उत्तराखंड

*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग-मोक्ष*

*|| 🕉️ ||*

*आज का पञ्चांग*

*दिनाँक:-11/09/2025,गुरुवार*
*चतुर्थी, कृष्ण पक्ष,*
*आश्विन*
(समाप्ति काल)

तिथि———– चतुर्थी 12:44:52. तक
पक्ष————————– कृष्ण
नक्षत्र———– अश्विनी 13:56:59
योग—————- ध्रुव 17:03:36
करण———– बालव 12:44:52
करण———– कौलव 23:20:22
वार———————— गुरूवार
माह———————— आश्विन
चन्द्र राशि——————– मेष
सूर्य राशि——————— सिंह
रितु————————– शरद
आयन—————— दक्षिणायण
संवत्सर——————- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)————– सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 2082
गुजराती संवत————– 2081
शक संवत—————— 1947
कलि संवत—————— 5126
सूर्योदय—————- 06:03:48
सूर्यास्त—————– 18:27:19
दिन काल————– 12:23:30
रात्री काल————– 11:36:56
चंद्रास्त—————– 09:38:58
चंद्रोदय—————– 20:44:44
लग्न—- सिंह 24°20′ , 144°20′
सूर्य नक्षत्र———— पूर्वाफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र——————अश्विनी
नक्षत्र पाया——‐————- स्वर्ण

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

चो—- अश्विनी 08:27:59

ला—- अश्विनी 13:56:59

ली—- भरणी 19:26:22

लू—- भरणी 24:56:13

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 24°49 , पूoफाo 4 टू
चन्द्र= मीन 08°30 , अश्विनी 3 चो
बुध = सिंह 22°52 ‘ पूoफाo 3 टी
शु क्र= कर्क 25°05, आश्लेषा , 2 डू
मंगल= कन्या 28°30 ‘ चित्रा 2 पो
गुरु=मिथुन 25°30 पुनर्वसु, 2 को
शनि=मीन 05°08 ‘ उ o भा o , 1 के
राहू=(व) कुम्भ 23°58 पू o भा o, 2 सो
केतु= (व) सिंह 23°58 पूoफा o 4 टू
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 13:49 – 15:21 अशुभ

यम घंटा 06:04 – 07:37 अशुभ
गुली काल 09:10 – 10:43 अशुभ
अभिजित 11:51 – 12:40 शुभ
दूर मुहूर्त 10:12 – 11:01 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:09 – 15:59 अशुभ
वर्ज्यम 10:18 – 11:45 अशुभ
प्रदोष 18:27 – 20:49 शुभ

💮चोघडिया, दिन

शुभ 06:04 – 07:37 शुभ
रोग 07:37 – 09:10 अशुभ
उद्वेग 09:10 – 10:43 अशुभ
चर 10:43 12:16 शुभ
लाभ 12:16 13:49 शुभ
अमृत 13:49 – 15:21 शुभ
काल 15:21 16:54 अशुभ
शुभ 16:54 – 18:27 शुभ

🚩चोघडिया, रात

अमृत 18:27 – 19:54 शुभ
चर 19:54 – 21:22 शुभ
रोग 21:22 – 22:49 अशुभ
काल 22:49 24:16* अशुभ
लाभ 24:16* – 25:43* शुभ
उद्वेग 25:43* – 27:10* अशुभ
शुभ 27:10* – 28:37* शुभ
अमृत 28:37* – 30:04* शुभ

💮होरा, दिन

बृहस्पति 06:04- 07:06
मंगल 07:06- 08:08
सूर्य 08:08- 09:10
शुक्र 09:10- 10:12
बुध 10:12- 11:14
चन्द्र 11:14 -12:16
शनि 12:16- 13:18
बृहस्पति 13:18- 14:19
मंगल 14:19- 15:21
सूर्य 15:21- 16:23
शुक्र 16:23- 17:25
बुध 17:25 -18:27

🚩होरा, रात

चन्द्र 18:27- 19:25
शनि 19:25- 20:23
बृहस्पति 20:23 -21:22
मंगल 21:22 -22:20
सूर्य 22:20- 23:18
शुक्र 23:18- 24:16
बुध 24:16-25:14
चन्द्र 25:14-26:12
शनि 26:12-27:10
बृहस्पति 27:10-28:08
मंगल 28:08-29:06
सूर्य 29:06’30:04

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

सिंह > 04:16 से 06:30 तक
कन्या > 06:30 से 08:46 तक
तुला > 08:46 से 11:02 तक
वृश्चिक > 11:02 से 13:18 तक
धनु > 13:18 से 15:26 तक
मकर > 15:26 से 17:06 तक
कुम्भ > 17:06 से 18:38 तक
मीन > 18:38 से 20:08 तक
मेष > 20:08 से 21:38 तक
वृषभ > 21:38 से 23:38 तक
मिथुन > 23:38 से 01:54 तक
कर्क > 01:54 से 04:10 तक
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*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान————- दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा बेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 4 + 5 + 1 = 25 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

मंगल ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

19 + 19 + 5 = 43 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*सर्वार्थ सिद्धि योग 13:57 तक*

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

यस्यार्थास्तस्य मित्राणि यस्यर्थास्तस्य बांधवाः ।
यस्याथाः स पुमांल्लोके यस्यार्थाः सच पण्डितः ।।
।।चाo नीo।।

धनवान व्यक्ति के कई मित्र होते है. उसके कई सम्बन्धी भी होते है. धनवान को ही आदमी कहा जाता है और पैसेवालों को ही पंडित कह कर नवाजा जाता है.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: सांख्ययोग – अo-2

गुरूनहत्वा हि महानुभावा-
ञ्छ्रेयो भोक्तुं भैक्ष्यमपीह लोके।
हत्वार्थकामांस्तु गुरूनिहैव
भुंजीय भोगान्‌ रुधिरप्रदिग्धान्‌॥

इसलिए इन महानुभाव गुरुजनों को न मारकर मैं इस लोक में भिक्षा का अन्न भी खाना कल्याणकारक समझता हूँ क्योंकि गुरुजनों को मारकर भी इस लोक में रुधिर से सने हुए अर्थ और कामरूप भोगों को ही तो भोगूँगा l
।।5।।

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नए काम करने का मन बनेगा। फिजूलखर्ची ज्यादा होगी। शत्रु भय रहेगा। शारीरिक कष्ट से बाधा उत्पन्न होगी। दूर यात्रा की योजना बनेगी। व्यापार से लाभ होगा। नौकरी में चैन रहेगा। जोखिम न लें।

🐂वृष
यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। विवेक का प्रयोग करें। समस्याएं कम होंगी। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय रहेगा।

👫मिथुन
व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। लाभ देगा। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि में जल्दबाजी न करें। लाभ होगा।

🦀कर्क
भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। स्वास्थ्‍य संबंधी चिंता बनी रहेगी। आशंका व कुशंका रहेगी। कार्य में बाधा संभव है। उत्साह बना रहेगा। नौकरी में अधिकार मिल सकते हैं। सुख के साधन जुटेंगे।

🐅सिंह
नौकरी में कार्यभार रहेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आय में निश्चितता रहेगी। जोखिम न लें। एकाएक स्वास्थ्‍य खराब हो सकता है, लापरवाही न करें। दूर से दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। व्यर्थ दौड़धूप होगी। विवाद से स्वाभिमान को चोट पहूंच सकती है। काम में मन नहीं लगेगा।

🙍‍♀️कन्या
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी न करें। घर के छोटे सदस्यों संबंधी चिंता रहेगी।

⚖️तुला
सुख के साधन जुटेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। धनहानि हो सकती है। सावधानी आवश्यक है। थकान महसूस होगी।

🦂वृश्चिक
तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी। किसी जानकार व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त हो सकता है। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय सताएगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे।

🏹धनु
भागदौड़ होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। लाभ के लिए प्रयास करें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद से क्लेश हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। पार्टनरों से कहासुनी हो सकती है।

🐊मकर
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि अपमान हो। व्यापार-व्यवसाय अनुकूल रहेगा। निवेश सोच-समझकर करें। नौकरी में चैन रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी।

🍯कुंभ
व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकार बढ़ने के योग हैं। कोई बड़ी समस्या का अंत हो सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। लेन-देन में सावधानी रखें। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे।

🐟मीन
स्वयं के काम पर ध्यान दें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। विवाद को बढ़ावा न दें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार ठीक चलेगा। कार्यकुशलता कम होगी। कोई बड़ा खर्च एकाएक सामने आएगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। कुसंगति से बचें। किसी व्यक्ति के काम की जवाबदारी न लें l

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*

*मोक्ष*
आज सुबह “morning walk” पर,
एक व्यक्ति को देखा।
मुझ से आधा “किलोमीटर” आगे था।
अंदाज़ा लगाया कि, मुझ से थोड़ा “धीरे” ही भाग रहा था। एक अजीब सी “खुशी” मिली। मैं पकड़ लूंगा उसे, और यकीन भी।

मैं तेज़ और तेज़ चलने लगा ,आगे बढ़ते हर कदम के साथ,मैं उसके “करीब” पहुंच रहा था.कुछ ही पलों में, मैं उससे बस सौ क़दम पीछे था.
निर्णय ले लिया था कि, मुझे उसे “पीछे” छोड़ना है। थोड़ी “गति” बढ़ाई।

अंततः कर दिया।
उसके पास पहुंच, उससे “आगे” निकल गया.
“आंतरिक हर्ष” की “अनुभूति”,
कि, मैंने उसे “हरा” दिया।

बेशक उसे नहीं पता था,
कि हम “दौड़” लगा रहे थे।

मैं जब उससे “आगे” निकल गया
अनुभव हुआ
कि दिलो-दिमाग “प्रतिस्पर्धा”पर, इस कद्र केंद्रित था…….

कि

“घर का मोड़” छूट गया,
मन का “सकून” खो गया,
आस-पास की “खूबसूरती और हरियाली” नहीं देख पाया
अच्छा मौसम की “खुशी” को भूल गया

और

तब “समझ” में आया,
यही तो होता है “जीवन” में,भी है
जब हम अपने साथियों को,
पड़ोसियों को, दोस्तों को,
परिवार के सदस्यों को,
“प्रतियोगी” समझते हैं।
उनसे “बेहतर” करना चाहते हैं।
“प्रमाणित” करना चाहते हैं
कि, हम उनसे अधिक “सफल” हैं।
या
अधिक “महत्वपूर्ण”।

*बहुत “महंगा” पड़ता है।*
क्योंकि अपनी “खुशी भूल” जाते हैं।
अपना “समय” और “ऊर्जा,
उनके “पीछे भागने” में गवां देते हैं।
इस सब में, अपना “मार्ग और मंज़िल” भूल जाते हैं।

“भूल” जाते हैं कि, “नकारात्मक प्रतिस्पर्धाएं” कभी ख़त्म नहीं होंगी।
“हमेशा” कोई आगे होगा।
किसी के पास “बेहतर नौकरी” होगी।
“बेहतर गाड़ी”,
बैंक में अधिक “रुपए”,
ज़्यादा पढ़ाई,
“सुन्दर पत्नी”
ज़्यादा संस्कारी बच्चे,
बेहतर “परिस्थितियां”
और बेहतर “हालात”।

इस सब में एक “एहसास” ज़रूरी है
कि, बिना प्रतियोगिता किए, हर इंसान “श्रेष्ठतम” हो सकता है।

कुछ “असुरक्षित” महसूस करते हैं क्योंकि, अत्याधिक ध्यान देते हैं “दूसरों” पर –
कहां जा रहे हैं?
क्या कर रहे हैं?
क्या पहन रहे हैं?
क्या बातें कर रहे हैं?

*”जो है, उसी में❤️ खुश रहे”।*
*लंबाई, वज़न या व्यक्तित्व…।*

*”स्वीकार” करे और “समझे”*
*कि, कितने भाग्यशाली है।*

*ध्यान नियंत्रित रखे।*
*स्वस्थ, सुखद ज़िन्दगी जीये।*

*”भाग्य” में कोई “प्रतिस्पर्धा” नहीं है।*
*सबका अपना-अपना है।*

*”तुलना और प्रतियोगिता” हर खुशी को चुरा लेते‌ हैं।*

*इस लिए अपनी “दौड़” खुद लगाये, बिना किसी प्रतिस्पर्धा के, इससे असीम सुख आनंद मिलता है, मन में विकार नही पैदा होते, शायद इसी को …..”मोक्ष” कहते है।*

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देवभूमि jknews

जीवन में हमेशा सच बोलिए, ईमानदारी सर्वोत्तम नीति है!

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