देवभूमि जेके न्यूज ऋषिकेश- लक्ष्मण झूला स्थित घुघतानी गांव में पुराने रास्ते बंद होने से आने-जाने में आ रही ग्रामीण एवं स्थानीय लोगों के परेशानी को देखते हुए स्वामी समर्पणानंद सरस्वती ने प्रधानमंत्री ,मुख्यमंत्री एवं संबंधित विभागों को प्रार्थना पत्र देकर यह मांग उठाई है कि जो पूर्व में रास्ता था उसे पुनर्जीवित किया जाए ताकि आम जनता की परेशानियां दूर हो सके अपने लिखित प्रार्थना पत्र में स्वामी जी ने लिखा है कि
सेवा में,
माननीय प्रधानमंत्री जी, भारत सरकार, नई दिल्ली
माननीय मुख्यमंत्री जी, उत्तराखंड सरकार
जिलाधिकारी महोदय, टिहरी गढ़वाल
उपजिलाधिकारी महोदय, नरेंद्र नगर
अधिशासी अधिकारी महोदय, नगर पंचायत तपोवन
विषय: वर्ष 1975 से प्रचलित अस्पताल मार्ग के त्वरित पुनर्स्थापन एवं उसे एम्बुलेंस योग्य बनाए जाने हेतु अत्यावश्यक अनुरोध
महोदय,
सविनय निवेदन है कि संबंधित मार्ग वर्ष 1975 से, जब से उक्त भूमि स्थापित हुई है, निरंतर आवागमन हेतु उपयोग में रहा है। इस तथ्य की पुष्टि आवश्यकता पड़ने पर पूर्व ग्राम प्रधान श्री भगवान सिंह पुंडीर एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा की जा सकती है।
यह मार्ग न केवल आश्रम तक पहुँचने का मुख्य साधन रहा है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के दैनिक आवागमन हेतु भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। पूर्व में ग्रामीण इस मार्ग का उपयोग पारंपरिक जल-चालित आटा चक्की (घराट) तक पहुँचने के लिए करते थे।
वर्तमान में इस मार्ग का महत्व अत्यधिक बढ़ गया है, क्योंकि वर्ष 2017 से हमारे द्वारा एक अस्पताल संचालित किया जा रहा है, जिसे अब एक विस्तारित गैर-लाभकारी परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दृष्टि से यह मार्ग आपातकालीन सेवाओं, मरीजों के आवागमन एवं आवश्यक वस्तुओं के परिवहन हेतु अत्यंत आवश्यक है।
किन्तु वर्तमान में इस मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय एवं जर्जर हो चुकी है, जिससे आवागमन लगभग बाधित हो गया है। वर्तमान में आश्रम तक पहुँच केवल पैदल अथवा घोड़े के माध्यम से ही संभव है, जो विशेष रूप से मरीजों एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए अत्यंत चिंताजनक एवं असुरक्षित स्थिति है।
यह भी उल्लेखनीय है कि इस संबंध में क्षेत्रीय कानूनगो द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया था, किन्तु अत्यंत खेद का विषय है कि निरीक्षण रिपोर्ट में आश्रम तक जाने वाले इस मुख्य मार्ग के पुनर्स्थापन अथवा मरम्मत का कोई उल्लेख नहीं किया गया, जबकि अन्य विषयों को सम्मिलित किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि पूर्व निरीक्षण अपूर्ण एवं वास्तविक स्थिति का समुचित आकलन नहीं किया गया।
साथ ही, यह भी निवेदन है कि अगस्त 2025 में उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा के पश्चात से हम इस विषय में निरंतर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करते रहे हैं। हमने नगर पंचायत तपोवन, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल, उपजिलाधिकारी नरेंद्र नगर, माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय एवं सचिवालय के उच्च अधिकारियों को अनेक बार लिखित एवं मौखिक रूप से इस गंभीर समस्या से अवगत कराया है।
किन्तु अत्यंत खेद के साथ निवेदन करना पड़ रहा है कि अब तक हमारे मुख्य विषय पर किसी भी स्तर पर कोई ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई है तथा न ही जमीनी स्तर पर कोई कार्यान्वयन हुआ है। यह स्थिति विषय की गंभीरता के विपरीत है, जबकि यह मामला सीधे जनहित, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आपातकालीन सहायता से जुड़ा हुआ है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि:
प्रकरण में तत्काल पुनः स्थल निरीक्षण (Fresh Inspection) कराया जाए।
मार्ग की वर्तमान स्थिति का निष्पक्ष एवं विस्तृत आकलन किया जाए।
संबंधित अस्पताल मार्ग की शीघ्र मरम्मत, सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण किया जाए।
मार्ग को पूर्ण रूप से एम्बुलेंस योग्य बनाया जाए।
संबंधित विभागों को निर्देशित कर तथ्यात्मक एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
यह विषय सीधे तौर पर जनहित, आपातकालीन सेवाओं एवं अस्पताल तक सुगम पहुँच से संबंधित है, अतः किसी भी प्रकार की लापरवाही के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
अतः आपसे पुनः विनम्र अनुरोध है कि इस अत्यंत महत्वपूर्ण विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें।
धन्यवाद।
भवदीय,
स्वामी समर्पणानंद सरस्वती
स्वामी समर्पण आश्रम की ओर से
मोबाइल: 9897166340
