देवभूमि जे के न्यूज, डोईवाला, 16 अक्टूबर। विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन के महत्व से अवगत कराने के साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान करने के व्यावहारिक तरीके भी बताए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रसाद ए. वाडेगावकर रहे।
कुलपति डॉ. वाडेगावकर ने कहा कि सतत विकास के वर्तमान दौर में विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें खाद्य उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मीडिया और विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए आमजन तक खाद्य सुरक्षा एवं पोषण से संबंधित सही जानकारी पहुंचाकर व्यापक जागरूकता पैदा की जा सकती है। सुरक्षित भोजन और संतुलित पोषण स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर वोकेशनल स्टडीज एंड स्किल डेवलपमेंट (सीवीएसएसडी) के विद्यार्थियों ने इस अवसर पर स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन परोसने की शपथ ली। विभागाध्यक्ष संजीव बिंजोला ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, रसोई में स्वच्छता और संतुलित पोषण स्वस्थ जीवन के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पाक कला के क्षेत्र में जिम्मेदारी और स्वच्छता के मानकों का पालन करते हुए कार्य करने का आह्वान किया।
वहीं, विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज (एसबीएस) में भी विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, विशेषज्ञ व्याख्यान, जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रदर्शन और खाद्य उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए फूड स्टॉल प्रमुख रहे। विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा के वैज्ञानिक पहलुओं, स्वच्छ पेयजल के महत्व और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की पहचान के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण फूड एडल्टरेशन टेस्टिंग वैन रही। इसके विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान करने के तरीके प्रदर्शित किए। इस प्रदर्शन के जरिए विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को बताया गया कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच करना क्यों आवश्यक है और मिलावट के प्रति जागरूक रहकर स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को किस प्रकार कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की, पतंजलि फूड्स लिमिटेड, नेचुरल हर्ब्स एंड फॉर्म्युलेशन लिमिटेड, यूकॉस्ट और उत्तराखंड जल संस्थान से जुड़े विशेषज्ञों ने सहभागिता की। इनमें कीर्तिराज गायकवाड़, डॉ. रामकृष्ण गुप्ता, डॉ. शशि रंजन, डॉ. भवतोष शर्मा और डॉ. विकास कंडारी शामिल रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, पौष्टिक आहार और उद्यमिता के महत्व को समझने का अवसर मिला। साथ ही, सुरक्षित भोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में खाद्य गुणवत्ता के मानकों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।





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