देव भूमि जे के न्यूज,ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश को आधुनिक, सुंदर और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में नगर निगम द्वारा विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष रखे गए 11 महत्वपूर्ण विकास प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने के बाद अब इन योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम शुरू हो गया है। महापौर शम्भू पासवान ने आज प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि स्वीकृत योजनाओं में आधे से अधिक कार्य धरातल पर पहुंच चुके हैं, जबकि शेष कार्यों को भी जल्द शुरू कर पूरा कराया जाएगा।
महापौर ने बताया कि ऋषिकेश में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चंद्रभागा नदी पर प्रस्तावित पुल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस पुल के बनने से रामझूला, जानकी झूला और लक्ष्मण झूला क्षेत्र में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। धार्मिक आयोजनों, विशेषकर यात्रा सीजन और कुंभ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान आवागमन सुगम बनाने में यह पुल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने बताया कि रायवाला में 25 करोड़ रुपये की लागत से निराश्रित गोवंश के लिए आश्रय केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इस केंद्र के बनने से शहर में घूमने वाले आवारा पशुओं की समस्या से निजात मिलने में मदद मिलेगी। गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिलने के साथ ही सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और यातायात संबंधी परेशानियों में भी कमी आएगी।

महापौर ने बताया कि घंटाघर से नीचे नगर निगम की गोपाल कुटी को भी नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। इसके कायाकल्प की योजना के तहत परिसर को आधुनिक और व्यवस्थित रूप दिया जाएगा।

शहर में बिजली की लाइनों को भूमिगत करने का कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। इससे सड़कों के ऊपर फैले बिजली के तारों से मुक्ति मिलेगी और शहर की सुंदरता के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा। विद्युत लाइनों के भूमिगत होने से आंधी-तूफान और अन्य परिस्थितियों में तारों से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।
महापौर ने बताया कि शहर में सीवर लाइन से संबंधित कार्य भी तेजी से चल रहे हैं। सीवर का काम पूरा होने के बाद विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि बार-बार सड़क खोदने की स्थिति न बने और नागरिकों को बेहतर सड़क सुविधाएं मिल सकें।
आस्था पथ पर सुबह-शाम सैर करने वाले लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बैठने के लिए तीन सीटों का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा बैराज से त्रिवेणी घाट तक दो सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इनके तैयार होने से गंगा तट पर सुबह-शाम भ्रमण करने वाले स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध होगी।
महापौर शम्भू पासवान ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में सड़क, नाली, पथ प्रकाश, सौंदर्यीकरण और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है। उनका कहना है कि विकास योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखकर समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना नगर निगम की प्राथमिकता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित सभी योजनाओं के पूरा होने से ऋषिकेश की तस्वीर बदलेगी। शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए तीर्थनगरी का अनुभव और अधिक सुविधाजनक एवं व्यवस्थित बनेगा।






0 Comments