उत्तराखंड

योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर।

देव भूमि जे के न्यूज़ ,हरिद्वार। भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के तत्वावधान में 15 सितंबर 2026 को भारती स्कूल ऑफ नर्सिंग, बेडपुर, हरिद्वार में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा…

योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर।

देव भूमि जे के न्यूज़ ,हरिद्वार। भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के तत्वावधान में 15 सितंबर 2026 को भारती स्कूल ऑफ नर्सिंग, बेडपुर, हरिद्वार में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में हरिद्वार जिले में भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड से मान्यता प्राप्त विभिन्न संस्थानों में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सहायक पाठ्यक्रम का अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ उसके व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराना रहा।

कार्यशाला का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. जे. एन. नौटियाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में परिषद के बोर्ड सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह राणा उपस्थित रहे।

कार्यशाला में मुख्य वक्ताओं के रूप में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर के संपर्क अधिकारी डॉ. विनोद नौटियाल, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रजनी नौटियाल तथा स्पर्श हिमालयीय विश्वविद्यालय, डोईवाला, देहरादून के विभागाध्यक्ष डॉ. रविकांत शर्मा ने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया। इसके अलावा भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड से मान्यता प्राप्त हरिद्वार जिले के विभिन्न संस्थानों के निदेशक, प्रधानाचार्य एवं प्रतिनिधि भी कार्यशाला में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड की रजिस्ट्रार नर्वदा गुसाई ने कार्यशाला के उद्देश्यों और विषय-वस्तु की जानकारी दी। उन्होंने योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड द्वारा किए जा रहे कार्यों, संचालित पाठ्यक्रमों तथा शासन स्तर पर प्रेषित प्रस्तावों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है।

मुख्य अतिथि डॉ. जे. एन. नौटियाल ने छात्र-छात्राओं को योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े प्रयोगात्मक कार्यों में सक्रिय रूप से प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने योग को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से आसन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास करने तथा योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. महेंद्र सिंह राणा ने विद्यार्थियों को संवाद एवं संभाषण की प्रभावी कला के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान के साथ बेहतर संवाद कौशल और सकारात्मक व्यक्तित्व भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अपने व्यक्तित्व में अधिक से अधिक सकारात्मकता विकसित करने तथा आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान दिए। इसके साथ ही विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। योग के प्रयोगात्मक सत्र में आसन, प्राणायाम और ध्यान आदि का अभ्यास कराया गया तथा इनके नियमित अभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी गई।

प्राकृतिक चिकित्सा के प्रयोगात्मक सत्र में विशेषज्ञों ने विभिन्न प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों, थेरेपी एवं उपचार संबंधी प्रक्रियाओं के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। विद्यार्थियों को प्राकृतिक चिकित्सा के सिद्धांतों, उपचार में प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग तथा विभिन्न थेरेपी के व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें विषय की बारीकियों को समझने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला के दौरान भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. जे. एन. नौटियाल एवं रजिस्ट्रार नर्वदा गुसाई ने बताया कि परिषद की ओर से भविष्य में तीन दिवसीय कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं में योग, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचकर्म सहित विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत व्याख्यान दिए जाएंगे तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपने पाठ्यक्रम से संबंधित विषयों को बेहतर ढंग से समझने और उनके प्रयोगात्मक ज्ञान को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

कार्यशाला के समापन अवसर पर भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के अध्यक्ष एवं रजिस्ट्रार ने भारती स्कूल ऑफ नर्सिंग के चेयरमैन डॉ. पुष्कल नागयान तथा प्रधानाचार्य डॉ. कविता सैनी को कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक शैक्षणिक एवं प्रयोगात्मक गतिविधियों में प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले संबंधित छात्र-छात्राओं को भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड की ओर से प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। प्रमाण पत्र प्राप्त कर विद्यार्थियों ने उत्साह व्यक्त किया और कार्यशाला को अपने पाठ्यक्रम एवं व्यावहारिक ज्ञान के लिए उपयोगी बताया।

कार्यक्रम में भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड से प्रदीप सती, संदीप तोपवाल, राहुल सिंह बिष्ट, मनीष जगवान, मयूर यादव तथा भारती स्कूल ऑफ नर्सिंग से लवप्रीत सिंह, शेखर सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।

Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1
Discussion

0 Comments

Join the conversation

Share your view on this story. Your email address will not be published.