देव भूमि जे के न्यूज,हेमकुंट साहिब, 10 अक्टूबर 2026।** उत्तराखंड के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंट साहिब जी के कपाट शनिवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक समारोह में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग लिया। अंतिम अरदास के बाद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारों के बीच पूरे सम्मान और मर्यादा के साथ शोभायात्रा में उनके शीतकालीन निवास सचखंड ले जाया गया। इस पावन अवसर पर लगभग पांच हजार श्रद्धालु उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ सुखमनी साहिब के पाठ से हुआ। इसके बाद श्री दरबार साहिब, अमृतसर के हजूरी रागी सिंह गुरदियाल सिंह एवं उनके जत्थे ने शबद कीर्तन प्रस्तुत किया। गुरबाणी के मधुर स्वर और श्रद्धालुओं की अरदास से पूरा तीर्थ परिसर भक्तिमय हो उठा।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन नरिंदरजीत सिंह बिंद्रा ने इस वर्ष की यात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, भारतीय सेना, राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस तथा राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की विशेष सराहना करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने विभिन्न गुरुद्वारों के सेवादारों के समर्पण और परिश्रम की भी प्रशंसा की।
ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेवा सिंह ने संगत के सहयोग और अनुशासन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सहयोग से यात्रा की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकीं। इस अवसर पर उन्होंने जानकारी दी कि रतूड़ा गुरुद्वारा भी संगत के लिए खुला है।
कपाट बंद समारोह के दौरान शोभायात्रा का नेतृत्व गढ़वाल स्काउट्स बैंड तथा 418 इंडिपेंडेंट इंजीनियर कोर के जवानों ने किया। सेना के जवानों ने समारोह में भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभाली। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुई इस शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ गुरु महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
इस वर्ष श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा में विश्वभर से श्रद्धालु पहुंचे। संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, यूरोप, मलेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर और दुबई सहित विभिन्न देशों से तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए। समारोह का विशेष आकर्षण पाकिस्तान से आए 48 तीर्थयात्रियों का जत्था रहा, जिसने पवित्र स्थल के दर्शन करने के साथ कपाट बंद समारोह में भी भाग लिया।
पर्वतीय क्षेत्र में मौसम प्रतिकूल होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कमी नहीं दिखाई दी। जानकारी के अनुसार, एक दिन पहले से हल्की बर्फबारी शुरू होने के बावजूद लगभग पांच हजार श्रद्धालु इस पावन अवसर पर हेमकुंट साहिब पहुंचे और अंतिम अरदास में शामिल हुए।
श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा अब शीतकाल के लिए संपन्न हो गई है। आगामी ग्रीष्मकाल में वर्ष 2027 की यात्रा पुनः आरंभ होगी। कपाट बंद समारोह के साथ श्रद्धालुओं ने सेवा, समर्पण, अनुशासन और आध्यात्मिक आस्था के संदेश को आत्मसात करते हुए अगले यात्रा सत्र की प्रतीक्षा के साथ विदाई ली।
**देवभूमि जेके न्यूज।**





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