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*आज का पञ्चांग *
*दिनांक :𝀈*
*_20/10/2025, सोमवार_*
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष,
कार्तिक
(समाप्ति काल)
तिथि——-चतुर्दशी 15:44:20 तक
पक्ष—————————कृष्ण
नक्षत्र————–हस्त 20:15:55
योग————–वैधृति 26:33:58
करण————शकुनी 15:44:20
करण———–चतुष्पद 28:47:25
वार————————-सोमवार
माह————————-कार्तिक
चन्द्र राशि———————कन्या
सूर्य राशि———————–तुला
रितु—————————-शरद
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर——————–विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर————–सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————–2082
गुजराती संवत—————-2081
शक संवत——————–1947
कलि संवत–‐—————-5126
सूर्योदय—————–06:23:17
सूर्यास्त——————17:44:12
दिन काल————– 11:20:55
रात्री काल————– 12:39:41
चंद्रास्त—————– 16:59:25
चंद्रोदय—————– 30:03:15
लग्न —- तुला 2°40′ , 182°40′
सूर्य नक्षत्र——————– चित्रा
चन्द्र नक्षत्र——————— हस्त
नक्षत्र पाया——————- रजत
*💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩💮 शुभा$शुभ मुहूर्त💮🚩*
राहू काल 07:48 – 09:14 अशुभ
यम घंटा 10:39 – 12:04 अशुभ
गुली काल 13:29 – 14:54 अशुभ
अभिजित 11:41 – 12:26 शुभ
दूर मुहूर्त 12:26 – 13:12 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:43 – 15:28 अशुभ
वर्ज्यम 29:08* – 30:55 अशुभ
प्रदोष 17:44 – 20:18. शुभ
*🚩💮 पद, चरण 💮🚩*
ष—- हस्त 07:00:14
ण—- हस्त 13:37:34
ठ—- हस्त 20:15:55
पे—- चित्रा 26:55:11
*🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
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सूर्य= तुला 02°49 , चित्रा 3 रा
चन्द्र= कन्या 16°30 , हस्त 2 ष
बुध = तुला 24°52 ‘ विशाखा 2 तू
शु क्र= कन्या 13°05, हस्त , 2 तू
मंगल= तुला 24°30 ‘ विशाखा 2 तू
गुरु= कर्क 00°30 पुनर्वसु, 4 ही
शनि=मीन 02°28 ‘ पूo भा o , 4 दी
राहू=(व) कुम्भ 21°55 पू o भा o, 1 से
केतु= (व) सिंह 21°55 पूoफा o 3 टी
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💮चोघडिया, दिन
अमृत 06:23 07:48 शुभ
काल 07:48 09:14 अशुभ
शुभ 09:14 10:39 शुभ
रोग 10:39 – 12:04 अशुभ
उद्वेग 12:04 – 13:29 अशुभ
चर 13:29 14:54 शुभ
लाभ 14:54 16:19 शुभ
अमृत 16:19 17:44 शुभ
🚩चोघडिया, रात
चर 17:44 19:19 शुभ
रोग 19:19 – 20:54 अशुभ
काल 20:54 22:29 अशुभ
लाभ 22:29 – 24:04* शुभ
उद्वेग 24:04* – 25:39* अशुभ
शुभ 25:39* – 27:14* शुभ
अमृत 27:14* – 28:49* शुभ
चर 28:49*- 30:24* शुभ
*नोट :-* दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
*चर-*
* चर में वाहन, मशीन आदि कार्य करें।
*उद्वेग-*
* उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें।
*शुभ-*
* शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें
*लाभ-*
* लाभ में व्यापार करें
*रोग-*
* रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें।
*काल-*
* में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है।
*अमृत-*
* में सभी शुभ कार्य करें।
💮होरा, दिन
चन्द्र 06:23- 07:20
शनि 07:20- 08:17
बृहस्पति 08:17 -09:14
मंगल 09:14 -10:10
सूर्य 10:10 -11:07
शुक्र 11:07 -12:04
बुध 12:04- 13:00
चन्द्र 13:00- 13:57
शनि 13:57- 14:54
बृहस्पति 14:54 -15:51
मंगल 15:51- 16:47
सूर्य 16:47 -17:44
🚩होरा, रात
शुक्र 17:44- 18:48
बुध 18:48 -19:51
चन्द्र 19:51- 20:54
शनि 20:54 -21:57
बृहस्पति 21:57- 23:01
मंगल 23:01- 24:04
सूर्य 24:04-25:07
शुक्र 25:07-26:11
बुध 26:11-27:14
चन्द्र 27:14-28:17
शनि 28:17-29:21
बृहस्पति 29:21-30:24
*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
तुला > 06:18 से 08:34 तक
वृश्चिक > 08:34 से 10:50 तक
धनु > 10:50 से 12:58 तक
मकर > 12:58 से 14:30 तक
कुम्भ > 14:30 से 16:10 तक
मीन > 16:10 से 17:40 तक
मेष > 17:40 से 19:10 तक
वृषभ > 19:10 से 21:04 तक
मिथुन > 21:04 से 23:32 तक
कर्क > 23:32 से 01:44 तक
सिंह > 01:44 से 03:48 तक
कन्या > 03:48 से 06:18 तक
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*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
15 + 14 + 2 + 1 = 32 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
केतु ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास एवं फल -:*
29 + 29 + 5 = 63 ÷ 7 = 0 शेष
शमशान वास = मृत्यु कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
*🚩💮 विशेष जानकारी 💮🚩*
*शुभ दीपावली ( प्रदोषे लक्ष्मी पूजन)
*निशिथे काली पूजन
*🚩💮 शुभ विचार 💮🚩*
न देवो विद्यते काष्ठे न पाषाणे न मृण्मये ।
भावे हि विद्यते देवस्तस्माद्भावो हि कारणम् ।।
।।चाo नीo।।
देवता न काठ में, पत्थर में, और न मिट्टी ही में रहते हैं वे तो रहते हैं भाव में। इससे यह निष्कर्ष निकला कि भाव ही सबका कारण है।
*🚩💮 सुभाषितानि 💮🚩*
गीता -: सांख्ययोग – अo-2
यनेहाभिक्रमनाशोऽस्ति प्रत्यवातो न विद्यते।
स्वल्पमप्यस्य धर्मस्य त्रायते महतो भयात्॥
इस कर्मयोग में आरंभ का अर्थात बीज का नाश नहीं है और उलटा फलरूप दोष भी नहीं है, बल्कि इस कर्मयोग रूप धर्म का थोड़ा-सा भी साधन जन्म-मृत्यु रूप महान भय से रक्षा कर लेता है
।।40।।
*🚩💮 दैनिक राशिफल 💮🚩*
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
यात्रा मनोनुकूल रहेगी। कारोबार से संतुष्टि रहेगी। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। प्रयास सफल रहेंगे। बुद्धि का प्रयोग करें। प्रमाद न करें। निवेश से लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव क्षेत्र बढ़ेगा। व्यापार-व्यवसाय में उत्साह से काम कर पाएंगे। भाग्य अनुकूल है, जल्दबाजी न करें। प्रसन्नता रहेगी।
🐂वृष
आंखों का विशेष ध्यान रखें। चोट व रोग से बचाएं। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। व्यवसाय की गति धीमी रहेगी। आय बनी रहेगी। नौकरी में कार्यभार रहेगा। थकान महसूस होगी। सहकर्मी सहयोग नहीं करेंगे। चिंता रहेगी।
👫मिथुन
व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। रोजगार मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट मनोनुकूल लाभ देगा। बुद्धि का प्रयोग करें। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण बनेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। कोई अनहोनी होने की आशंका रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा।
🦀कर्क
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। प्रसन्नता रहेगी। बिछड़े मित्र व संबंधी मिलेंगे। विरोधी सक्रिय रहेंगे। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में सहकर्मी सहयोग करेंगे। लाभ होगा। जल्दबाजी व लापरवाही से हानि होगी। राजकीय कोप भुगतना पड़ सकता है। विवाद न करें।
🐅सिंह
आय में निश्चितता रहेगी। शत्रु शांत रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय से लाभ होगा। बुरी खबर मिल सकती है, धैर्य रखें। दौड़धूप की अधिकता का स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ेगा। थकान व कमजोरी रह सकती है। वाणी में कड़े शब्दों के इस्तेमाल से बचें। दूसरों की बातों में नहीं आएं।
🙍♀️कन्या
किसी मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठा पाएंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। लेन-देन में सावधानी रखें। लाभ होगा।
⚖️तुला
स्थायी संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। मनपसंद रोजगार मिलेगा। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। कर्ज समय पर चुका पाएंगे। बैंक-बैलेंस बढ़ेगा। नौकरी में चैन रहेगा। व्यापार में वृद्धि के योग हैं। शेयर मार्केट से लाभ होगा। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। तनाव रहेगा।
🦂वृश्चिक
आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से खिन्नता रहेगी। बनते कामों में बाधा उत्पन्न होगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। काम में मन नहीं लगेगा। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होने से प्रसन्नता रहेगी। निवेश से लाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेंगे।
🏹धनु
वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखें। विशेषकर गृहिणियां लापरवाही न करें। आवश्यक वस्तुएं गुम हो सकती हैं। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे।
🐊मकर
धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। सत्संग का लाभ मिलेगा। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेश लाभ देगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जल्दबाजी से हानि संभव है।
🍯कुंभ
राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। व्यापार में वृद्धि होगी। स्त्री वर्ग से समयानुकूल सहायता प्राप्त होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वाणी में शब्दों का प्रयोग सोच-समझकर करें। प्रतिद्वंद्विता में कमी होगी।
🐟मीन
बिगड़े काम बनेंगे। निवेश मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। कोई पुराना रोग बाधा का कारण हो सकता है। सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। विरोध होगा। आर्थिक नीति में परिवर्तन होगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। तत्काल लाभ नहीं होगा।
*आपका दिन मंगलमय हो*
*💐खोया भी प्रभु का, पाया भी प्रभु का💐*
एक छोटे से कस्बे में *रामेश्वर* नाम का एक व्यक्ति काम करता था। वह सीधा-सादा, ईमानदार और मेहनती इंसान था। उसकी यही सच्चाई मालिक को भी भाती थी।
एक दिन अचानक वह बिना बताए काम पर नहीं आया।
मालिक ने सोचा — “शायद किसी परेशानी में होगा… चलो, इसकी तनख्वाह बढ़ा देते हैं, ताकि इसमें उत्साह आए और आगे और मन लगाकर काम करे।”
महीने के अंत में जब तनख्वाह बाँटी गई, तो रामेश्वर को पहले से ज्यादा रुपये मिले। उसने चुपचाप वे रुपये रख लिए।
ना कोई खुशी जताई, ना कोई सवाल पूछा।
कुछ महीने बाद एक दिन फिर वह अचानक अनुपस्थित रहा।
इस बार मालिक को गुस्सा आया — “इसकी तो आदत बन जाएगी, इसे सबक सिखाना चाहिए।”
उसने अगले महीने उसकी तनख्वाह घटाकर पहले जितनी कर दी।
पर अजीब बात हुई —
इस बार भी रामेश्वर ने बिना कुछ कहे वो पैसे ले लिए।
ना कोई शिकवा, ना शिकायत।
मालिक का मन चकरा गया।
वह सोच में पड़ गया — “जब तनख्वाह बढ़ाई तो कुछ नहीं कहा, अब घटाई तब भी नहीं कहा… आखिर ऐसा क्यों?”
दूसरे दिन उसने रामेश्वर को अपने केबिन में बुलाया और मुस्कुराते हुए पूछा,
> “रामेश्वर, एक बात बताओ… जब मैंने तुम्हारी तनख्वाह बढ़ाई थी तब भी तुमने कुछ नहीं कहा, और जब घटाई तब भी चुप रहे… आखिर ऐसा क्यों?”
रामेश्वर ने सिर झुकाकर बहुत ही शांत स्वर में कहा —
> “साहब, जब पहली बार मैं अनुपस्थित हुआ था, उस दिन मेरे घर एक बेटा हुआ था। मैं बहुत खुश था, पर साथ ही मन में चिंता भी थी — एक नई जिम्मेदारी आ गई है। उसी महीने जब आपने तनख्वाह बढ़ाई, तो मुझे लगा कि भगवान ने मेरे बेटे के पालन-पोषण का इंतज़ाम आपके हाथों से करवा दिया है।”
फिर वह थोड़ी देर रुका, आँखें नम हो गईं, और आगे बोला —
> “और जब दूसरी बार मैं अनुपस्थित हुआ था, उस दिन मेरी माँ इस संसार को छोड़कर चली गईं।
> जब आपने तनख्वाह घटाई, तो मुझे लगा — माँ अपना हिस्सा साथ ले गईं।
> मुझे तो बस यही समझ आया कि **जो मिलता है, वही प्रभु की इच्छा है, और जो चला जाता है, वो भी उसी की मर्जी से जाता है।**”
मालिक कुछ पल तक नि:शब्द बैठा रहा।
उसकी आँखों में भी नमी आ गई।
उसे एहसास हुआ — सच्ची आस्था और संतोष वहीं है, जहाँ मनुष्य हर परिस्थिति में प्रभु की कृपा देख सके।
उस दिन से मालिक जब भी जीवन में कोई कमी या विपत्ति देखता, तो उसे रामेश्वर की वो बात याद आ जाती —
> “जिसका ज़िम्मा खुद परमात्मा ने ले रखा है, उसके लिए मुझे क्यों चिंता करनी चाहिए?”
🌸 *जीवन का संदेश* 🌸
अगर कोई पूछे — *“क्या खोया, क्या पाया?”*
तो बस मुस्कुराकर कहना —
> “जो खोया वो मेरी नादानी थी,
> और जो पाया वो प्रभु की मेहरबानी थी।”
हम और ईश्वर का रिश्ता बहुत सुंदर है —
हम ज़्यादा माँगते नहीं,
और वो कभी कम देता नहीं…
*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है।।*
*🌹🌹🌸 दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं* 🌸🌹🌹
दीपों का यह पावन पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का प्रकाश भर दे।
माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा सदा आप और आपके परिवार पर बनी रहे।
शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा ।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते ॥
दीपज्योतिः परब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः ।
दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते ॥
आपको सपरिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।
*🙏✨ शुभकामनाओं सहित —*🙏
देवभूमि जे के न्यूज़,जयकुमार तिवारी।
