देवभूमि जेके न्यूज़ | देहरादून, 12 अक्टूबर 2026।
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सोमवार को देहरादून स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं, पीड़ित महिलाओं को दी जा रही सहायता और मामलों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि संकटग्रस्त महिलाओं को सुरक्षित, संवेदनशील और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें समय पर सहायता, राहत और न्याय मिल सके।
निरीक्षण के दौरान महिला आयोग अध्यक्ष ने केंद्र में दर्ज होने वाले मामलों की प्रकृति, मासिक आंकड़ों और उनके समाधान की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। केंद्र प्रशासिका माया नेगी ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर में प्रतिमाह लगभग 60 से 70 मामले दर्ज होते हैं। इनमें अधिकांश मामले घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों से संबंधित होते हैं। उन्होंने बताया कि कई मामलों का निस्तारण आपसी समझाइश और मध्यस्थता के माध्यम से किया जाता है, जबकि अन्य मामलों में विशेषज्ञों द्वारा लगातार काउंसिलिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
कुसुम कण्डवाल ने केंद्र में संचालित विधिक सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और काउंसिलिंग की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनना आवश्यक है। काउंसिलिंग प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को उचित मार्गदर्शन मिल सके और पारिवारिक विवादों का संभव होने पर सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि केंद्र में आने वाली महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उनकी सुरक्षा, सम्मान और समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाए, जिससे संकट की स्थिति में महिलाओं को समय पर सहायता उपलब्ध हो सके।
निरीक्षण के दौरान केंद्र प्रशासिका माया नेगी, काउंसलर मीनाक्षी, केस वर्कर शिवांशी डबराल, आधार वर्मा सहित वन स्टॉप सेंटर के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।







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