उत्तराखंड

आज का पंचांग, राशिफल और प्रेरक प्रसंग: नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की आराधना का विशेष महत्व.

*देवभूमि जेके न्यूज़ | ऋषिकेश | 11 अक्टूबर 2026* रविवार, 11 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हो रहा है। नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम…

आज का पंचांग, राशिफल और प्रेरक प्रसंग: नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की आराधना का विशेष महत्व.


*देवभूमि जेके न्यूज़ | ऋषिकेश | 11 अक्टूबर 2026*

रविवार, 11 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हो रहा है। नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु घरों और मंदिरों में घटस्थापना कर सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे। रविवार को सूर्यदेव की उपासना का भी विशेष महत्व माना जाता है।

## आज का पंचांग

**दिन:** रविवार
**तिथि:** आश्विन शुक्ल प्रतिपदा
**विक्रम संवत:** 2083
**शक संवत:** 1948
**मास:** आश्विन
**पक्ष:** शुक्ल पक्ष
**नक्षत्र:** चित्रा, इसके बाद स्वाति
**योग:** वैधृति
**करण:** किंस्तुघ्न, इसके बाद बव
**सूर्योदय:** लगभग सुबह 6:16 बजे
**सूर्यास्त:** लगभग शाम 5:51 बजे
**प्रमुख पर्व:** शारदीय नवरात्र आरंभ, घटस्थापना, मां शैलपुत्री पूजन एवं महाराजा अग्रसेन जयंती।

**शुभ समय:** ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:37 से 5:26 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:40 से दोपहर 12:27 बजे तक तथा विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 से 2:45 बजे तक।

**राहुकाल:** शाम लगभग 4:24 से 5:51 बजे तक।

पंचांग के समय स्थान के अनुसार अलग हो सकते हैं। घटस्थापना के लिए स्थानीय पंचांग अथवा पुरोहित से शुभ समय की पुष्टि करें।

## आज का राशिफल

**मेष:** आर्थिक दृष्टि से दिन बेहतर रह सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होने से लाभ की संभावना है। सामाजिक गतिविधियों में समय बीतेगा। संतान पर खर्च बढ़ सकता है। स्वास्थ्य और आराम पर ध्यान दें।

**वृषभ:** दिन मिश्रित फल देने वाला रह सकता है। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ेंगी और अधिकारियों का भरोसा मिलेगा। व्यवसाय में ग्राहकों की अपेक्षाओं पर ध्यान दें। पारिवारिक मामलों में संयम बनाए रखें।

**मिथुन:** मानसिक शांति बनी रह सकती है। आर्थिक मामलों में थोड़ी परेशानी संभव है। कार्यक्षेत्र में साझेदारों से मतभेद से बचें। किसी मांगलिक आयोजन में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।

**कर्क:** दिन की शुरुआत में कुछ बाधाएं आ सकती हैं, लेकिन बाद में परिस्थितियां अनुकूल होंगी। खर्च अधिक रहने से बचत प्रभावित हो सकती है। शाम तक महत्वपूर्ण कार्य पूरे होने की संभावना है।

**सिंह:** व्यापारिक व्यस्तता बढ़ सकती है। वाणी और व्यवहार से सफलता मिलेगी। धन प्राप्ति से उत्साह बढ़ेगा। संतान की जरूरतों पर ध्यान दें और परिवार के लिए समय निकालें।

**कन्या:** लापरवाही से नुकसान हो सकता है। आर्थिक लेन-देन सोच-समझकर करें। यात्रा की योजनाओं में बाधाएं आ सकती हैं। परिवार में कठोर शब्दों के प्रयोग से बचें। शाम को किसी कार्य में सफलता मिल सकती है।

**तुला:** व्यवसाय में किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को अवसर मिलने की संभावना है। विवाद से बचें और कार्यभार के बीच स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

**वृश्चिक:** मानसिक तनाव कम होने से राहत मिल सकती है। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। धन प्राप्ति में देरी संभव है, लेकिन धैर्य और व्यवहार कुशलता से काम आगे बढ़ेंगे।

**धनु:** परिवार और मित्रों के साथ मनोरंजन का समय मिल सकता है। गलतफहमियों से बचें। परोपकार से संतोष मिलेगा। दांपत्य जीवन में सुधार की संभावना है। स्वयं और परिजनों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

**मकर:** भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें। दूसरों के बहकावे में आने से बचें। धन लाभ के लिए मेहनत करनी पड़ सकती है। परिवार में मतभेद होने पर संयम रखें। सरकारी कार्यों में सफलता के लिए प्रयास जारी रखें।

**कुंभ:** दिन मिला-जुला रह सकता है। अनुबंधों में देरी से लाभ प्रभावित हो सकता है। अधिकारियों से बातचीत में संयम रखें। परिवार के प्रति जिम्मेदारियां निभाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें।

**मीन:** घरेलू मामलों में सफलता और संतोष मिल सकता है। बाहरी कार्यों में अवसर मिलने की संभावना है। नए अनुबंधों पर बातचीत आगे बढ़ सकती है। परिवार का सहयोग लाभदायक रहेगा। महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें।

*नोट: राशिफल पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित सामान्य मार्गदर्शन है। इसे निश्चित भविष्यवाणी न माना जाए।*

## आज का प्रेरक प्रसंग: एक मिनट का मौन

एक कस्बे में एक पुराना पुस्तकालय था, जहां प्रतिदिन विद्यार्थी पढ़ने आते थे। पुस्तकालय के संचालक वर्मा चाहते थे कि अधिक से अधिक बच्चे वहां आकर पढ़ें। उन्होंने पुस्तकालय को बेहतर बनाने के लिए एक बैठक बुलाई।

बैठक में शिक्षक, विद्यार्थी और कर्मचारी शामिल हुए। वर्मा ने कहा, “हम पुस्तकालय को और अच्छा बनाना चाहते हैं। आप सभी अपने सुझाव दीजिए।”

किसी ने नई मेज-कुर्सियां खरीदने की बात कही, किसी ने दीवारों पर सुंदर चित्र लगाने का सुझाव दिया, तो किसी ने अधिक किताबें मंगवाने की आवश्यकता बताई।

हर व्यक्ति अपनी बात कहने में व्यस्त था। कोई दूसरे की बात पूरी होने तक रुक नहीं रहा था। काफी देर तक चर्चा चली, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया।

तभी पुस्तकालय के बुजुर्ग कर्मचारी रामलाल ने विनम्रता से कहा, “यदि आप सब अनुमति दें, तो मैं एक छोटा-सा सुझाव देना चाहता हूं।”

वर्मा ने कहा, “अवश्य, बताइए।”

रामलाल बोले, “निर्णय लेने से पहले क्या हम एक मिनट मौन रह सकते हैं? इस दौरान हम केवल यह सोचें कि पुस्तकालय आने वाले बच्चों को वास्तव में किस चीज की सबसे अधिक आवश्यकता है।”

सभी ने उनका सुझाव स्वीकार कर लिया। एक मिनट तक कमरे में शांति रही।

इसके बाद वर्मा ने कहा, “आइए, अब हम अपनी पसंद के बजाय बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बात करें।”

एक विद्यार्थी ने बताया, “सर, दोपहर में पुस्तकालय में बहुत शोर होता है। यदि शांत वातावरण मिल जाए, तो हम अधिक समय तक पढ़ सकेंगे।”

दूसरे विद्यार्थी ने बताया कि परीक्षा के दिनों में जरूरी संदर्भ पुस्तकें कम होने के कारण सभी विद्यार्थियों को उनका लाभ नहीं मिल पाता।

अब बैठक की दिशा बदल चुकी थी। सभी एक-दूसरे की बातें ध्यान से सुनने लगे। निर्णय लिया गया कि पहले शांत अध्ययन क्षेत्र बनाया जाएगा और जरूरत के अनुसार जरूरी पुस्तकों की अतिरिक्त प्रतियां मंगवाई जाएंगी। सजावट और नई कुर्सियों पर बाद में विचार किया जाएगा।

कुछ सप्ताह बाद पुस्तकालय का वातावरण बदल गया। विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए बेहतर सुविधाएं मिलने लगीं और जरूरी किताबें भी आसानी से उपलब्ध होने लगीं।

एक दिन वर्मा ने रामलाल से कहा, “आपने तो केवल एक मिनट मौन रखने का सुझाव दिया था, लेकिन उसी एक मिनट ने हमारी पूरी बैठक की दिशा बदल दी।”

रामलाल मुस्कुराए और बोले, “साहब, कभी-कभी हमारे पास विचारों की कमी नहीं होती। कमी केवल इतनी होती है कि हम दूसरों की बात सुनने के लिए रुकते नहीं हैं। जब हम अपनी बात कहने की जल्दी छोड़ते हैं, तभी सही बात समझने का अवसर मिलता है।”

वर्मा ने सहमति में सिर हिलाया। उस दिन से पुस्तकालय की बैठकों में यह नियम बना दिया गया कि पहले सभी की बात ध्यान से सुनी जाएगी और फिर निर्णय लिया जाएगा।

**शिक्षा:** अच्छा निर्णय केवल अधिक विचार रखने से नहीं, बल्कि दूसरों के विचारों को ध्यान से सुनने से भी बनता है। अपनी बात कहने जितना ही महत्व दूसरों की बात समझने को दें। कई बार समाधान वहीं मिलता है, जहां हम सुनने के लिए रुकते हैं।

## आज का संदेश

जीवन में सफलता केवल बोलने से नहीं, बल्कि सही समय पर सुनने, समझने और धैर्य रखने से भी मिलती है। परिवार हो, समाज हो या कार्यस्थल—दूसरों के विचारों का सम्मान करना बेहतर संबंधों और सही निर्णयों की नींव है।

**सदैव प्रसन्न रहिए—जो प्राप्त है, पर्याप्त है।
जिसका मन मस्त है—उसके पास समस्त है।**

देवभूमि जेके न्यूज़ परिवार की ओर से सभी पाठकों को रविवार और शारदीय नवरात्र के प्रथम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। मां शैलपुत्री सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सद्बुद्धि प्रदान करें।

**आपका दिन मंगलमय हो।**

*देवभूमि जेके न्यूज़ | ऋषिकेश, उत्तराखंड*

प्रकाशन संबंधी आवश्यक सूचना: पंचांग के तिथि-समाप्ति समय, घटस्थापना मुहूर्त और अन्य समयों का प्रकाशन से पहले ऋषिकेश के प्रमाणित स्थानीय पंचांग से मिलान कर लें।

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