देव भूमि जेके न्यूज ऋषिकेश, 27 सितंबर। बेटी दिवस के अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े समाजसेवी, अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के संस्थापक अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय सनातन संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. राजे नेगी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेटियां और वन, दोनों ही मानव जीवन के सबसे बड़े धन हैं।
डॉ. नेगी ने कहा कि बेटियां केवल परिवार की खुशियों का आधार नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। जिस प्रकार वन पर्यावरण, जल और जीवन की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार बेटियां संस्कार, संवेदना और मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाने का कार्य करती हैं। इसलिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के साथ-साथ वन संरक्षण को भी जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने समाज से आह्वान किया कि प्रत्येक बेटी को समान शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। परिवार और समाज बेटियों के सपनों को पूरा करने में सकारात्मक भूमिका निभाएं, ताकि वे अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सकें।
डॉ. नेगी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा लगाए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधे को वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करना भी हमारा सामूहिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि बेटियों के चेहरे की मुस्कान और हरियाली से भरे जंगल, दोनों ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और सुखद भविष्य के प्रतीक हैं। “बेटी है तो कल है और वन हैं तो जीवन है”—इसी संकल्प के साथ समाज को बेटियों के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।





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