*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग-दान और सम्मान*

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*आज का राशिफल*
*12 अप्रैल 2025 , शुक्रवार*

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आप अपने आप को थोड़ा अलग सा महसूस करोगे। व्यवसाय में नए अनुबंध लाभदायक रहेंगे। कोई अनचाही चिंता रह सकती है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा , समय नहीं दिया तो संतान की चिंता रह सकती है। नई योजना बनेगी। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धन प्राप्ति होगी। आराम करें । गुस्सा नियन्त्रित रखें व स्वयं के लिए समय निकाले। स्वास्थ्य सुधार होगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)
आज आपका दिन मनोनुकूल रहेगा । समय रहते जरूरी कार्य पूरे करें। धार्मिक यात्रा संभव है। राजकीय बाधा दूर होगी। जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा , भागदौड़ अधिक रहेगी। निवेशादि मनोनुकूल रहेगा। आराम की आवश्यकता रहेगी। कुछ भी बोलने से पहले सोचें।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज आपका दिन सामान्य रहेगा । मन इधर-उधर अवश्य दौड़ता रहेगा। हर किसी पर बहूत जल्दी विश्वास न करें। अपने राज दूसरों को न बताएं, मुसीबत में फंस सकते हैं। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। चोट-चोरी आदि से हानि से सावधान रहें, जोखिम ना उठाएं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। थोड़ा स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आपका दिन लाभकारी सिद्ध होगा । लंबे समय से चली आ रही परिवार की समस्या दूर होगी। गृहस्थ सुख मिलेगा। बाहरी सहयोग से कार्यसिद्धि होगी। अज्ञात भय से चिंता रहेगी। लगभग व्यस्तता बनी रहेगी। व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। जीवनसाथी पर भरोसा रखिए। स्वयं के लिए समय निकालिए ।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज आपका दिन लगभग मिलाजुला रहेगा । मन अनुकूल काम न होने से परेशानी बढ़ सकती है। तनाव तथा चिंता वृद्धि होगी। संपत्ति के कार्य से लाभ होगा। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। यात्रा होगी। भवन बदलने के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य लाभ होगा।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आपका दिन आपके हक में रहेगा । जो लोग आपके कार्य में अवरोध पैदा कर रहे थे, वे अब खुद आप के कार्य की प्रशंसा करेंगे। स्वादिष्ट भोजन का आनं‍द मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल होंगे। निवेश व यात्रा मनोनुकूल लाभ देंगे। भगवान पर विश्वास बढ़ेगा।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
हल्की चिंता को छोड़कर के लगभग आपका दिन सामान्य रहेगा । अपने विवेक से रुके काम पूरे करेंगे। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। शारीरिक पीड़ा संभव है। चिंता, तनाव का वातावरण बन सकता है। कोई समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज आपका दिन आप के अनुरूप होगा। धार्मिक विचारों में वृद्धि होगी। प्रतियोगी परीक्षा में प्रयास सफल होंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी, जोखिम ना लें। समय निकाल कर आराम करें व स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आपका दिन मिलाजुला रहेगा । समय से अपने काम को करना सीखें। जीवनसाथी की चिंता रहेगी। शुभ समाचार मिल सकता है। धनलाभ होगा। निवेश शुभ रहेगा, जोखिम ना लें। किसी धार्मिक अनुष्ठान के योग बन रहे हैं ।क्षसंतान के लिए समय अवश्य निकालें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज आपका दिन लगभग सामान्य रहेगा । व्यवसाय में उन्नतिप्रद अवसर आयेंगे। अचानक लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। चिंता रहेगी। न्यायपक्ष मजबूत होगा। नींद अवश्य पूरी कर लें।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आप आज के दिन मानसिक चिंता से अवश्य बचें । न चाहते हुए भी आप को दूसरों के लिए काम करना होगा। विवाद आदि से सम्मान को ठेस न पहुंचे। फालतू खर्च बढ़ेंगे। बेकार की चिंता का माहौल रहेगा। जीवनसाथी सहयोग कर पाएगा। परिवार वालों को समय की आवश्यकता रहेगी।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपका दिन बहुत बढ़िया रहेगा । आप जो सोचते हैं, वो तो करते नहीं है और दूसरे लोगों की बातों पर जल्द विश्वास करते हैं। स्वविवेक से सोचे। बकाया वसूली होगी। तनाव तथा अशांति रह सकती है। सफलता के लिए प्रयास अधिक करना पड़ेंगा। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। स्वास्थ्य सुधार होगा।

🔅 *_कृपया ध्यान दें👉_*
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं हैं।

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*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*

*!! दान और सम्मान !!*
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एक समय की बात है। एक नगर में एक कंजूस राजेश नामक व्यक्ति रहता था।

उसकी कंजूसी सर्वप्रसिद्ध थी। वह खाने, पहनने तक में भी कंजूस था।

एक बात उसके घर से एक कटोरी गुम हो गई। इसी कटोरी के दुःख में राजेश ने 3 दिन तक कुछ न खाया। परिवार के सभी सदस्य उसकी कंजूसी से दुखी थे।

मोहल्ले में उसकी कोई इज्जत न थी, क्योंकि वह किसी भी सामाजिक कार्य में दान नहीं करता था।

एक बार उस राजेश के पड़ोस में धार्मिक कथा का आयोजन हुआ। वेदमंत्रों व् उपनिषदों पर आधारित कथा हो रही थी। राजेश को सद्बुद्धि आई तो वह भी कथा सुनने के लिए सत्संग में पहुँच गया।

वेद के वैज्ञानिक सिद्धांतों को सुनकर उसको भी रस आने लगा क्योंकि वैदिक सिद्धान्त व्यावहारिक व वास्तविकता पर आधारित एवं सत्य-असत्य का बोध कराने वाले होते है।

कंजूस को ओर रस आने लगा। उसकी कोई कदर न करता फिर भी वह प्रतिदिन कथा में आने लगा।

कथा के समाप्त होते ही वह सबसे पहले शंका पूछता। इस तरह उसकी रूचि बढती गई।

वैदिक कथा के अंत में लंगर का आयोजन था इसलिए कथावाचक ने इसकी सूचना दी कि कल लंगर होगा। इसके लिए जो श्रद्धा से कुछ भी लाना चाहे या दान करना चाहे तो कर सकता है।

अपनी-अपनी श्रद्धा के अनुसार सभी लोग कुछ न कुछ लाए। कंजूस के हृदय में जो श्रद्धा पैदा हुई वह भी एक गठरी बांध सर पर रखकर लाया।

भीड़ काफी थी। कंजूस को देखकर उसे कोई भी आगे नहीं बढ़ने देता। इस प्रकार सभी दान देकर यथास्थान बैठ गए।

अब कंजूस की बारी आई तो सभी लोग उसे देख रहे थे। कंजूस को विद्वान की ओर बढ़ता देख सभी को हंसी आ गई क्योंकि सभी को मालूम था कि यह महाकंजूस है।

उसकी गठरी को देख लोग तरह-तरह के अनुमान लगाते ओर हँसते, लेकिन कंजूस को इसकी परवाह न थी।

कंजूस ने आगे बढ़कर विद्वान ब्राह्मण को प्रणाम किया। जो गठरी अपने साथ लाया था, उसे उसके चरणों में रखकर खोला तो सभी लोगों की आँखें फटी-की-फटी रह गई।

कंजूस के जीवन की जो भी अमूल्य संपत्ति गहने, जेवर, हीरे-जवाहरात आदि थे उसने सब कुछ को दान कर दिया।

उठकर वह यथास्थान जाने लगा तो विद्वान ने कहा, “महाराज! आप वहाँ नहीं, यहाँ बैठिये।”

कंजूस बोला, “पंडित जी! यह मेरा आदर नहीं है, यह तो मेरे धन का आदर है, अन्यथा मैं तो रोज आता था और यही पर बैठता था, तब मुझे कोई न पूछता था।”

ब्राह्मण बोला, “नहीं, महाराज! यह आपके धन का आदर नहीं है, बल्कि आपके महान त्याग (दान) का आदर है।

यह धन तो थोड़ी देर पहले आपके पास ही था, तब इतना आदर-सम्मान नहीं था जितना की अब आपके त्याग (दान) में है इसलिए आप आज से एक सम्मानित व्यक्ति बन गए है।

*शिक्षा :-*
मनुष्य को कमाना भी चाहिए और दान भी अवश्य देना चाहिए। इससे उसे समाज में सम्मान और इस लोक तथा परलोक में पुण्य मिलता है।

*सदैव प्रसन्न रहिये – जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है – उसके पास समस्त है।।*
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