देवभूमि जे के न्यूज, डोईवाला, 5 अक्टूबर 2026। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स), जौलीग्रांट में एमबीबीएस 2026 बैच के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं की व्हाइट कोट सेरेमनी आयोजित की गई। सफेद कोट धारण करते ही भावी चिकित्सकों ने मानवता की सेवा, मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, ईमानदारी और चिकित्सा धर्म का पूरी निष्ठा से पालन करने का संकल्प लिया।
सफेद कोट बना जिम्मेदारी और सेवा का प्रतीक
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के आदि कैलाश सभागार में आयोजित समारोह का शुभारंभ डॉ. स्वामी राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए हिम्स जौलीग्रांट के डीन डॉ. ए. शरीफ ने कहा कि सफेद कोट महज एक परिधान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, विश्वास और सेवा भावना का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से चिकित्सा क्षेत्र में पवित्रता, अनुशासन, ईमानदारी और करुणा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि चिकित्सक के लिए केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। मरीज के प्रति सेवा भाव और संवेदनशीलता एक अच्छे डॉक्टर की सबसे महत्वपूर्ण पहचान है।
बेहतर डॉक्टर के साथ बेहतर इंसान बनाने पर जोर
महानिदेशक (शैक्षणिक विकास) डॉ. विजेंद्र चौहान ने कहा कि व्हाइट कोट सेरेमनी मेडिकल छात्रों के डॉक्टर बनने की यात्रा का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि हिम्स में विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा ज्ञान और तकनीकी दक्षता के साथ-साथ चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने पर भी जोर दिया जाता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से चिकित्सा ज्ञान के साथ मानवीय संवेदनाओं और नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
मरीज का विश्वास सबसे बड़ी जिम्मेदारी
हिम्स जौलीग्रांट की प्रिंसिपल डॉ. रेनू धस्माणा ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिम्स की पहचान सेवा, समर्पण और संस्कार से है। उन्होंने कहा कि सफेद कोट विद्यार्थियों को हमेशा यह याद दिलाएगा कि उनके हाथों में किसी व्यक्ति का जीवन और उसके परिवार की उम्मीदें होती हैं।
उन्होंने कहा कि मरीज डॉक्टर पर विश्वास करके अपनी जिंदगी सौंपता है, इसलिए उस विश्वास को बनाए रखना प्रत्येक चिकित्सक का नैतिक दायित्व है।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने ली शपथ
समारोह के दौरान फैकल्टी सदस्यों ने एमबीबीएस 2026 बैच के छात्र-छात्राओं को व्हाइट कोट पहनाया। इसके बाद सभी विद्यार्थियों ने मानवता की सेवा, मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और चिकित्सा धर्म का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से पालन करने की शपथ ली।
कार्यक्रम में फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आभा श्रीवास्तव ने अतिथियों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। अंत में डॉ. अनुराधा कुसुम ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
मुख्य संदेश: व्हाइट कोट के साथ एमबीबीएस विद्यार्थियों ने डॉक्टर बनने की शुरुआत केवल चिकित्सा शिक्षा से नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और नैतिक जिम्मेदारी के संकल्प के साथ की।






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