देवभूमि जेके न्यूज़, ऋषिकेश। 12 अक्टूबर 2026
जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को ऋषिकेश में ‘रिफॉर्म उत्सव’ का आयोजन किया गया। नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शहरी नदी प्रबंधन योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के उपमहानिदेशक नलिन श्रीवास्तव और निदेशक धीरज जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में रंभा नदी के पुनरुद्धार को प्राथमिकता देते हुए उसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि नदी प्रबंधन के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई देना चाहिए। रंभा नदी का पुनरुद्धार ऋषिकेश के लिए एक मॉडल पहल बन सकता है, जो उत्तराखंड में नदियों के संरक्षण और उनके प्रति जनआस्था को मजबूत करने में सहायक होगा। इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम के अगले चरण में लक्कड़घाट स्थित नमामि गंगे परियोजना के तहत निर्मित 26 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इसमें एसएमसीजी में सूचीबद्ध शिक्षण संस्थानों श्री देव सुमन विश्वविद्यालय और हैप्पी मॉन्टेसरी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर एसएमसीजी के तकनीकी सलाहकार एस.के. वर्मा ने उपमहानिदेशक नलिन श्रीवास्तव और निदेशक धीरज जोशी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को एसटीपी की कार्यप्रणाली, सीवेज शोधन की विभिन्न प्रक्रियाओं और गंगा नदी को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि अपशिष्ट जल का वैज्ञानिक तरीके से शोधन जल प्रदूषण को कम करने और नदियों के पर्यावरणीय संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
एनएमसीजी के उपमहानिदेशक नलिन श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को नमामि गंगे परियोजना के उद्देश्यों, गंगा की स्वच्छता बनाए रखने के प्रयासों और ‘रिफॉर्म उत्सव’ के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने एसटीपी की निगरानी के लिए विकसित ‘गंगा प्लस पोर्टल’ की उपयोगिता एवं कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में जल संरक्षण, नदी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम में नगर निगम ऋषिकेश के म्युनिसिपल कमिश्नर विजय नाथ शुक्ला, संजीव कुमार वर्मा, धर्मेंद्र प्रसाद कुकरेती, अशोक सिंह सहित सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। एसएमसीजी की ओर से रोहित जयाड़ा, सिद्धार्थ श्रीवास्तव, संदीप उनियाल, दुर्गा प्रसाद, जिला परियोजना अधिकारी रविकांत पांडे और प्रियंका चौहान सहित एसटीपी के कर्मचारी भी मौजूद रहे।
‘रिफॉर्म उत्सव’ के माध्यम से नदी प्रबंधन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय, जनभागीदारी और पारदर्शिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। साथ ही नदियों के संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।







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