आज का पंचांग राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग
मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 — देवभूमि जेके न्यूज़ का दैनिक विशेष प्रकाशन
आज का पंचांग
आज मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 है। देहरादून के अनुसार आज आश्विन मास, कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे इन्दिरा एकादशी के रूप में भी जाना जाता है। आज एकादशी श्राद्ध का भी विशेष महत्व है।
तिथि: कृष्ण पक्ष एकादशी, 7 अक्टूबर की रात 12:34 बजे तक
नक्षत्र: अश्लेषा, रात 10:17 बजे तक; इसके बाद मघा
योग: सिद्ध योग सुबह 7:20 बजे तक, इसके बाद साध्य योग
करण: बव दोपहर 1:19 बजे तक, इसके बाद बालव
वार: मंगलवार
चंद्र राशि: कर्क, रात 10:17 बजे तक; इसके बाद सिंह
सूर्य राशि: कन्या
विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थी
शक संवत: 1948, पराभव
सूर्योदय: सुबह 6:14 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:57 बजे
शुभ मुहूर्त:
अभिजीत मुहूर्त — सुबह 11:42 से दोपहर 12:29 बजे तक
विजय मुहूर्त — दोपहर 2:03 से 2:50 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग — सुबह 6:14 से रात 10:17 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 3:02 से शाम 4:30 बजे तक
यमगंड: सुबह 9:10 से 10:38 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 12:06 से 1:34 बजे तक।
आज का विशेष संदेश: इन्दिरा एकादशी के अवसर पर श्रद्धा, संयम और सेवा का भाव बनाए रखें। पितरों के प्रति श्रद्धा और जरूरतमंदों की सहायता को विशेष महत्व दें।
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आज का विस्तृत राशिफल
मेष: आज आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए कार्यों को गति देने का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता की सराहना हो सकती है। धन के मामले में जल्दबाजी से बचें। परिवार में किसी सदस्य की बात को ध्यान से सुनें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अत्यधिक तनाव से बचना लाभदायक होगा।
वृषभ: आज मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। नौकरी और व्यवसाय में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है।
मिथुन: आज सीखने और नई योजनाओं पर काम करने के लिए अच्छा समय है। कार्यस्थल पर आपकी प्रबंधन क्षमता की सराहना हो सकती है। यात्रा की योजना बन सकती है। निवेश में सावधानी रखें और बिना पूरी जानकारी के आर्थिक निर्णय न लें। पुराने मित्रों से संपर्क लाभदायक रहेगा।
कर्क: आज भावनात्मक रूप से थोड़ा संवेदनशील रह सकते हैं। किसी करीबी व्यक्ति की बात मन को प्रभावित कर सकती है। कार्यक्षेत्र में धैर्य बनाए रखें। आर्थिक मामलों में संतुलित निर्णय लें। परिवार का सहयोग मिलेगा। मन को शांत रखने के लिए आध्यात्मिक गतिविधियों में समय देना लाभदायक रहेगा।
सिंह: आज नेतृत्व क्षमता सामने आएगी। किसी महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी आपको मिल सकती है। व्यवसाय में नई संभावना दिखाई दे सकती है। धन प्राप्ति के अवसर बनेंगे, लेकिन खर्च पर नियंत्रण जरूरी है। रिश्तों में अहंकार को बीच में न आने दें।
कन्या: आज योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का दिन है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। व्यवसाय में नई रणनीति लाभ दे सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें और पर्याप्त आराम लें।
तुला: आज सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से संपर्क भविष्य में लाभ दे सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारी मिलेगी। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा। खर्च और आय में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
वृश्चिक: आज मेहनत और धैर्य का फल मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सावधान रहें और अनावश्यक विवाद से दूर रहें। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें। परिवार में किसी पुराने मतभेद को बातचीत से सुलझाया जा सकता है।
धनु: आज नए अवसर आपके सामने आ सकते हैं। नौकरी या व्यवसाय से संबंधित यात्रा संभव है। आत्मविश्वास मजबूत रहेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी हो सकती है, लेकिन भविष्य के लिए बचत पर ध्यान दें। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा।
मकर: आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें अच्छी तरह संभाल पाएंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत दिखाई देगी। धन संबंधी कोई पुराना मामला सुलझ सकता है। परिवार में वरिष्ठ व्यक्ति की सलाह उपयोगी साबित होगी। स्वास्थ्य को लेकर दिनचर्या व्यवस्थित रखें।
कुंभ: आज रचनात्मक सोच से लाभ मिलेगा। व्यवसाय में नई योजना बनाने का अवसर मिलेगा। नौकरी करने वालों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। हालांकि, किसी पर आंख बंद करके भरोसा करने के बजाय परिस्थितियों को समझकर निर्णय लें।
मीन: आज मन में आध्यात्मिक विचार बढ़ेंगे। कामकाज में धैर्य से आगे बढ़ें। आर्थिक मामलों में दिन सामान्य रहेगा। किसी पुराने परिचित से महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। पारिवारिक रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए छोटी बातों को नजरअंदाज करना बेहतर होगा।
> नोट: राशिफल सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। इसे निश्चित भविष्यवाणी के रूप में न लें।
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आज का प्रेरक प्रसंग — असली चरित्र
एक छोटे से गाँव में रघुवीर नाम का मेहनती और सरल स्वभाव का व्यक्ति रहता था। वह बहुत दयालु था। गाँव में कोई परेशानी में होता तो रघुवीर अपनी सामर्थ्य के अनुसार उसकी सहायता जरूर करता। किसी को धन की जरूरत होती तो वह पैसे देता और किसी को खेत में मदद चाहिए होती तो अपना काम छोड़कर उसके साथ खड़ा हो जाता।
रघुवीर का सबसे करीबी मित्र सुधीर था। दोनों की मित्रता पूरे गाँव में प्रसिद्ध थी। सुधीर अक्सर कहता, “तुम मेरे भाई जैसे हो। जीवन में कभी भी मुझे तुम्हारी जरूरत होगी, मैं तुम्हारे साथ खड़ा रहूँगा।”
रघुवीर इन बातों पर विश्वास करता था।
समय बीता और रघुवीर ने अपनी मेहनत से एक छोटा व्यवसाय शुरू किया। धीरे-धीरे उसका काम बढ़ने लगा और आर्थिक स्थिति भी अच्छी हो गई। अब गाँव के लोग उससे सलाह लेने लगे। सुधीर भी अक्सर उसके पास आता और किसी न किसी काम के लिए सहायता मांगता। रघुवीर ने उसे कभी खाली हाथ नहीं लौटाया।
लेकिन एक दिन रघुवीर के व्यवसाय में अचानक बड़ा नुकसान हो गया। उसका काफी धन डूब गया और परिस्थितियां इतनी कठिन हो गईं कि उसे अपने खर्चों में भी कटौती करनी पड़ी।
कुछ दिनों बाद सुधीर उसके पास आया और बोला, “मुझे कुछ पैसों की बहुत जरूरत है। तुम मेरी मदद कर दो।”
रघुवीर ने विनम्रता से कहा, “भाई, इस समय मैं स्वयं कठिन परिस्थिति में हूं। अगर मेरे पास होते तो मैं तुम्हें जरूर देता।”
रघुवीर की बात सुनते ही सुधीर का व्यवहार बदल गया।
वह बोला, “जब तुम्हारे पास पैसा था, तब तो तुम बड़े भाई बनते थे। अब जरूरत के समय तुम्हारे पास कुछ नहीं है!”
रघुवीर चुप रहा।
इसके बाद सुधीर ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। जो व्यक्ति कभी रोज उसके घर आता था, अब रास्ते में मिलने पर भी नजरें फेरने लगा।
रघुवीर को दुख हुआ, लेकिन कुछ समय बाद उसे एक बड़ी सच्चाई समझ में आई—सुधीर की मित्रता रघुवीर से नहीं, बल्कि उसकी सामर्थ्य से थी।
रघुवीर ने हार नहीं मानी। उसने फिर मेहनत शुरू की और धीरे-धीरे अपना व्यवसाय दोबारा खड़ा कर लिया। इस बार उसने एक बात हमेशा के लिए याद रखी—लोगों की बातें नहीं, उनका व्यवहार याद रखना चाहिए।
एक दिन गाँव के एक बुजुर्ग ने उससे कहा, “बेटा, बुरा मत मानना। कभी-कभी जीवन में विपत्ति इसलिए आती है ताकि हमें अपने आसपास के लोगों का वास्तविक रूप दिखाई दे सके।”
रघुवीर मुस्कुराया और बोला, “अब मुझे समझ आ गया है कि किसी व्यक्ति का असली चरित्र तब सामने आता है, जब आप उसके मतलब के नहीं रहते।”
उस दिन के बाद रघुवीर ने किसी से घृणा नहीं की। उसने केवल इतना सीखा कि हर व्यक्ति पर आंख बंद करके विश्वास नहीं करना चाहिए।
शिक्षा
जब तक आप किसी के काम आते हैं, तब तक बहुत से लोग आपको अपना कहते हैं। लेकिन जब आप उनके किसी काम के नहीं रहते, तब उनके व्यवहार में आया परिवर्तन ही उनके वास्तविक चरित्र को सामने लाता है।
इसलिए किसी के बदल जाने पर स्वयं को दोष मत दीजिए। कुछ लोग आपके साथ इसलिए नहीं होते कि वे आपको चाहते हैं, बल्कि इसलिए होते हैं क्योंकि उन्हें आपसे कुछ चाहिए होता है।
समय सबका असली चेहरा दिखा देता है।
इसलिए अच्छे बने रहिए, लेकिन समझदार भी बनिए।
सदैव प्रसन्न रहिए।
जो प्राप्त है, वह पर्याप्त है। 💐







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