उत्तराखंड

*गंगा संरक्षण का संदेश लेकर ऋषिकेश में आयोजित हुई पांचवीं गंगा सस्टेनेबिलिटी रन*

देव भूमि जे के न्यूज,ऋषिकेश, 1 नवंबर 2026। मां गंगा के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को ऋषिकेश की…


देव भूमि जे के न्यूज,ऋषिकेश, 1 नवंबर 2026।

मां गंगा के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को ऋषिकेश की हिमालयी वादियों में पांचवीं ‘गंगा सस्टेनेबिलिटी रन-ऋषिकेश हिमालयाज’ का आयोजन किया गया। ‘रन फॉर अ क्लीनर गंगा, रन फॉर अ बेटर टुमारो’ के संदेश के साथ आयोजित इस दौड़ में खेल, स्वास्थ्य, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा संगम देखने को मिला। परमार्थ निकेतन के सहयोग से विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने हरी झंडी दिखाकर किया।

गंगा सस्टेनेबिलिटी रन-5.0 में धावकों के लिए 50 किलोमीटर, 35 किलोमीटर, 21 किलोमीटर और 10 किलोमीटर की चार श्रेणियां निर्धारित की गई थीं। प्रतियोगिता का शुभारंभ गंगा बैराज, नीलकंठ रोड स्थित एम्स ऋषिकेश के गेट नंबर-1 के सामने से हुआ। दौड़ का समापन जानकी सेतु पर बीटल्स आश्रम और परमार्थ निकेतन के मध्य निर्धारित स्थल पर किया गया। प्रतिभागियों ने जंगलों, पर्वतीय रास्तों, झरनों और मां गंगा की अविरल जलधारा के बीच दौड़ लगाकर हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता एवं समृद्ध जैव विविधता का अनुभव किया।

कार्यक्रम में टीएचडीसी के प्रबंध निदेशक एवं निदेशक (वित्त) सिपान कुमार गर्ग, ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, पूर्व महापौर अनीता ममगाईं, उद्योगपति दिलीप लाठी, श्रीमती लाठी सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं विशिष्टजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की जीवनधारा, आध्यात्मिक चेतना और प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। मां गंगा का संरक्षण वास्तव में जीवन, संस्कृति और संपूर्ण सृष्टि के संरक्षण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि गंगा सस्टेनेबिलिटी रन जैसे आयोजन हमें यह संदेश देते हैं कि मां गंगा की अविरलता और निर्मलता बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से स्वच्छ गंगा, स्वस्थ हिमालय और सुरक्षित भविष्य के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने आयोजन के लिए विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन के डॉ. राजेश एवं उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना विकसित करते हैं।

विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन के डॉ. राजेश ने कहा कि गंगा सस्टेनेबिलिटी रन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि मां गंगा के प्रति कृतज्ञता, प्रकृति के प्रति प्रतिबद्धता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मां गंगा को स्वच्छ और अविरल बनाए रखना किसी एक संस्था या संगठन का कार्य नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी भूमिका निभाएगा, तभी स्वच्छ, स्वस्थ और सतत भविष्य का निर्माण संभव होगा।

आयोजन का उद्देश्य केवल शारीरिक क्षमता और खेल भावना को प्रोत्साहित करना नहीं, बल्कि मां गंगा सहित समस्त प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देना भी रहा। दौड़ के माध्यम से प्रतिभागियों को स्वच्छता, जिम्मेदार जीवनशैली, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और प्रकृति के अनुकूल व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।

हिमालय की मनोरम पर्वत श्रृंखलाओं, प्राकृतिक झरनों, जंगलों और गंगा की अविरल धारा के बीच आयोजित इस दौड़ ने प्रतिभागियों को प्रकृति से जुड़ने और उसके संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम के समापन पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने प्रतिभागियों को फिनिशर मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। ‘हर कदम प्रकृति के लिए, हर श्वास मां गंगा के लिए’ के प्रेरक संदेश के साथ पांचवीं गंगा सस्टेनेबिलिटी रन ने समाज को स्वच्छ गंगा, स्वस्थ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

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