विभिन्न देशों की 51 विभूतियों को उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह में आध्यात्मिक गुरु, शिक्षाविद्, पत्रकार, साहित्यकार, लेखक, दार्शनिक और समाजसेवियों ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेश को विश्वभर में प्रसारित करना तथा प्रेम, करुणा, मानवता, विश्वशांति और अंतरधार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम में पंडित तिलक राज शर्मा स्मृति न्यास, अमेरिका के मुख्य न्यासी डॉ. इंद्रजीत शर्मा, इंडोनेशिया के प्रख्यात आध्यात्मिक एवं धार्मिक गुरु डॉ. धर्म यश ई. मादे तथा धरा धाम इंटरनेशनल के प्रमुख एवं मानद कुलपति सौहार्द शिरोमणि संत सौरभ जी महाराज प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। विभिन्न देशों से आए अतिथियों की उपस्थिति ने सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

समारोह में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। इनमें नी वायन रसमावती, देसाक पुतु सुदियास्तरी, मादे द्वि अंदिनी, देवा पुतु सुचिआर्ता, न्योमन अस्थाना कृष्ण पुत्र, केतुत सिल्वी कार्तिका, नी न्योमन आयु श्रीनति, नी केतुत राय पुष्पावती, आई केतुत विदर्मा, डॉ. बनवारीलाल जाजोदिया, डॉ. पुष्पा सिंह, रॉबर्टो गाल्बियाती, डेनियल डी पाल्मा तथा महंत ऋषिश्वरानंद महाराज शामिल रहे।

भारतीय विभूतियों को भी उनके सामाजिक, शैक्षिक, साहित्यिक, आध्यात्मिक एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. शंभू पंवार, डॉ. सर्वेश कांत वर्मा, डॉ. निशा अग्रवाल, डॉ. नारायण यादव, श्वेतिमा माधव प्रिया, डॉ. रागिनी पांडेय, डॉ. सच्चिदानंद झा शांडिल्य, अधिवक्ता केशव पांडेय, डॉ. शिवेश्वर दत्त पांडेय, डॉ. पी. एन. पांडेय, डॉ. विनीत कुमार, डॉ. टीकम सोनी, डॉ. शक्ति कुमार पांडेय, डॉ. गीतांजलि अरोड़ा, डॉ. बी. एल. यादव, डॉ. आशा शुक्ला, राजेश सिंह दतानपुरिया तथा हर्ष त्रिपाठी प्रमुख रहे।

सम्मानित व्यक्तित्वों में डॉ. शंभू पंवार अंतरराष्ट्रीय पत्रकार, दार्शनिक, लेखक एवं चिंतक होने के साथ धरा धाम इंटरनेशनल के धरा गवर्नर हैं। डॉ. सर्वेश कांत वर्मा वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर एवं लेखक हैं, जबकि डॉ. निशा अग्रवाल शिक्षाविद् हैं। डॉ. नारायण यादव एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निदेशक हैं। श्वेतिमा माधव प्रिया अंतरराष्ट्रीय बाल भागवत कथावाचक के रूप में पहचान रखती हैं तथा डॉ. रागिनी पांडेय मिसेज इंडिया, देहदानी एवं कवयित्री हैं।

इसी क्रम में डॉ. सच्चिदानंद झा शांडिल्य यूनाइटेड गुरुकुल काउंसिल के अध्यक्ष, अधिवक्ता केशव पांडेय दिव्य गंगा सेवा मिशन हरिद्वार के राष्ट्रीय समन्वयक, डॉ. शिवेश्वर दत्त पांडेय ग्राम टुडे समाचारपत्र के प्रबंध संपादक तथा डॉ. पी. एन. पांडेय स्वतंत्र पत्रकार एवं विजन दैनिक समाचारपत्र के प्रबंध संपादक हैं।

डॉ. टीकम सोनी समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। डॉ. गीतांजलि अरोड़ा गीतांजलि काव्य प्रसार मंच की अध्यक्ष, डॉ. बी. एल. यादव वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर तथा डॉ. आशा शुक्ला कवयित्री हैं। राजेश सिंह दतानपुरिया उत्तर प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के प्रदेश अध्यक्ष हैं, जबकि हर्ष त्रिपाठी धरा धाम इंटरनेशनल के प्रतिनिधि हैं।

सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं को वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला सार्वभौमिक दर्शन है। इसमें निहित कर्म, कर्तव्य, नैतिकता, समभाव, आत्मसंयम और परोपकार की शिक्षाएं व्यक्ति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

वक्ताओं ने कहा कि आज दुनिया अनेक प्रकार के संघर्षों, तनावों और वैचारिक मतभेदों से गुजर रही है। ऐसे समय में गीता का संदेश मानवता को जोड़ने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा देता है। धर्म और संस्कृति की विविधताओं के बावजूद प्रेम, करुणा और मानवता ऐसे मूल्य हैं, जो पूरी दुनिया को एक सूत्र में बांध सकते हैं।

आयोजकों ने वसुधैव कुटुम्बकम् अर्थात एक मानवता, एक परिवार की भावना को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने का आह्वान किया। साथ ही विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और समुदायों के बीच संवाद, सहयोग एवं आपसी सम्मान को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

अंतरराष्ट्रीय गीता ग्लोरी अवार्ड एवं शांति सम्मेलन-2026 ने शिक्षा, अध्यात्म, साहित्य, पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही विभूतियों को सम्मानित करने के साथ ही विश्वशांति और मानव कल्याण का व्यापक संदेश दिया। समारोह का मूल भाव यही रहा कि श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं को आत्मसात कर एक शांतिपूर्ण, समरस और मानवीय विश्व का निर्माण किया जा सकता है।

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