उत्तराखंड

नीट-पीजी 2026 में हिम्स जौलीग्रांट के विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन.

देवभूमि जे के न्यूज,डोईवाला, 30 सितंबर 2026। राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित नीट-पीजी 2026 परीक्षा में हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स), जौलीग्रांट के एमबीबीएस विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन…

नीट-पीजी 2026 में हिम्स जौलीग्रांट के विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन.

देवभूमि जे के न्यूज,डोईवाला, 30 सितंबर 2026। राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित नीट-पीजी 2026 परीक्षा में हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स), जौलीग्रांट के एमबीबीएस विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। विद्यार्थियों ने शानदार रैंक हासिल कर अपनी मेहनत, लगन और चिकित्सा शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

हिम्स जौलीग्रांट के रिशु तिवारी, आयुषी कुकरेती, अनन्या खुल्लर, मानिकादित्य नेगी और मान्या सक्सेना सहित कई छात्र-छात्राओं ने नीट-पीजी 2026 में उत्कृष्ट रैंक प्राप्त की। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर संस्थान में खुशी का माहौल है। संस्थान प्रबंधन, शिक्षकों और सहपाठियों ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विद्यार्थियों की सफलता को संस्थान में उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, नियमित अकादमिक मार्गदर्शन और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। नीट-पीजी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षा में विद्यार्थियों का बेहतर प्रदर्शन संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

प्राचार्य डॉ. रेनू धस्माणा ने दी बधाई

हिम्स जौलीग्रांट की प्रिंसिपल डॉ. रेनू धस्माणा ने नीट-पीजी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता उनके परिश्रम के साथ-साथ शिक्षकों के समर्पण और संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण का भी प्रमाण है।

उन्होंने सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि ये विद्यार्थी भविष्य में चिकित्सा क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता और सेवाओं के माध्यम से समाज तथा देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

डॉ. रेनू धस्माणा ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को विशेषज्ञ चिकित्सक बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें कुशल, संवेदनशील और समाज के प्रति उत्तरदायी डॉक्टर के रूप में तैयार करना भी है। चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी दक्षता के साथ मरीजों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण भी बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि हिम्स में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। विद्यार्थियों को चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराने के साथ मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है।

नीट-पीजी 2026 में हिम्स जौलीग्रांट के विद्यार्थियों की उपलब्धि ने संस्थान के लिए एक और गौरवपूर्ण अवसर प्रदान किया है। संस्थान परिवार ने सभी सफल विद्यार्थियों को भविष्य में चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर कार्य करने और समाज की सेवा करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1
Discussion

0 Comments

Join the conversation

Share your view on this story. Your email address will not be published.