उत्तराखंड

*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग -एक और एक ग्यारह*

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*🔱आज का राशिफल🔱*
*🛕दिनांक : 17/06/2026, बुधवार🛕*

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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज दिन का पहला भाग सुख शांति से बीतेगा दैनिक कार्यो में सुस्ती दिखाएंगे घर में कोई अप्रिय घटना के कारण बाहर का वातावरण ज्यादा पसंद आएगा। मध्यान के बाद परिस्थिति बदलने लगेगी इसलिए धन संबंधित व्यवहार पहले ही कर लें इसके बाद का समय कलह क्लेश की भेंट चढेगा। महिलाये छोटी बातो को बड़ा चढ़ा कर घर का माहौल खराब करेंगी। नौकरी वाले लोगो को भी मध्यान बाद अधिकारियों की नाराजगी का शिकार बनना पड़ेगा। धन की आमद के लिए ज्यादा प्रयास करना पड़ेगा मध्यान बाद रुकने की संभावना है। मानसिक तनाव अधिक रहेगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन का पूर्वाध धन लाभ की संभावनाएं जगायेगा लेकिन स्वभाव में लापरवाही रहने से प्राप्ति में संशय रहेगा। आज स्वयं के बल पर किये गए कार्य ज्यादा फायदेमंद रहेंगे लेकिन आवश्यकता पड़ने पर किसी नापसन्द व्यक्ति की मदद लेनी पड़ेगी जो कि हानिकारक ही रहेगी। मध्यान बाद आर्थिक विषयो को लेकर भागदौड़ करनी पड़ेगी इसके परिणाम संध्या तक संतोषजनक रहेंगे। नौकरी वाले लोग आलसी व्यवहार के कारण कार्य क्षेत्र पर अव्यवस्था फैलाएंगे। परिजनों का सहयोग सानिध्य कार्यो को सरल बनाएगा। खान पान संयमित रखें पेट खराब हो सकता है।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज दिन के पूर्वार्ध में कुछ सोची हुई योजनाए पूर्ण होने से उत्साह में रहेंगे लेकिन अतिआत्मविश्वास की भावना निकट भविष्य में अवश्य ही कुछ ना कुछ हानि करायेगी। स्वभाव में भावुकता अधिक रहेगी किसी की भी बातो में जल्दी आ जाएंगे मध्यान बाद इसके कारण आर्थिक हानि होने की संभावना है। कार्य क्षेत्र पर मध्यान तक अधूरे कार्य समेटने पर ध्यान दें इसके बाद प्रत्येक कार्य मे जोखिम बढेगा इससे बचते बचते भी थोड़ा बहुत नुकसान होगा ही। आज आपको प्रतिस्पर्धियों की जगह स्वयं के निर्णयों को लेकर ज्यादा सन्देह रहेगा। धन की आमद खर्च के अनुपात में बराबर रहेगी। सेहत संध्या बाद प्रतिकूल बनेगी।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आप आर्थिक मामलों को लेकर ज्यादा गंभीर रहेंगे मध्यान तक का समय इस विषय मे निराशाजनक रहेगा लेकिन इसके बाद मेहनत का फल मिलने लगेगा। किसी पुराने संबंध से अचानक धन लाभ होने से कार्यो में उत्साह बढेगा लेकिन लाभ आज एकबार ही होकर रह जायेगा फिर भी मेहनत करते रहे आने वाला समय अवश्य ही अधिक लाभदायक रहेगा। सहकर्मियों का कारण थोड़ी बहुत परेशानी होगी फिर भी तालमेल बिठा लेंगे। दूर के संबंधियों से दोपहर बाद प्रसन्नता दायक समाचार मिलेंगे। छोटी मोटी नोकझोंक को छोड़ पारिवारिक वातावरण शांत रहेगा। सेहत भी सामान्य रहेगी।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज दिन का आरंभिक भाग हानि वाला रहेगा आवश्यक कार्यो को आज मध्यान तक टालना ही बेहतर रहेगा। दिन के आरंभिक भाग में मन में किसी अरिष्ट की आशंका से भय रहेगा। व्यवहार तो करेंगे लेकिन खुल कर अपनी बात किसी को बताने से हिचकिचाएंगे। मध्यान के बाद परिस्थिति सामान्य बनने लगेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन भविष्य की योजनाओं के लिए महत्त्वपूर्ण रहेगा। बुजुर्गो की बातों की अनदेखी ना करें। धन लाभ आज कम ही होगा लेकिन भविष्य में होने की संभावनाएं मजबूत होंगी। परिवार में किसी से गलती होने पर धैर्य से काम लें अन्यथा अशांति लंबे समय के लिए बनेगी।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज दिन आपके लिए अनुकूल बना हुआ है। आप जिस भी कार्य को आरम्भ करेंगे परिस्थितियां पहले से ही उसके योग्य बन जाएंगी। आस-पास का वातावरण भी हास्य-प्रमोद वाला मिलने से कठिन कार्य भी आसानी से पूर्ण कर लेंगे। व्यवसाय में निवेश आज न करें केवल योजना बना कर रखें भविष्य के लिए लाभदायक रहेगा। आज किये गए शुभकर्म अति लाभदायक सिद्ध होंगे।
सेहत में मामूली गिरावट अनुभव करेंगे। कार्य क्षेत्र पर थोडी माथापच्ची करनी पड़ सकती है परंतु धन लाभ के प्रयास अवश्य सफल होंगे। पैतृक संबंधो से आकस्मिक लाभ होगा। सरकारी कार्य कल के लिए छोड़ना बेहतर रहेगा। स्त्री से सुख मिलेगा।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज दिन के आरंभ में कार्य व्यवसाय अथवा सरकारी क्षेत्र से राहत वाले समाचार मिलेंगे। सरकारी कार्यो को आज प्राथमिकता दें थोड़े से परिश्रम से संतोषजनक परिणाम मिल सकते है। सार्वजनिक क्षेत्र पर योगदान देने से सम्मान में वृद्धि होगी। आज आप किसी की भी सहायता के लिये तैयार रहेंगे स्वभाव में मृदुता बिगड़े कामो को बनाने में मददगार रहेगी। धन की आमद पहले से ही निश्चित रहेगी संध्या बाद नए काम से भी अकस्मात मिलने की संभावना है। कार्य क्षेत्र पर विरोधी आज कम ही रहेंगे लेकिन परिवार में पैतृक संबंधित मामलों को लेकर स्वयंजन ही वैर भाव रखेंगे। शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहेंगे।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन थोड़ा राहत प्रदान करेगा। सेहत में सुधार आएगा लेकिन कार्यो के प्रति चिता रहते हुए भी ज्यादा गंभीरता नही दिखाएंगे। धर्म कर्म के प्रति विशेष लगाव रहेगा। गूढ़ विषयो को जानने में अधिक रुचि लेंगे। नास्तिक लोग भी आज चमत्कारिक रूप से धर्म का पालन करते दिखेंगे। विद्यार्थी वर्ग पढाई के प्रति चंचल रहेंगे। कार्य व्यवसाय के लिए आज का दिन सामान्य ही रहेगा सहयोगी वातावरण रहने के बाद भी लाभ खर्च बराबर रहेंगे। परिवार में थोड़ी नोक-झोंक हो सकती है। व्यवहार में मधुरता रखे अटके काम बन जाएंगे। बड़े लोगो की दया दृष्टि रहने से अपनी बात मनवा लेंगे। परिजनों के साथ मित्र की तरह व्यवहार करने से आनंद की प्राप्ति होगी।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज दिन के पहले भाग को छोड़ शेष भाग में कुछ ना कुछ शारीरिक एवं मानसिक विषमताएं जन्म लेंगी सेहत की जांच समय रहते करा लें अन्यथा बाद में परेशानी बढ़ेगी। दिन भर सतर्क रहने की आवश्यकता है। सेहत नरम रहने से स्वभाव मे चिढ़चिढ़ापन आएगा फलस्वरूप किसी प्रियजन से मन मुटाव के प्रसंग बनेंगे। आर्थिक कारणों से चिंता बैचेनी रहेगी। कार्य क्षेत्र पर मन कम लगेगा। कानूनी उलझनों में फंसने की संभावना है। विरोधी आपको नीचा दिखाने का हर संभव प्रयास करेंगे व्यर्थ के विवाद से दूरी बना कर रहें। आज आपके पुण्य उदय होने से धर्म-कर्म के प्रति आस्था बढ़ेगी आध्यात्म से जुड़े रहें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज आप जिस भी वस्तु की कामना करेंगे उसके लिए दोपहर तक परेशान रहेंगे माथापच्ची भी करनी पड़ेगी लेकिन दोपहर के बाद अधिकांश कामनाओ के पूर्ण होने की आशा जागेगी फिर भी कुछ एक कि ही प्राप्ती हो सकेगी। आज मेहनत करने से पीछे ना हटे जल्द ही स्थिति आपके पक्ष में बनने से धन धान्य की वृद्धि होगी। कार्य क्षेत्र पर जिस भी कार्य को करेंगे उसका लाभ पाने के लिये उतावले रहेंगे परन्तु आशाजनक परिणाम कल ही मिल सकेंगे। आपकी वाणी की सौम्यता नए सम्बंध स्थापित करने में सहायता करेगी। घर के किसी बुजुर्ग से शुभकार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। खर्च भी अधिक रहेगा। लंबी यात्रा से बचे सेहत ख़राब हो सकती है।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपके लिए मिश्रित फलदायक रहेगा। दिन के पूर्वार्ध में कार्य क्षेत्र पर बेहतर वातावरण मिलने से धन लाभ होगा। इसके बाद का समय गलत निर्णय लेने से हानिकर रहेगा लेकिन धन लाभ के कोई भी अवसर आज नहीं चूकेंगे। आकस्मिक खर्च रहने से आर्थिक समस्या बन सकती है। परिजनों का सहयोग बराबर मिलते रहने से मानसिक रूप से शान्ति रहेगी। मित्रो का भी साथ मिलेगा। स्वास्थ्य आज सर्दी जुखाम के कारण नरम रह सकता है फिर भी आपकी दिनचर्या पर इसका विशेष असर नहीं पड़ेगा। नौकरी व्यवसाय में आज आपके कार्य की प्रशंसा होगी। दाम्पत्य जीवन में सरसता बनी रहेगी। पत्नी संतान के साथ आज अच्छी पटेगी।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन व्यर्थ की भागदौड़ वाला रहेगा। दिन का आरंभिक भाग आज भी पुरानी बातें ताजा होने पर गरमा गर्मी में खराब होगा। मध्यान बाद कार्य व्यवसाय में थोड़ी स्थिरता आने से संतोष होगा आज आप जो भी सोचेंगे उसका उल्टा परिणाम मिलेगा इसलिए धन संबंधित अथवा अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यो को फिलहाल स्थगित रखें। स्वयं को ज्यादा बुद्धिमान दिखाने का प्रयास हास्य का पात्र बना सकता है विवेक से व्यवहार करें। नौकरी वालो को मेहनत का परिश्रम आज नही मिल सकेगा। सेहत को लेकर थोड़े चिंतित रहेंगे। परिजनों से संभलकर बात करें।
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*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*

*!! एक और एक ग्यारह !!*
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एक बार की बात है कि वनगिरी के घने जंगल में एक उन्मुक्त हाथी ने भारी उत्पात मचा रखा था। वह अपनी ताकत के नशे में चूर होने के कारण किसी को कुछ नहीं समझता था।

वनगिरी में ही एक पेड पर एक चिडिया व चिडे का छोटा-सा सुखी संसार था। चिडिया अंडों पर बैठी नन्हें-नन्हें प्यारे बच्चों के निकलने के सुनहरे सपने देखती रहती। एक दिन क्रूर हाथी गरजता, चिंघाडता पेडों को तोडता-मरोडता उसी ओर आया। देखते ही देखते उसने चिडिया के घोंसले वाला पेड भी तोड डाला। घोंसला नीचे आ गिरा। अंडे टूट गए और ऊपर से हाथी का पैर उस पर पड़ा।

चिडिया और चिडा चीखने चिल्लाने के सिवा और कुछ न कर सके। हाथी के जाने के बाद चिडिया छाती पीट-पीटकर रोने लगी। तभी वहां कठफोठवी आई। वह चिडिया की अच्छी मित्र थी। कठफोडवी ने उनके रोने का कारण पूछा तो चिडिया ने अपनी सारी कहानी कह डाली। कठफोडवी बोली “इस प्रकार गम में डूबे रहने से कुछ नहीं होगा। उस हाथी को सबक सिखाने के लिए हमें कुछ करना होगा।”

चिडिया ने निराशा दिखाई “हमें छोटे-मोटे जीव उस बलशाली हाथी से कैसे टक्कर ले सकते हैं?”

कठफोडवी ने समझाया “एक और एक मिलकर ग्यारह बनते हैं। हम अपनी शक्तियां जोडेंगे।”

“कैसे?” चिडिया ने पूछा।

“मेरा एक मित्र वींआख नामक भंवरा है। हमें उससे सलाह लेना चाहिए।” चिडिया और कठफोडवी भंवरे से मिली। भंवरा गुनगुनाया “यह तो बहुत बुरा हुआ। मेरा एक मेंढक मित्र है आओ, उससे सहायता मांगे।”

अब तीनों उस सरोवर के किनारे पहुंचे, जहां वह मेढक रहता था। भंवरे ने सारी समस्या बताई। मेंढक भर्राये स्वर में बोला “आप लोग धैर्य से जरा यहीं मेरी प्रतीक्षा करें। मैं गहरे पाने में बैठकर सोचता हूं।”

ऐसा कहकर मेंढक जल में कूद गया। आधे घंटे बाद वह पानी से बाहर आया तो उसकी आंखे चमक रही थी। वह बोला “दोस्तो! उस हत्यारे हाथी को नष्ट करने की मेरे दिमाग में एक बडी अच्छी योजना आई है। उसमें सभी का योगदान होगा।”

मेंढक ने जैसे ही अपनी योजना बताई, सब खुशी से उछल पडे। योजना सचमुच ही अदभुत थी। मेंढक ने दोबारा बारी-बारी सबको अपना-अपना रोल समझाया।

कुछ ही दूर वह उन्मत्त हाथी तोडफोड मचाकर व पेट भरकर कोंपलों वाली शाखाएं खाकर मस्ती में खडा झूम रहा था। पहला काम भंवरे का था। वह हाथी के कानों के पास जाकर मधुर राग गुंजाने लगा। राग सुनकर हाथी मस्त होकर आंखें बंद करके झूमने लगा।

तभी कठफोडवी ने अपना काम कर दिखाया। वह आई और अपनी सुई जैसी नुकीली चोंच से उसने तेजी से हाथी की दोनों आंखें बींध डाली। हाथी की आंखें फूट गईं। वह तडपता हुआ अंधा होकर इधर-उधर भागने लगा।

जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा था, हाथी का क्रोध बढता जा रहा था। आंखों से नजर न आने के कारण ठोकरों और टक्करों से शरीर जख्मी होता जा रहा था। जख्म उसे और चिल्लाने पर मजबूर कर रहे थे।

चिडिया कॄतज्ञ स्वर में मेढ़क से बोली “भैया, मैं आजीवन तुम्हारी आभारी रहूंगी। तुमने मेरी इतनी सहायता कर दी।”

मेढक ने कहा “आभार मानने की जरुरत नहीं। मित्र ही मित्रों के काम आते हैं।”

एक तो आंखों में जलन और ऊपर से चिल्लाते-चिंघाडते हाथी का गला सूख गया। उसे तेज प्यास लगने लगी। अब उसे एक ही चीज की तलाश थी, पानी।

मेढ़क ने अपने बहुत से बंधु-बांधवों को इकट्ठा किया और उन्हें ले जाकर दूर बहुत बडे गड्ढे के किनारे बैठकर टर्राने के लिए कहा। सारे मेढ़क टर्राने लगे।

मेढक की टर्राहट सुनकर हाथी के कान खडे हो गए। वह यह जानता ता कि मेढ़क जल स्त्रोत के निकट ही वास करते हैं। वह उसी दिशा में चल पड़ा।

टर्राहट और तेज होती जा रही थी। प्यासा हाथी और तेज भागने लगा।

जैसे ही हाथी गड्ढे के निकट पहुंचा, मेंढ़कों ने पूरा जोर लगाकर टर्राना शुरु किया। हाथी आगे बढा और विशाल पत्थर की तरह गड्ढे में गिर पडा, जहां उसके प्राण पखेरु उड़ते देर न लगे। इस प्रकार उस अहंकार में डूबे हाथी का अंत हुआ।

*शिक्षा:-*
1. एकता में बल है।
2. अहंकारी का देर या सबेर अंत होता ही है।

*सदैव प्रसन्न रहिये – जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है – उसके पास समस्त है।।*
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