नई दिल्ली/देहरादून, 22 अगस्त 2026 — देवभूमि जेके न्यूज़ डेस्क
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नई दिल्ली में “द इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026” में उत्तराखंड के विकास मॉडल का खाका देश-दुनिया के उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं के सामने रखा। समान नागरिक संहिता, भर्ती में पारदर्शिता, निवेश, कनेक्टिविटी, पर्यटन और सीमांत गांवों के विकास पर बोलते हुए उन्होंने जनवरी 2027 के हरिद्वार कुंभ में शामिल होने का सार्वजनिक निमंत्रण भी दिया। यहां उनके भाषण के प्रमुख दावे और आंकड़े।
समान नागरिक संहिता और सुशासन
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता लागू कर देश के सामने समान अधिकारों का नया मॉडल रखा है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों के अधिकार मज़बूत हुए हैं और अन्य राज्य भी इससे प्रेरणा ले रहे हैं। उन्होंने नीति आयोग की एसडीजी रैंकिंग में राज्य के शीर्ष स्थान और पर्वतीय-पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में निवेश के लिए बेहतर नीतिगत माहौल बनाने में अग्रणी स्थान का उल्लेख किया।
रोज़गार: “दो दशक में 16 हज़ार, पांच साल में 34 हज़ार”
रोज़गार पर मुख्यमंत्री का सबसे बड़ा दावा यह रहा कि राज्य गठन के बाद के करीब दो दशकों में लगभग 16 हज़ार सरकारी नियुक्तियां हुई थीं, जबकि पिछले पांच वर्षों में 34 हज़ार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और नकल के मामलों में कठोर कार्रवाई हुई और नकल माफिया के करीब 100 लोगों को जेल भेजा गया, जिससे भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का भरोसा लौटा है।
शिक्षा और अतिक्रमण पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उसकी जगह उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है, जिसमें सभी वर्ग शामिल हैं, और मानकों पर खरे न उतरने वाले 250 से अधिक मदरसों पर कार्रवाई की गई। सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान का भी उन्होंने ज़िक्र किया।
निवेश और कनेक्टिविटी
2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जिसमें 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि आए थे, के बाद राज्य ने निवेश प्रस्तावों को ज़मीन पर उतारने के लिए 30 से अधिक नई नीतियां बनाईं। कनेक्टिविटी पर उन्होंने लगभग 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की तेज़ प्रगति, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से घटे सफर के समय, देहरादून से 50 से अधिक हवाई सेवाओं और पंतनगर के प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का उल्लेख किया। ऋषिकेश के लिए रेल परियोजना खास मायने रखती है — यह शहर को चारधाम के प्रवेश द्वार के रूप में और मज़बूत करेगी।
पर्यटन: चारधाम में 47 लाख, कांवड़ में 4.80 करोड़
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल चारधाम यात्रा के पहले चरण में ही 47 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे और कांवड़ यात्रा में करीब 4.80 करोड़। प्रधानमंत्री की यात्रा के बाद आदि कैलाश क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। सरकार पर्यटन को एक मौसम तक सीमित न रखकर साल भर चलाने पर काम कर रही है — हर्षिल-मुखवा जैसे क्षेत्रों को शीतकालीन पर्यटन केंद्र बनाया जा रहा है, ताकि सर्दियों में भी होमस्टे, ढाबों, छोटे होटलों और परिवहन में रोज़गार बना रहे और लोग पहाड़ से पलायन न करें। सीमांत गांवों को “प्रथम गांव” की अवधारणा के तहत विकसित किया जा रहा है।
एआई, नवाचार और कुंभ 2027
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नवाचार नीति लागू है और जो राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक में आगे बढ़ेगा, वही भविष्य की अर्थव्यवस्था में अग्रणी होगा। उद्योगों के लिए मज़बूत कानून-व्यवस्था और निर्बाध बिजली सुनिश्चित की जा रही है। अंत में उन्होंने बताया कि जनवरी 2027 के हरिद्वार कुंभ के लिए बुनियादी ढांचे को मज़बूत किया जा रहा है और सभी को कुंभ में आने का निमंत्रण दिया।
संदर्भ
यह भाषण सरकार का पक्ष है। रोज़गार के आंकड़ों और भर्ती प्रक्रिया पर विपक्ष और बेरोज़गार संगठनों के अपने सवाल रहे हैं, और उत्तराखंड में पलायन अब भी बड़ी चुनौती है। देवभूमि जेके न्यूज़ इन दावों के ज़मीनी असर — खासकर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल और कुंभ की तैयारियों — पर आगे रिपोर्ट करता रहेगा।






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