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आज का पंचांग, दैनिक राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
आज का दिन हमें जीवन में धैर्य, कर्म, संतोष और ईश्वर की इच्छा पर विश्वास रखने का संदेश देता है। सुख-दुःख, लाभ-हानि और जीवन की परिस्थितियों के बीच मनुष्य को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सकारात्मक बने रहना चाहिए।
प्रेरक प्रसंग : विधि का विधान – जो होना है, वह होकर रहता है
भारतीय धर्मग्रंथों और आध्यात्मिक परंपराओं में विधि के विधान अर्थात भाग्य और नियति को लेकर अनेक प्रसंग मिलते हैं। ऐसा ही एक प्रेरक प्रसंग हमें जीवन की अनिश्चितता और ईश्वर की इच्छा के प्रति समर्पण का संदेश देता है।
भगवान श्रीराम का विवाह और राज्याभिषेक दोनों शुभ मुहूर्त में निर्धारित किए गए थे, लेकिन परिस्थितियों ने ऐसा मोड़ लिया कि उनका वैवाहिक जीवन भी अनेक कठिनाइयों से गुजरा और राज्याभिषेक के स्थान पर उन्हें चौदह वर्ष का वनवास मिला।
इसी संदर्भ में रामचरितमानस की प्रसिद्ध चौपाई कही जाती है—
“सुनहु भरत भावी प्रबल, बिलखि कहेउ मुनिनाथ। हानि लाभु जीवनु मरनु जसु अपजसु बिधि हाथ॥”
अर्थात जीवन में लाभ-हानि, जन्म-मृत्यु, यश-अपयश जैसी परिस्थितियां विधि के अधीन होती हैं।
पौराणिक मान्यताओं में भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, भगवान शिव और अनेक महापुरुषों के जीवन प्रसंग भी हमें बताते हैं कि महान से महान व्यक्तित्व को भी जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
इसी विषय पर एक प्रचलित पौराणिक कथा भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ और यमराज से जुड़ी है।
### गरुड़ और छोटी चिड़िया की कथा
कथा के अनुसार, एक बार भगवान विष्णु गरुड़ पर सवार होकर कैलाश पर्वत पहुंचे। भगवान विष्णु ने गरुड़ को द्वार पर रुकने के लिए कहा और स्वयं भगवान शिव से मिलने चले गए।
कैलाश की प्राकृतिक सुंदरता को देखकर गरुड़ मंत्रमुग्ध हो गए। तभी उनकी नजर एक छोटी और सुंदर चिड़िया पर पड़ी। गरुड़ का ध्यान उस चिड़िया की ओर आकर्षित हो गया।
कुछ ही देर में वहां यमराज पहुंचे। उन्होंने उस छोटी चिड़िया को आश्चर्य से देखा। गरुड़ समझ गए कि शायद उस चिड़िया की मृत्यु निकट है।
चिड़िया को बचाने के उद्देश्य से गरुड़ उसे अपने पंजों में लेकर हजारों कोस दूर एक जंगल में चट्टान पर छोड़ आए और वापस कैलाश लौट आए।
जब यमराज बाहर आए तो गरुड़ ने उनसे पूछा कि उन्होंने उस चिड़िया को इतनी आश्चर्य भरी दृष्टि से क्यों देखा था।
यमराज ने बताया कि उन्होंने चिड़िया को देखकर सोचा था कि कुछ ही समय बाद हजारों कोस दूर एक नाग के हाथों उसकी मृत्यु होनी है। वे आश्चर्य कर रहे थे कि इतनी छोटी चिड़िया इतनी कम अवधि में इतनी दूर कैसे पहुंचेगी।
यह सुनकर गरुड़ समझ गए कि जिस घटना को टालने के लिए उन्होंने प्रयास किया था, वही प्रयास उस चिड़िया को उसकी नियति के स्थान तक पहुंचाने का माध्यम बन गया।
यह कथा हमें सिखाती है कि मनुष्य को अपने सामर्थ्य के अनुसार अच्छे कर्म करते रहना चाहिए, लेकिन हर परिस्थिति को अपने नियंत्रण में मानकर अहंकार नहीं करना चाहिए।
### प्रसंग से मिलने वाली सीख
जीवन में हर परिस्थिति हमारे अनुसार नहीं होती। कभी सफलता मिलती है तो कभी असफलता, कभी सम्मान मिलता है तो कभी अपमान। ऐसे समय में निराश होने के बजाय धैर्य, विश्वास और कर्म का मार्ग अपनाना चाहिए।
मनुष्य का अधिकार उसके कर्म पर है, परिणाम पर नहीं। इसलिए अच्छे कर्म करते रहना ही जीवन की सबसे बड़ी साधना है।
सदैव प्रसन्न रहिए, सकारात्मक रहिए। जो प्राप्त है, वह पर्याप्त है और जो नहीं मिला, उसके लिए निराश होने के बजाय प्रयास करते रहिए।
नोट: गरुड़ और चिड़िया का प्रसंग एक प्रचलित लोककथा के रूप में प्रस्तुत है, इसे प्रमाणित शास्त्रीय उद्धरण न माना जाए।
आज का विस्तृत पंचांग
देहरादून एवं ऋषिकेश क्षेत्र के स्थानीय समयानुसार
| पंचांग विवरण | आज की स्थिति |
| —————- | —————————————- |
| दिन | शनिवार |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 |
| मास (पूर्णिमांत) | कार्तिक |
| मास (अमांत) | आश्विन |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि | षष्ठी शाम 4:57 बजे तक, फिर सप्तमी |
| नक्षत्र | आर्द्रा सुबह 7:12 बजे तक, फिर पुनर्वसु |
| योग | सिद्ध योग शाम 5:31 बजे तक, फिर साध्य |
| करण | वणिज शाम 4:57 बजे तक, फिर विष्टि (भद्रा) |
| चंद्र राशि | मिथुन |
| सूर्य राशि | तुला |
| ऋतु | शरद |
| अयन | दक्षिणायन |
सूर्य एवं चंद्रमा का समय
* सूर्योदय : सुबह 6:31 बजे
* सूर्यास्त : शाम 5:31 बजे
* चंद्रोदय : रात्रि 10:18 बजे
* चंद्रास्त : दोपहर लगभग 12:01 बजे
शुभ एवं अशुभ मुहूर्त
| मुहूर्त | समय |
| ————– | ————————- |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 4:47 से 5:39 |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:39 से दोपहर 12:23 |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 1:51 से 2:35 |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम लगभग 5:07 से 5:55 |
| प्रदोष काल | शाम 5:31 से 7:01 |
अशुभ समय
* राहुकाल : सुबह 9:16 से 10:38 बजे
* गुलिक काल : सुबह 6:31 से 7:53 बजे
* यमगण्ड : दोपहर 1:23 से 2:46 बजे
* भद्रा : शाम 4:57 बजे से अगले दिन तड़के लगभग 3:52 बजे तक।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल और भद्रा में शुभ कार्यों का आरंभ टालना उचित माना जाता है। अलग-अलग पंचांगों में गणना के कारण कुछ मिनटों का अंतर संभव है।
### आज का राशिफल : 12 राशियों का भविष्यफल
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 | सामान्य ज्योतिषीय फलादेश
1\. मेष राशि
आज आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। पुराने रुके हुए कार्यों को पूरा करने का प्रयास सफल हो सकता है। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। अनावश्यक विवादों से बचें।
शुभ रंग : लाल शुभ अंक : 9
2\. वृषभ राशि
आज का दिन आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। परिवार और मित्रों का सहयोग मिलेगा। पुराने संपर्क लाभदायक साबित हो सकते हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखें और खानपान में संयम बरतें।
शुभ रंग : हरा शुभ अंक : 5
3\. मिथुन राशि
चंद्रमा आपकी राशि में होने से मानसिक सक्रियता और संवाद क्षमता बढ़ सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में योजनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। परिवार में संतान से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। जल्दबाजी में निर्णय न लें।
शुभ रंग : आसमानी शुभ अंक : 5
4\. कर्क राशि
आज आपको अपने खर्चों और वाणी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में धैर्य से काम लें। किसी पुराने पारिवारिक विषय पर चर्चा हो सकती है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
शुभ रंग : सफेद शुभ अंक : 2
5\. सिंह राशि
आज आर्थिक और सामाजिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। मित्रों और सहयोगियों का साथ मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है। कारोबार में लाभ के अवसर बनेंगे। पारिवारिक जीवन में प्रसन्नता रहेगी।
शुभ रंग : सुनहरा शुभ अंक : 1
6\. कन्या राशि
आज कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और लगन का अच्छा परिणाम मिल सकता है। अधिकारियों के साथ संबंध बेहतर होंगे। व्यापार में नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, इसलिए समय का सही प्रबंधन करें। स्वास्थ्य और दिनचर्या का ध्यान रखें।
शुभ रंग : हरा शुभ अंक : 5
7\. तुला राशि
आज भाग्य का साथ मिलने के संकेत हैं, लेकिन कुछ कार्यों में देरी हो सकती है। नौकरी और कारोबार में सोच-समझकर निर्णय लें। वरिष्ठ लोगों की सलाह लाभदायक रहेगी। परिवार में किसी शुभ कार्य की चर्चा हो सकती है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।
शुभ रंग : गुलाबी शुभ अंक : 6
8\. वृश्चिक राशि
आज आपको विशेष सावधानी और धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता है। कार्यों में कुछ बाधाएं आ सकती हैं, लेकिन समझदारी से परिस्थितियों को संभाल लेंगे। आर्थिक लेन-देन में सतर्क रहें। किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा न करें। परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताएं।
शुभ रंग : मैरून शुभ अंक : 9
9\. धनु राशि
आज साझेदारी और पारिवारिक संबंधों के लिए दिन महत्वपूर्ण हो सकता है। व्यापार में सहयोगियों से लाभ मिलने की संभावना है। नौकरी में टीम के साथ मिलकर काम करने से अच्छे परिणाम मिलेंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता बनाए रखें। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा।
शुभ रंग : पीला शुभ अंक : 3
10\. मकर राशि
आज कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। पुराने अधूरे कार्यों को पूरा करने का अवसर मिलेगा। नौकरी और व्यापार में अनुशासन बनाए रखें। आर्थिक मामलों में बजट के अनुसार चलें। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें और पर्याप्त आराम करें।
शुभ रंग : नीला शुभ अंक : 8
11\. कुंभ राशि
आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। विद्यार्थियों के लिए दिन उत्साहवर्धक रह सकता है। नौकरी और व्यापार में नए विचार लाभदायक साबित हो सकते हैं। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा। प्रेम और पारिवारिक संबंधों में मधुरता बनाए रखें।
शुभ रंग : आसमानी शुभ अंक : 4
12\. मीन राशि
आज परिवार और घरेलू मामलों पर आपका विशेष ध्यान रहेगा। घर के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। नौकरी और व्यापार में योजनाबद्ध तरीके से काम करें। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न कर सकती है। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।
शुभ रंग : समुद्री हरा शुभ अंक : 7
राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित सामान्य संकेत हैं। इन्हें निश्चित भविष्यवाणी अथवा किसी महत्वपूर्ण निर्णय का एकमात्र आधार न मानें। दैनिक जागरण +2
आज का विशेष संदेश
शनिवार का दिन शनिदेव की आराधना और सेवा भाव के लिए समर्पित माना जाता है। आज जरूरतमंदों की सहायता करें, बुजुर्गों का सम्मान करें और अपने कर्मों को श्रेष्ठ बनाने का संकल्प लें।
जीवन में वही व्यक्ति सच्चा सुख प्राप्त करता है, जो परिस्थितियों से लड़ना भी जानता है और ईश्वर की इच्छा के सामने धैर्य रखना भी।
सदैव प्रसन्न रहिए, सकारात्मक रहिए।
जो प्राप्त है, वह पर्याप्त है।
प्रस्तुति : देवभूमि जेके न्यूज़, ऋषिकेश







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