आज आपका राशि फल एवं प्रेरक प्रसंग-आपस की फूट, जगत की लूट-23 अगस्त 2026 , दिन रविवार।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आपका दिन मंगलकारी रहेगा। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। धार्मिक विचारों में वृद्धि होगी । परिवार के लिए समय मिलेगा। यात्रा योग बन रहा है। किसी रिश्तेदार से मिला उपहार आपके लिए ख़ुशी लेकर आ सकता है। विद्यार्थियों के लिए अध्ययन कार्य कोशिश करने पर ही बनेगा। अपने व्यक्तित्व और रंग-रूप को बेहतर बनाने की कोशिश संतोषजनक साबित होगी। सेहत के लिहाज़ से दौड़ लगाना व योगा आपके लिए फ़ायदेमंद रहेगा , स्वास्थ्य सुधार होगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)
आज आपका दिन सामान्य रहेगा । बेहतर ज़िन्दगी के लिए अपनी सेहत और व्यक्तित्व में सुधार लाने कि कोशिश करें। आपके मन में जल्दी पैसे कमाने की तीव्र इच्छा उत्पन्न होगी। पारिवारिक सदस्यों के साथ सुकून भरे और शांत दिन का लुत्फ़ लें। अगर लोग परेशानियों के साथ आपके पास आएँ तो उन्हें नज़रअंदाज़ करें और उन्हें अपनी मानसिक शांति भंग न करने दें। आज बहुत सोच विचार करके बोलने की जरूरत हैं।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आप आज ख़ुद को रोज़ाना की अपेक्षा कम ऊर्जावान महसूस करेंगे। स्वयं को ज़रूरत से ज़्यादा काम के नीचे न दबाएँ, थोड़ा आराम करें और आज के कामों को कल तक के लिए टाल दें। आज बिना किसी की मदद के ही आप धन कमा पाने में सक्षम होंगे। विवादित मुद्दों को उठाने से बचें। पारिवारिक सदस्यों का सहयोग मिलेगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आपका दिन मिलाजुला रहेगा । सामाजिक मेलजोल का सहारा लें। आपकी माता पक्ष से मामा या नाना से भी आज आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है। जिन लोगों के साथ आप रहते हैं वे आपसे बहुत ख़ुश नहीं होंगे। आज के दिन अपने भाई-बहनों के साथ घर पर कोई मूवी या मैच देख सकते हैं। बड़ो का आशीर्वाद प्राप्त होगा । स्वास्थ्य लाभ होगा।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज आपका दिन तालमेल वाला होगा। आप अच्छा पैसा कमाएंगे- लेकिन ख़र्च में इज़ाफ़ा कम होगा । बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान लगाने और भविष्य के लिए योजना बनाने की ज़रूरत है। कोई आपका मूड ख़राब कर सकता है, लेकिन समझदारी से सब सही हो जाएगा । व्यर्थ की चिंताएँ और परेशानियों से बचें। त्वचा से जुड़ी समस्यायों पर ध्यान दें।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
भागदौड़ भरे दिन के बावजूद आपकी सेहत पूरी तरह दुरुस्त रहेगी। हालाँकि धन आपकी मुट्ठियों से आसानी से सरक जाएगा, लेकिन आपके अच्छे सितारे तंगी नहीं आने देंगे। आज हर कोई आपसे दोस्ती करना चाहता है और आप उनकी ये इच्छा पूरी करने में ख़ुशी महसूस करेंगे। समय की महत्ता को समझे जब आप अपना समय बर्बाद कर चुके होते हैं तो आपको पछतावा होता है।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज धार्मिक व आध्यात्मिक विचार प्रबल रहेंगे । आपको किसी अज्ञात स्रोत से पैसा प्राप्त हो सकता है जिससे आपकी कई आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी। जीवनसाथी का साथ मंगलमय होगा। कार्यक्षेत्र आपकी एकाग्रता को भंग न होने दें। ख़ुद को रोज़ाना की अपेक्षा कम ऊर्जावान महसूस करेंगे। स्वयं को ज़रूरत से ज़्यादा काम के नीचे न दबाएँ, थोड़ा आराम करें। स्वास्थ्य सुधार होगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज आपका दिन मनोनुकूल होगा ।पारिवारिक सहयोग मिलेगा , बड़ों का आशीर्वाद फलित होगा । गर्भवती महिलाओं के लिए अतिरिक्त सावधान रहने का दिन है। आज धन लाभ होने की संभावना बन रही है । अपने परिवार की भलाई के लिए मेहनत करें। आपके कामों के पीछे प्यार और दूरदृष्टि की भावना फलिल होगी । स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आपका दिन बेहतर रहेगा । जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा । अपने पैसे को संचय करने के लिए घर के लोगों से सलाह ले सकते है। उनकी सलाह आपकी आर्थिक स्थिति को सुधारने में मददगार होगी।आपको उदार और स्नेह से भरे प्यार का तोहफ़ा मिल सकता है। मनोरंजन के लिए समय मिलेगा । स्वास्थ्य लाभ होगा।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपकी कठिन मेहनत और परिवार का सहयोग मन के अनुकूलता परिणाम देने में सफल रहेंगे। आपको आर्थिक परेशानियों से बचने के लिए सावधान रहें। सामाजिक दायरा बढने से मन प्रसन्न होगा। मान सम्मान में वृद्धि होगी। मनोनुकूल वातावरण बनेगा। स्वास्थ्य सुधार होगा।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आपका दिन मंगलमय रहेगा । धन लाभ होने की संभावना बन रही है । पारिवारिक सहयोग मिलेगा। धार्मिक कार्यों में और अधिक रूचि बढेगी । जीवनसाथी से किया सलाह मश्विरा फलिल होगा । बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। मनोरंजन के लिए समय मिलेगा। मानसिक तनाव कम हो जाएगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपका दिन सहयोगात्मक रहेगा । परिवार के साथ सामाजिक गतिविधियाँ सभी को ख़ुश रखेंगी। भाई बहनों की मदद से आज आपको आर्थिक लाभ मिल पाएगा। अपने भाई बहनों की सलाह लें। चिंतन से राहत मिलेगी । जीवनसाथी की सकारात्मक मानसिकता को समझे व सम्मान दें। आराम के लिए समय निकाले । स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
आज का प्रेरक प्रसंग-आपस की फूट, जगत की लूट
सन 1612 की बात है। जेठ की तपती दोपहर थी। कलकत्ता के एक व्यस्त बाजार में ईस्ट इंडिया कंपनी का एक अंग्रेज कर्मचारी घूम रहा था। चारों ओर चहल-पहल थी। तभी उसकी नजर मिट्टी के बर्तनों की एक दुकान पर पड़ी, जहाँ लोगों की काफी भीड़ लगी थी।
जिज्ञासावश वह दुकान पर पहुँचा और बूढ़े दुकानदार से पूछा,
“यह बर्तन क्या है और लोग इसे इतनी संख्या में क्यों खरीद रहे हैं?”
बूढ़ा दुकानदार मुस्कुराकर बोला,
“साहब, इसे घड़ा कहते हैं। इसमें पानी रखने से पानी ठंडा रहता है।”
अंग्रेज ने एक घड़ा खरीदा और आगे बढ़ गया।
कुछ दूर उसे दूसरी दुकान पर भीड़ दिखाई दी। वहाँ भी मिट्टी के सुंदर बर्तन बिक रहे थे। उसने देखा कि एक बर्तन की गर्दन लंबी और मुँह छोटा था।
उसने दुकानदार से पूछा,
“इसे क्या कहते हैं?”
दुकानदार बोला,
“साहब, इसे सुराही कहते हैं। इसमें पानी घड़े से भी ज्यादा ठंडा रहता है।”
फिर वह थोड़ा मुस्कुराकर बोला,
“आपने मेरे पिताजी की दुकान से घड़ा खरीद लिया, जबकि मैं उसी कीमत में आपको सुराही दे सकता था। मेरे पिताजी की आदत ही ऐसी है, ग्राहक को पहले ही रोक लेते हैं। उन्हें यह बताना पसंद नहीं कि मेरा बर्तन ज्यादा अच्छा है।”
अंग्रेज ने एक सुराही खरीदी और आगे चल पड़ा।
थोड़ी दूर जाने पर उसे तीसरी दुकान दिखाई दी। वहाँ एक नौजवान मिट्टी के कुछ अलग प्रकार के बर्तन बेच रहा था। अंग्रेज ने एक छोटा-सा बर्तन उठाया, जिसके किनारे पर पतली टोंटी लगी हुई थी।
उसने पूछा,
“यह क्या है?”
नौजवान ने गर्व से कहा,
“साहब, इसे तुम्बा कहते हैं। आपने मेरे पिता से घड़ा और भाई से सुराही खरीदी है, लेकिन दोनों से पानी डालते समय पानी ज्यादा गिरता है। मेरे इस तुम्बे में टोंटी लगी है, इसलिए पानी बिल्कुल कम बर्बाद होता है।”
फिर उसने धीरे से कहा,
“लेकिन मेरे पिता और भाई मेरी चीज की तारीफ नहीं करते। वे दोनों मुझसे ईर्ष्या करते हैं और ग्राहक को मेरी खासियत बताते ही नहीं।”
अंग्रेज ने वह तुम्बा भी खरीद लिया।
इस बार उसके चेहरे पर मुस्कान थी, लेकिन वह मुस्कान पहले जैसी नहीं थी। उसमें एक कुटिल योजना की झलक थी।
अगली सुबह वह तीनों बर्तन लेकर अपने कैप्टन के पास पहुँचा।
कैप्टन ने पूछा,
“ये क्या लेकर आए हो?”
अंग्रेज कर्मचारी ने कहा,
“सर, ये पानी ठंडा रखने के बर्तन हैं। लेकिन इनसे भी अधिक महत्वपूर्ण बात मैंने इनके पीछे छिपी है।”
उसने पूरी घटना कैप्टन को बता दी और अंत में कहा,
“सर, भारत केवल धनवान ही नहीं है, बल्कि यहाँ के लोग अत्यंत प्रतिभाशाली और हुनरमंद हैं। लेकिन मैंने एक और चीज देखी है—इनमें आपसी अहंकार और ईर्ष्या भी बहुत है।”
कैप्टन ध्यान से सुन रहा था।
अंग्रेज बोला,
“एक ही परिवार के तीन लोग अलग-अलग बर्तन बनाते हैं। तीनों में हुनर है, लेकिन एक-दूसरे की अच्छाई स्वीकार करने के बजाय वे एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं। यदि एक की थोड़ी तारीफ कर दी जाए तो वह दूसरे से अलग हो जाएगा। अगर उनमें छोटी-सी बात को लेकर मतभेद पैदा कर दिया जाए, तो वे स्वयं ही एक-दूसरे के विरोधी बन जाएंगे।”
कैप्टन की आँखों में चमक आ गई।
अंग्रेज ने आगे कहा,
“सर, यदि यही स्थिति पूरे देश में है, तो सोचिए—राजाओं में कितनी प्रतिद्वंद्विता होगी, रियासतों में कितनी फूट होगी और पड़ोसी एक-दूसरे से कितने ईर्ष्यालु होंगे। हमें उन्हें हराने के लिए हमेशा बड़ी सेना की आवश्यकता नहीं होगी। हम उनकी फूट को ही अपना हथियार बना सकते हैं।”
कैप्टन ने मेज पर हाथ मारा और कहा,
“यही तो हमारी सबसे बड़ी ताकत होगी—उन्हें आपस में बाँटो और फिर एक-एक करके उन पर अधिकार करो।”
योजना बनाई गई।
किसी को पद का लालच दिया गया, किसी को सम्मान का। किसी के कान में दूसरे के खिलाफ बातें डाली गईं, तो किसी को यह विश्वास दिलाया गया कि उसका पड़ोसी उसके अधिकार छीन रहा है।
धीरे-धीरे अविश्वास बढ़ता गया।
जहाँ एकता होनी चाहिए थी, वहाँ प्रतिस्पर्धा खड़ी कर दी गई। जहाँ भाईचारा होना चाहिए था, वहाँ स्वार्थ आ गया।
और इतिहास ने हमें एक बड़ी सीख दी—
जब अपनों की कमजोरी, अपनों के खिलाफ इस्तेमाल होने लगे, तब बाहरी दुश्मन को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती।
इसलिए जीवन में हमेशा याद रखिए—
आपकी सबसे बड़ी ताकत आपकी संपत्ति नहीं, आपकी एकता है।
दूसरे की सफलता देखकर जलने के बजाय उसका सम्मान कीजिए। किसी की कमी देखकर उसे नीचा दिखाने के बजाय उसका हाथ पकड़िए। क्योंकि जब हम एक-दूसरे को गिराने में लग जाते हैं, तब कोई तीसरा व्यक्ति हमें आसानी से अपने हित के लिए इस्तेमाल कर सकता है।
फूट चाहे परिवार में हो, समाज में हो या राष्ट्र में—उसका लाभ हमेशा कोई तीसरा उठाता है।
इसलिए—आपस में प्रेम रखिए,
एक-दूसरे की प्रतिभा का सम्मान कीजिए,
ईर्ष्या को त्यागिए और एकता को मजबूत कीजिए।
क्योंकि सच यही है—“आपस की फूट, जगत की लूट।”
सदैव प्रसन्न रहिये।जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है।।







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