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*आज का राशिफल*
*17 मई 2026 , रविवार*
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन पिछले कुछ दिनों से बेहतर रहेगा। आराम करने के लिए प्रयाप्त समय मिलेगा। रुके हुए कार्य पूर्ण होने से भी धन लाभ होगा। सामाजिक गतिविधियों में पूरा समय दे सकोगे। संध्या का समय मनोरंजन वाला रहेगा। उत्तम भोजन के साथ गृहस्थ का सुख मिलेगा। सन्तानो़ं पर खर्च करना पड़ सकता है। किसी गुप्त चिंता के कारण बेचैनी भी रह सकती है। ध्यान देने से सेहत आज अच्छी बनी रहेगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वु , वे, वो)
आज का दिन मिश्रित फल देगा पूर्वार्ध में सेहत थोड़ी नरम रह सकती है जिसके कारण आलस्य भी रहेगा। काम बेमन से करने पड़ेंगे व्यवहार में भी रुखापन रहने से संबंधो में खटास रहेगी। धीरे धीरे स्थिति में सुधार होगा कार्य स्थल पर महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से व्यस्तता बढ़ेगी। अधिकारी वर्ग आज आप पर ज्यादा भरोसा दिखाएँगे। व्यवसायी वर्ग आज चाह कर भी बेहतर सेवा नहीं दे पाएंगे जिस कारण आलोचना हो सकती है। पुराने कार्यो को पूर्ण करने के बाद ही नए कार्य हाथ लें। परिवार में तनाव रह सकता है।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज भी दिन का अधिकांश समय शांति से व्यतीत होगा। थोड़ी आर्थिक परेशानियां रह सकती है परंतु मानसिक रूप से दृढ़ रहेंगे। जिस भी कार्य को करने की ठानेंगे उसे हानि-लाभ की परवाह किये बिना पूर्ण करके छोड़ेंगे। कार्य क्षेत्र पर अन्य व्यक्ति अथवा भगीदारो की दखलंदाजी से थोड़ी परेशानी एवं बहस हो सकती है। किसी मांगलिक आयोजन में सम्मिलित होने का अवसर भी मिलेगा। बाहर की अपेक्षा घर में समय बिताना पसंद करेंगे। संध्या के समय धन लाभ हो सकता है।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज दिन के आरम्भ में बनते कार्यो में रुकावट आने से अधिक भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। मध्यान तक थोड़े बहुत कार्य सफल होने से धन की आमद होगी परन्तु खर्च भी अधिक रहने से बचत नहीं कर पाएंगे। दोपहर के बाद से घर एवं बाहर सहयोगी वातावरण बनने से कार्यो में सरलता रहेगी। समय से पहले ही कार्यो को पूर्ण करने में जुट जाएंगे संध्या के समय तक अधिकांश कार्य पूर्ण होने से धन की आवक होने लगेगी। धार में शांति रहेगी सामाजिक क्षेत्र से प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आप व्यापारिक गतिविधियों की व्यस्तता के चलते परिवार के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पाएंगे। वाणी एवं व्यवहार के बल पर कार्यो में थोड़े परिश्रम से अधिक सफलता मिल सकेगी। मनोबल भी आज बढ़ा हुआ रहेगा। परंतु आज आपको कोई ना कोई कमी भी अनुभव होगी। धन का आगमन होने से थकान भूल जाएंगे। संतानों पर ध्यान देंने की आवश्यकता है। स्त्री से सम्बन्ध भावनात्मक रहेंगे। सुख के साधनों पर खर्च करेंगे।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आप अधिक लापरवाह रहने के कारण हानि उठा सकते है। प्रातः काल से ही यात्रा पर्यटन की योजना बनेगी परन्तु इसमें व्यवधान भी आएंगे। कार्य क्षेत्र पर अल्प लाभ से संतोष करना पड़ेगा। नौकरों के ऊपर ज्यादा विश्वास हानि का कारण बन सकता है। वाणी में कठोरता रहने से घर में कलह रहेगी। आर्थिक लेन-देन सोच समझ कर करें। पारिवारिक सदस्य अथवा अन्य भी अपने काम से ही बात करेंगे। संध्या के समय किसी महत्त्वपूर्ण कार्य के बनने से प्रसन्न रहेंगे।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
व्यवसाय के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयास आज फलीभूत होने से आर्थिक समस्याओं का समाधान होगा। बेरोजगार व्यक्तियों को भी रोजगार मिलने की सम्भावना अधिक है। आपसे वाद-विवाद में कोई नहीं जीत पायेगा। बड़बोलेपन के कारण महिलाओं से मतभेद हो सकते है। दिन के उत्तरार्ध में कार्य भार बढ़ने से कमर अथवा अन्य अंगों में दर्द की शिकायत रहेगी। पारिवारिक वातावरण में उतार-चढ़ाव आएंगे फिर भी आनंद रहेगा। आकस्मिक लाभ होगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आपको सुख शांति प्रदान करेगा। कुछ दिनों से चल रही मानसिक खींच तान कम होने से राहत अनुभव होगी। कार्य क्षेत्र पर केवल धन लाभ पाने के उद्देश्य से कार्य ना करे व्यवहार में कुशलता एवं मिठास रखने से अप्राप्त लक्ष्मी भी प्राप्त कर सकते है। पारिवारिक जीवन में आनंद रहेगा। मित्र रिश्तेदारो से घर में चहल पहल बनेगी कही घूमने की योजना बन सकती है। धन लाभ में विलम्ब होगा परन्तु कार्य रुकेंगे नहीं। सेहत में थोड़ा उतार-चढ़ाव लगा रहेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आप कार्य क्षेत्र से कुछ समय निकालकर मित्र परिवार के साथ मनोरंजन में व्यतीत करेंगे परन्तु आज गलतफहमियों से दूर रहना अति आवश्यक है व्यर्थ के टकराव होने की संभावना है। परोपकार का शुभ फल भी मिलने से प्रसन्नता भी रहेगी। कार्य क्षेत्र पर कम समय देने के बाद भी संतोषजनक धन लाभ हो जाएगा। दाम्पत्य जीवन पहले से बेहतर रहेगा। सन्तानो की प्रगति की सूचना मिलेगी। स्वयं एवं परिजनों की सेहत का विशेष ध्यान रखें। आयवश्यक वस्तुओ पर ही खर्च करेंगे।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आप भावनाओ में बहकर अनुचित कदम उठा सकते है। लोगो के बहकावे में ना आये अन्यथा मान हानि कोर्ट-कचहरी की नौबत आ सकती है। प्रेम प्रसंगों से आज दूरी बनाना ही बेहतर रहेगा। आलसी प्रवृति का लाभ प्रतिस्पर्धी उठा सकते है सावधान रहें। धन लाभ के लिये आज विशेष परिश्रम करना पड़ेगा फिर भी संतोष जनक लाभ हो जाएगा। घर में भाई बंधू अथवा स्त्री से अनबन हो सकती है। सरकारी कार्यो में सफलता मिलेगी। जोड़ो सम्बन्धित समस्या रह सकती है।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन मिला-जुला रहेगा। सेहत लगभग सामान्य रहेगी। आज किसी अनुबंध के आगे रुकने से धन लाभ की कामना अधूरी रहेगी। व्यवसाय के ऊपर अधिक ध्यान देने के बाद भी कार्य विलम्ब से पूर्ण होंगे लाभ के कई अवसर मिलेंगे परन्तु धनागम के लिए थोड़ी प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। अधिकारी वर्ग भी गर्म हो सकते है। सफ़ेद वस्तुओ के कार्य से जुड़े जातको को आकस्मिक धन लाभ अथवा नए अनुबंध मिल सकते है। परिवार के लिए आप महत्त्वपूर्ण रहेंगे। व्यर्थ की यात्रा हो सकती है।
मीन🐳 दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन ग्रह स्थिति में थोड़ा बदलाव आने से आपको घरेलु मामलो में सफलता मिलेगी। परन्तु आज किसी अन्य क्षेत्र पर अन्य व्यक्ति आपकी कमजोरी का फायदा उठा सकता है। आज किसी के आगे समर्पण कर सकते है इसका फल शुभ ही रहेगा। बाहरी स्थान के कार्यो में सफलता की संभावना ज्यादा रहेगी। नए अनुबंध भी मिल सकते है। पत्नी अथवा किसी अन्य महिला के भाग्य से लाभ होगा। अविवाहितो कि लिए नए रिश्ते आएंगे। मानसिक रूप से संतोषी रहेंगे।
🔅 *_कृपया ध्यान दें👉_*
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं हैं।
🌷आपका दिन मंगलमय हो।🌷
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*”शिक्षाप्रद कहानी”*
*!!!..-बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा गाँव में 1998 की बाढ़ वाली रात जब मिट्टी का घर आधा डूब गया था, तब रामसुभग पासवान की झोपड़ी में एक लड़का पैदा हुआ। दाई ने कहा, लड़का है। रामसुभग ने छत से टपकते पानी में ही माथा टेका। नाम रखा मनीष।*
*रामसुभग खेतिहर मजदूर, दिन के अस्सी रुपये। माँ सुनीता दूसरों के घर बर्तन। घर दो कमरे, एक में भैंस, एक में चार लोग। मनीष, उसकी बड़ी बहन, माँ बाप।*
*बचपन याद है तो भूख। स्कूल में मिड डे मील के लिए जाता। किताबें पुरानी, फटी। बिजली नहीं, लालटेन में पढ़ता। बारिश में छत चूती, तो किताब को पन्नी में लपेटता।*
*पाँचवीं में मास्टर ने पूछा, बड़ा हो कर क्या बनेगा। सबने कहा, पुलिस, फौजी। मनीष ने कहा, आविष्कारक। मास्टर हँसे, पहले चप्पल तो ले आ।*
*मनीष के पास चप्पल नहीं थी। वह नंगे पैर तीन किलोमीटर स्कूल जाता। रास्ते में कूड़े से टूटी रेडियो, मोटर उठा लाता। घर में खोलता, जोड़ता। माँ डाँटती, कबाड़ मत ला। वह कहता, इसमें बिजली है।*
*आठवीं में गाँव में पहली बार कंप्यूटर आया, ब्लॉक ऑफिस में। मनीष देखने गया। ऑपरेटर ने भगाया। वह रोज़ खिड़की से देखता। एक दिन ऑपरेटर ने दया कर के माउस पकड़ाया। मनीष ने पेंट में घर बनाया। उसी दिन तय किया, दुनिया बदलनी है।*
*दसवीं में 92 प्रतिशत आए। पूरे जिले में अखबार में नाम। हेडमास्टर ने कहा, साइंस ले। फीस कहाँ से। रामसुभग ने भैंस बेच दी। माँ ने मंगलसूत्र गिरवी रखा। मनीष रोया। बाप ने कहा, तू पढ़, हम देख लेंगे।*
*ग्यारहवीं में वह पटना गया, सरकारी कोचिंग। एक कमरे में छह लड़के। वह रात को लाइब्रेरी में पढ़ता, दिन में ट्यूशन पढ़ाता, पचास रुपये घंटा। खाना एक टाइम।*
*उसी साल गाँव में हैजा फैला। तालाब का पानी पीने से। उसकी बहन भी बीमार। अस्पताल दूर, पैसे नहीं। बहन बच गई, पर तीन बच्चे मर गए। मनीष ने तालाब देखा, गंदा, हरा। उसने सोचा, अगर पानी साफ हो जाए तो…।*
*वहीं से सवाल जन्मा।*
*बारहवीं में उसने आईआईटी की तैयारी की। किताबें सेकंड हैंड, नोट्स माँगे हुए। 2016 में रिजल्ट आया, रैंक 1,247। आईआईटी खड़गपुर, मैकेनिकल। गाँव में पहली बार कोई आईआईटी गया। डीएम आए, मिठाई बाँटी। रामसुभग की आँखों में आँसू, बोला, अब भैंस खरीदेंगे।*
*हॉस्टल में मनीष को पहली बार लगा वह गरीब है। लड़कों के लैपटॉप, जूते। उसके पास एक बैग। वह चुप रहता, पढ़ता। पहले सेमेस्टर में टॉप किया। प्रोफेसर ने पूछा, क्या करना चाहते हो। उसने कहा, सस्ता वॉटर प्यूरिफायर। सब हँसे।*
*दूसरे साल उसने लैब में काम शुरू किया। पुराने वॉटर फिल्टर महंगे, बिजली चाहिए, मेंटेनेंस। गाँव में बिजली नहीं। उसने सोचा, मिट्टी, धूप, कुछ ऐसा।*
*तीसरे साल उसने मिट्टी के घड़े, सिल्वर नैनो पार्टिकल, और सोलर हीट का मॉडल बनाया। एक घड़ा जो बिना बिजली के पानी को 99 प्रतिशत साफ करे, कीमत दो सौ रुपये। प्रोफेसर ने कहा, इम्पॉसिबल। उसने रात भर टेस्ट किए।*
*चौथे साल फंड नहीं मिला। उसने कॉलेज फेस्ट में मॉडल दिखाया। एक एनजीओ वाले ने देखा। दस हजार दिए। मनीष ने गाँव जाकर पहला प्रोटोटाइप लगाया। तालाब का पानी डाला, नीचे साफ पानी। गाँव वाले पहले डरे, फिर पिया। कोई बीमार नहीं हुआ।*
*डिग्री के बाद उसे बेंगलुरु में जॉब ऑफर, बीस लाख पैकेज। माँ ने कहा, ले ले। उसने मना किया। कहा, मैं कंपनी बनाऊँगा। दोस्तों ने कहा, पागल है।*
*उसने खड़गपुर में ही इनक्यूबेशन लिया। नाम रखा, नीर। दो दोस्त जुड़े। उन्होंने घड़े को और बेहतर किया। मिट्टी लोकल, सिल्वर कोटिंग कम, धूप से चार्ज होने वाला यूवी ढक्कन। कीमत 199 रुपये। एक घड़ा एक परिवार के लिए साल भर।*
*पहले साल पाँच हजार घड़े बेचे, बिहार, ओड़िशा में। दूसरे साल एक वीडियो वायरल हुआ। एक बच्ची कह रही थी, पहले पेट दुखता था, अब नहीं। रतन टाटा ट्रस्ट ने नोटिस लिया। फंड मिला, पाँच करोड़।*
*मनीष ने फैक्ट्री नहीं लगाई। उसने मॉडल बदला। गाँव की औरतों को ट्रेनिंग दी, घड़े बनाना। मिट्टी फ्री, भट्ठा कम्युनिटी का। हर घड़े पर बनाने वाली का नाम। इससे रोजगार भी, पानी भी।*
*2023 तक दस लाख घड़े। 2024 में अफ्रीका से कॉल आया, केन्या। वही समस्या। मनीष गया। वहाँ भी औरतों को सिखाया। डिज़ाइन ओपन सोर्स कर दिया। कहा, पेटेंट नहीं, पानी सबका।*
*दुनिया बदलनी शुरू हुई। डब्ल्यूएचओ ने रिपोर्ट दी, नीर घड़े से डायरिया केस 40 प्रतिशत घटे। यूनिसेफ ने पार्टनरशिप की। 2025 में मनीष को मैग्सेसे अवार्ड मिला। स्टेज पर वह फटी चप्पल वाली फोटो दिखा कर बोला, मैं गरीब था, इसलिए अमीर सॉल्यूशन नहीं बना पाया। मुझे सस्ता बनाना पड़ा।*
*आज 2026 में, मनीष अट्ठाईस साल का है। उसकी कंपनी का वैल्यूएशन नहीं, इम्पैक्ट है। पचास देशों में तीन करोड़ लोग उसका घड़ा इस्तेमाल करते हैं। उसने खुद के लिए कुछ नहीं लिया। वही पुराना कुर्ता। माँ के लिए पक्का घर बनवाया, रोसड़ा में। बाप अब भी खेत जाता है, कहता है आदत है।*
*पिछले महीने वह गाँव के स्कूल गया। वही स्कूल जहाँ मिड डे मील खाता था। बच्चों ने पूछा, सर आपने दुनिया कैसे बदली। उसने कहा, मैंने नहीं बदली। मैंने सिर्फ पानी साफ किया। दुनिया तुम बदलोगे, जब तुम याद रखोगे कि गरीबी कमी नहीं, लैब है। जहाँ हर प्रॉब्लम सामने दिखती है।*
*उसने बच्चों को एक घड़ा दिया। कहा, इसे खोलो। अंदर कुछ नहीं, मिट्टी। बोला, दुनिया बदलने के लिए रॉकेट नहीं चाहिए, मिट्टी चाहिए, और जिद।*
*शाम को वह तालाब किनारे गया, जहाँ बहन बीमार हुई थी। अब वहाँ नीर के घड़े लाइन से रखे थे। औरतें पानी भर रही थीं। एक बच्ची दौड़ कर आई, बोली, भैया पानी पियोगे। उसने पिया। वही स्वाद, मिट्टी का, बचपन का।*
*रात को माँ ने पूछा, थकता नहीं। उसने कहा, माँ, जिस दिन थकूँगा, उस दिन याद करूँगा कि मैं उस घर में पैदा हुआ था जो बाढ़ में आधा डूबा था। अगर मैं तैर कर बाहर आ सकता हूँ, तो दुनिया भी तैर सकती है।*
*मनीष पासवान, गरीब परिवार का लड़का, जिसने आईआईटी की डिग्री को नौकरी नहीं, हथियार बनाया। जिसने पेटेंट को तिजोरी नहीं, नदी बनाया। आज उसकी वजह से स्कूलों में बच्चे पेट दर्द से नहीं मरते, औरतें मीलों पानी नहीं ढोतीं, गाँव में डॉक्टर कम आते हैं।*
*दुनिया बदलना बड़ी बात लगती है। मनीष कहता है, दुनिया बड़ी नहीं, प्यास बड़ी है। प्यास बुझा दो, दुनिया खुद बदल जाएगी।*
*रोसड़ा गाँव में आज भी जब कोई बच्चा नंगे पैर स्कूल जाता है, लोग कहते हैं, देखो, अगला मनीष जा रहा है। क्योंकि एक गरीब बच्चे ने साबित कर दिया, मेहनत से सिर्फ किस्मत नहीं, पूरी दुनिया बदली जा सकती है-..!!!*
*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है।।*
