देवभूमि जेके न्यूज़, ऋषिकेश
15 अक्टूबर 2026, गुरुवार: आज का विस्तृत पंचांग, राशिफल, मां स्कंदमाता की पूजा और प्रेरक प्रसंग ‘मरघट वाले हनुमान’
देवभूमि जेके न्यूज़, ऋषिकेश। गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का पांचवां दिन है। आज आश्विन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता की उपासना से संतान सुख, पारिवारिक शांति, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आज के दिन उपांग ललिता व्रत का भी विशेष धार्मिक महत्व है। गुरुवार भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना के लिए भी शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं आज का पंचांग, शुभ-अशुभ समय, मां स्कंदमाता की पूजा विधि, सभी 12 राशियों का राशिफल और जीवन को प्रेरणा देने वाला प्रसंग ‘मरघट वाले हनुमान’।
आज का पंचांग
दिन: गुरुवार
तिथि: आश्विन शुक्ल पंचमी
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
मास: आश्विन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
ऋतु: शरद ऋतु
नक्षत्र: ज्येष्ठा
योग: सौभाग्य योग, इसके बाद शोभन योग
करण: बव, इसके बाद बालव
चंद्र राशि: वृश्चिक
सूर्य राशि: कन्या
दिशा शूल: दक्षिण दिशा
राहुकाल: दोपहर लगभग 1:35 से 3:00 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह लगभग 11:44 से दोपहर 12:30 बजे तक
सूर्योदय: लगभग सुबह 6:20 बजे
सूर्यास्त: लगभग शाम 5:50 बजे
चंद्रोदय: लगभग सुबह 10:45 बजे
चंद्रास्त: लगभग रात 8:45 बजे
नोट: पंचांग के समय दिल्ली क्षेत्र की गणना के आधार पर लगभग दिए गए हैं। ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में कुछ मिनटों का अंतर संभव है। तिथि 16 अक्टूबर की सुबह लगभग 3:25 बजे तक रहेगी।
आज के दिन का धार्मिक महत्व
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, पीले रंग की वस्तुओं का दान, जरूरतमंदों की सहायता और धार्मिक कार्य करने का विशेष महत्व बताया गया है।
आज शारदीय नवरात्रि का पांचवां दिन होने के कारण मां स्कंदमाता की उपासना का विशेष महत्व है। मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं। उनका स्वरूप वात्सल्य, ममता, करुणा और शक्ति का प्रतीक है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता की आराधना करने से भक्तों को मानसिक शांति, परिवार में सुख और जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति मिलती है।
मां स्कंदमाता की पूजा विधि
प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को साफ करें। मां दुर्गा तथा मां स्कंदमाता की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
इसके बाद मां को पुष्प, अक्षत, धूप, दीप, फल और नैवेद्य अर्पित करें। मां स्कंदमाता को पीले रंग के पुष्प और केले का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है।
पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप कर सकते हैं—
ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥
इसके बाद मां दुर्गा की आरती करें और परिवार की सुख-शांति, आरोग्य तथा समृद्धि की कामना करें। अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन कराएं और जरूरतमंद बच्चों की सहायता करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और सच्चे मन से की गई पूजा का महत्व केवल कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को करुणा, सेवा और सदाचार की प्रेरणा भी देती है।
आज का शुभ विचार
जीवन में परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। कभी सुख आता है, तो कभी कठिनाइयां सामने खड़ी हो जाती हैं। ऐसे समय में धैर्य, विश्वास और सकारात्मक सोच मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति बनते हैं।
आज का संदेश है—अपने कर्म पर विश्वास रखें, दूसरों के प्रति करुणा बनाए रखें और ईश्वर के प्रति अपनी आस्था को मजबूत रखें।
आज का विस्तृत राशिफल
मेष राशि (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ): आज का दिन आपके लिए उत्साह और नई संभावनाओं से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। परिवार के सदस्यों का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। किसी पुराने कार्य को पूरा करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें और अनावश्यक खर्चों से बचें। दांपत्य जीवन में आपसी समझ बनाए रखें। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। स्वास्थ्य के मामले में दिनचर्या नियमित रखें।
वृषभ राशि (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो): आज आपको अपने कामकाज में धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ना होगा। नौकरी करने वालों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। व्यापार में नए अवसर सामने आ सकते हैं, लेकिन किसी भी सौदे से पहले सभी पहलुओं की जांच करें। परिवार में सुखद वातावरण बना रह सकता है। पुराने मित्र से बातचीत होने की संभावना है। धन के मामले में जल्दबाजी से बचें। खानपान और आराम पर ध्यान दें। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभकारी हो सकती है।
मिथुन राशि (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा): आज संवाद और संपर्क आपके लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में नए विचारों को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। व्यापारियों को ग्राहकों से अच्छे संबंध बनाए रखने चाहिए। आर्थिक मामलों में बजट के अनुसार चलना उचित रहेगा। किसी पुराने विवाद को बातचीत से सुलझाने का प्रयास सफल हो सकता है। विद्यार्थियों को एकाग्रता बनाए रखनी होगी। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य संबंधी छोटी परेशानियों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
कर्क राशि (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो): आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर सफलता मिल सकती है। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें और भावनाओं में बहकर निवेश न करें। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। दांपत्य जीवन में मधुरता बनाए रखने के लिए एक-दूसरे की बात सुनें। विद्यार्थियों के लिए नियमित अध्ययन लाभकारी रहेगा। पर्याप्त नींद और आराम को प्राथमिकता दें।
सिंह राशि (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे): आज आपको अपने आत्मविश्वास के साथ विनम्रता बनाए रखने की आवश्यकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ के अवसर बन सकते हैं, लेकिन बड़े आर्थिक निर्णय लेने से पहले पूरी जानकारी जुटाएं। परिवार में किसी सदस्य के साथ मतभेद हो तो शांतिपूर्वक बातचीत करें। सामाजिक कार्यों में आपकी भागीदारी बढ़ सकती है। अनावश्यक खरीदारी से बचना बेहतर रहेगा। विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करके पढ़ाई करनी चाहिए। स्वास्थ्य के लिए नियमित दिनचर्या और संतुलित खानपान जरूरी है।
कन्या राशि (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो): आज कार्यों की अधिकता रह सकती है, इसलिए समय का सही प्रबंधन करना जरूरी होगा। नौकरी और व्यवसाय में मेहनत के अनुरूप परिणाम पाने के लिए निरंतर प्रयास करें। किसी अधूरे कार्य को पूरा करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में हिसाब-किताब व्यवस्थित रखें। परिवार में आपकी सलाह को महत्व मिल सकता है। दूसरों की जिम्मेदारियां अपने ऊपर लेने से पहले अपनी क्षमता का आकलन करें। विद्यार्थियों के लिए अभ्यास और पुनरावृत्ति का दिन अच्छा है। तनाव कम करने के लिए पर्याप्त विश्राम करें।
तुला राशि (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते): आज आपको संतुलन और समझदारी के साथ निर्णय लेने होंगे। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर चलना लाभकारी रहेगा। व्यापार में साझेदारी से जुड़े मामलों में स्पष्टता रखें। धन खर्च करते समय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखें। परिवार में किसी शुभ विषय पर चर्चा हो सकती है। जीवनसाथी के साथ समय बिताने से संबंधों में मधुरता आएगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में नियमितता बनाए रखनी चाहिए। मानसिक शांति के लिए कुछ समय ध्यान या प्रार्थना में बिताएं।
वृश्चिक राशि (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू): आज भावनात्मक संतुलन बनाए रखना आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। कार्यक्षेत्र में किसी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन धैर्य से समाधान खोजने में मदद मिलेगी। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें। किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय तथ्यों की जांच करें। परिवार के साथ बातचीत में संयम रखें। धार्मिक गतिविधियों में मन लग सकता है। विद्यार्थियों को कठिन विषयों पर अतिरिक्त समय देना चाहिए। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें और अपनी दिनचर्या व्यवस्थित रखें।
धनु राशि (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे): गुरुवार का दिन आपके लिए ज्ञान, सीखने और नए अनुभव प्राप्त करने की प्रेरणा दे सकता है। नौकरी में नई योजनाओं पर काम करने का अवसर मिल सकता है। व्यापारियों को भविष्य की रणनीति पर ध्यान देना चाहिए। आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना बन सकती है, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण जरूरी रहेगा। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रह सकता है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लाभ मिल सकता है। धार्मिक या आध्यात्मिक विषयों में रुचि बढ़ सकती है। नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद का ध्यान रखें।
मकर राशि (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी): आज आपको जिम्मेदारियों को व्यवस्थित ढंग से निभाने पर ध्यान देना होगा। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करते समय स्पष्टता रखें। व्यापार में पुराने संपर्क उपयोगी साबित हो सकते हैं। किसी सरकारी या प्रशासनिक कार्य में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है, हालांकि परिणाम के लिए धैर्य आवश्यक होगा। साझेदारी में पारदर्शिता बनाए रखें। परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताएं। आर्थिक मामलों में लंबी अवधि की योजना बनाना लाभकारी रहेगा। स्वास्थ्य के लिए काम और आराम के बीच संतुलन बनाकर चलें।
कुंभ राशि (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा): आज नए विचारों और रचनात्मक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ सकती है। नौकरी में किसी समस्या का नया समाधान मिल सकता है। व्यापारियों को ग्राहकों की जरूरतों को समझकर आगे बढ़ना चाहिए। आर्थिक मामलों में पुराने लेन-देन की समीक्षा करना उपयोगी रहेगा। परिवार में किसी सदस्य से सहयोग मिल सकता है। मित्रों के साथ बातचीत से मन हल्का होगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखनी होगी। स्वास्थ्य के लिए नियमित दिनचर्या अपनाएं और जरूरत से ज्यादा काम करने से बचें।
मीन राशि (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची): आज आपके लिए परिवार, शिक्षा और व्यक्तिगत विकास से जुड़े विषय महत्वपूर्ण रह सकते हैं। कार्यक्षेत्र में किसी वरिष्ठ या अनुभवी व्यक्ति की सलाह उपयोगी साबित हो सकती है। व्यापार में सोच-समझकर लिए गए निर्णय आगे लाभ दे सकते हैं। आर्थिक मामलों में बचत पर ध्यान दें। संतान की पढ़ाई या भविष्य से जुड़ी कोई बात चर्चा में आ सकती है। दांपत्य जीवन में आपसी सहयोग बनाए रखें। धार्मिक कार्यों में भाग लेने से मानसिक शांति मिल सकती है। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें।
विशेष सूचना: राशिफल पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित सामान्य संकेत हैं। इन्हें निश्चित भविष्यवाणी या किसी महत्वपूर्ण आर्थिक, स्वास्थ्य अथवा व्यक्तिगत निर्णय का एकमात्र आधार न बनाएं।
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प्रेरक प्रसंग: मरघट वाले हनुमान—जहां मृत्यु के भय पर भारी पड़ती है भक्ति और विश्वास
जीवन का सबसे बड़ा सहारा विश्वास है। जब मनुष्य कठिन परिस्थितियों में घिर जाता है, तब आस्था, धैर्य और साहस उसे आगे बढ़ने की शक्ति देते हैं। भारतीय धार्मिक परंपराओं में भगवान हनुमान को संकटमोचन कहा गया है। उनके जीवन और उनसे जुड़ी लोककथाओं में सेवा, समर्पण, निर्भयता और प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति का संदेश मिलता है। ऐसी ही एक प्रचलित लोककथा दिल्ली के प्रसिद्ध ‘मरघट वाले हनुमान’ मंदिर से जुड़ी है।
संजीवनी लेकर लौट रहे थे हनुमान
लोकमान्यता के अनुसार, त्रेतायुग में जब भगवान श्रीराम और रावण के बीच भीषण युद्ध चल रहा था, तब मेघनाद के शक्तिबाण से लक्ष्मण जी मूर्छित हो गए थे। उनके प्राणों की रक्षा के लिए वैद्य सुषेण ने संजीवनी बूटी लाने का उपाय बताया।
भगवान श्रीराम की आज्ञा और लक्ष्मण जी के प्रति प्रेम से प्रेरित होकर हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने के लिए द्रोणागिरि पर्वत की ओर गए। उचित बूटी की पहचान न कर पाने पर वे पूरा पर्वत ही उठा लाए। इसके बाद वे पर्वत लेकर लंका की ओर लौटने लगे।
इसी प्रसंग से जुड़ी एक लोककथा में वर्णन मिलता है कि आकाश मार्ग से जाते समय हनुमान जी यमुना नदी के तट के निकट एक शांत स्थान पर रुके। वहां श्मशान होने के कारण वातावरण गंभीर और एकांतपूर्ण था। हनुमान जी ने कुछ क्षण विश्राम किया और प्रभु श्रीराम का स्मरण किया।
यमराज से जुड़ी है यह लोकमान्यता
कथा के अनुसार, उस स्थान पर मृत्यु के देवता यमराज का संबंध बताया जाता है। लोककथा में कहा जाता है कि यमराज ने हनुमान जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और उनके वहां आने का कारण पूछा।
हनुमान जी ने अपने आराध्य भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए यह संदेश दिया कि सच्ची भक्ति मनुष्य के भीतर से भय को दूर करती है। जहां ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास होता है, वहां विपरीत परिस्थितियों का सामना करने का साहस भी उत्पन्न होता है।
इस कथा में आगे वर्णन मिलता है कि हनुमान जी ने प्राणियों के कल्याण और संकटों से मुक्ति की कामना की। तभी से इस स्थान को ‘मरघट वाले हनुमान’ के नाम से जोड़कर देखा जाने लगा।
यह प्रसंग धार्मिक लोकमान्यता के रूप में प्रचलित है। इसे त्रेतायुग की प्रमाणित ऐतिहासिक घटना के बजाय हनुमान भक्ति से जुड़ी श्रद्धापूर्ण कथा के रूप में समझना उचित है।
यमुना के जल को माना जाता है चरणों का अभिषेक
दिल्ली स्थित यमुना तट के निकट मरघट वाले हनुमान मंदिर को लेकर भक्तों के बीच एक विशेष मान्यता प्रचलित है। कहा जाता है कि जब यमुना का जलस्तर बढ़ता है और जल मंदिर तक पहुंचता है, तो श्रद्धालु इसे हनुमान जी के चरणों के अभिषेक के रूप में देखते हैं।
भक्तों के लिए यह दृश्य आस्था और भक्ति से जुड़ा भावनात्मक अनुभव होता है। हालांकि, नदी के जलस्तर में वृद्धि प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करती है। इसलिए बाढ़ या जलभराव की स्थिति में सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना भी आवश्यक है।
श्मशान की ओर मुख और अखंड ज्योति की मान्यता
मंदिर से जुड़ी मान्यताओं में हनुमान जी की प्रतिमा तथा श्मशान की दिशा का विशेष उल्लेख किया जाता है। भक्त इस प्रतीक को जीवन की अंतिम यात्रा तक भगवान के संरक्षण और साथ के भाव से जोड़कर देखते हैं।
इसी प्रकार, मंदिर में प्राचीन ज्योति को लेकर भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था है। अखंड ज्योति भारतीय धार्मिक परंपरा में ज्ञान, चेतना, सकारात्मकता और निरंतर भक्ति का प्रतीक मानी जाती है।
इन मान्यताओं का मूल संदेश यही है कि जीवन की अनिश्चितताओं के बीच मनुष्य को अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटना चाहिए। कठिन समय में साहस, धैर्य और विश्वास बनाए रखना ही सच्ची शक्ति है।
इस प्रसंग से हमें क्या सीख मिलती है?
मरघट वाले हनुमान की यह लोककथा हमें जीवन के कुछ महत्वपूर्ण सत्य समझाती है।
पहला, संकट के समय घबराने के बजाय धैर्य और साहस से काम लेना चाहिए। हनुमान जी का चरित्र हमें कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।
दूसरा, सेवा ही सच्ची भक्ति का महत्वपूर्ण स्वरूप है। लक्ष्मण जी के प्राण बचाने के लिए हनुमान जी का प्रयास हमें सिखाता है कि दूसरों की सहायता करना सबसे बड़ा मानवीय गुण है।
तीसरा, मृत्यु का भय जीवन की जिम्मेदारियों से विमुख करने के बजाय हमें अच्छे कर्म करने की प्रेरणा दे। जीवन सीमित है, इसलिए हमें अपने समय का उपयोग परिवार, समाज और मानवता के कल्याण के लिए करना चाहिए।
चौथा, आस्था के साथ विवेक भी जरूरी है। धार्मिक विश्वास मन को संबल देता है, जबकि समझदारी और जिम्मेदारी हमें सही निर्णय लेने में सहायता करती है।
हनुमान जी की भक्ति का सार केवल संकट दूर करने की प्रार्थना में नहीं, बल्कि निर्भय होकर कर्तव्य निभाने, जरूरतमंदों की सहायता करने और अहंकार से दूर रहने में भी निहित है।
आज का प्रेरक संदेश
जीवन में कभी-कभी ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं, जब हर रास्ता कठिन दिखाई देता है। ऐसे समय में निराश होकर बैठ जाना समाधान नहीं है। अपने भीतर विश्वास जगाइए, धैर्य बनाए रखिए और सही दिशा में प्रयास करते रहिए।
जिस प्रकार हनुमान जी को सेवा, समर्पण और साहस का प्रतीक माना जाता है, उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में इन गुणों को अपनाना चाहिए। किसी जरूरतमंद का सहारा बनना, दुखी व्यक्ति को सांत्वना देना और कठिन समय में अपनों का साथ निभाना भी भक्ति का ही एक सुंदर रूप है।
सदैव प्रसन्न रहिए।
जो प्राप्त है, वह पर्याप्त है।
जो आपके पास है, उसके लिए कृतज्ञ रहिए और जो पाना चाहते हैं, उसके लिए ईमानदारी से प्रयास करते रहिए।
जय श्रीराम! जय बजरंगबली!







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