ऋषिकेश, 24 अगस्त 2026 — देवभूमि जेके न्यूज़ डेस्क
नशा तस्करों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने आईडीपीएल गोलचक्कर पर चेकिंग के दौरान अपाचे मोटरसाइकिल (UK14H4281) पर सवार दो लोगों को 559 ग्राम अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया। पकड़े जाने पर दोनों पहले बरामद पदार्थ को “धूपबत्ती” बताते रहे, लेकिन बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि यह चरस है और वे इसे ऋषिकेश में ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाने लाए थे।
कैसे हुई गिरफ्तारी
जनपद को नशा मुक्त बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस के अभियान के तहत कोतवाली ऋषिकेश ने टीमें बनाकर लगातार चेकिंग और तस्करों के ठिकानों पर दबिश की कार्रवाई चला रखी है। 23 अगस्त को गश्त और अचानक चेकिंग के दौरान गोलचक्कर आईडीपीएल पर दो व्यक्ति संदिग्ध लगे। तलाशी में धनवीर चंद रमोला के पास 308 ग्राम और विकास भट्ट के पास 251 ग्राम चरस मिली। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने यह चरस काली की ढाल निवासी टोनी पुत्र सतपाल से ली थी और पैसों के लालच में यह गलती की।
गिरफ्तार आरोपी
1. धनवीर चंद रमोला पुत्र कैलाश चंद रमोला, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम थापला ओण रामोल गांव, प्रताप नगर, थाना लम्बगांव, जिला टिहरी गढ़वाल
2. विकास भट्ट पुत्र पूर्णानंद भट्ट, उम्र 35 वर्ष, निवासी गली नंबर 1, लक्कड़घाट विस्थापित, ऋषिकेश
दोनों के खिलाफ थाना ऋषिकेश में मु0अ0सं0 410/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/60 में मुकदमा दर्ज कर उन्हें 24 अगस्त को न्यायालय में पेश किया गया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी ज़ब्त कर ली गई है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अमित कुमार, कांस्टेबल सौरभ चौहान और कांस्टेबल प्रदीप शामिल रहे।
कितनी सज़ा हो सकती है
एनडीपीएस एक्ट में चरस की “व्यावसायिक मात्रा” 1 किलो है और “अल्प मात्रा” 100 ग्राम। 559 ग्राम इन दोनों के बीच की श्रेणी में आता है, जिसमें दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। ऋषिकेश पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इसी हफ्ते मुख्य सचिव ने भी पुलिस समीक्षा बैठक में नारकोटिक्स पर सख्ती के निर्देश दिए हैं।







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