ऋषिकेश, 24 अगस्त 2026 — देवभूमि जेके न्यूज़ डेस्क
श्यामपुर के एक वेडिंग हॉल में रविवार को रेनबुकई कराटे सोसायटी आईडीपीएल की 9वीं नॉर्थ इंडिया कराटे प्रतियोगिता हुई, जिसमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से आए 200 से अधिक खिलाड़ियों ने काता (फॉर्म) और कुमीते (फाइट) स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। टीम स्पर्धा में ऋषिकेश ने पहला और हरिपुर कलां ने दूसरा स्थान हासिल किया।
आत्मरक्षा और खेल प्रतिभा — दोनों का मंच
प्रतियोगिता के संयोजक, अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी और कोच सेंसुई कमल सिंह बिष्ट ने बताया कि बच्चों और युवाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने और उनकी खेल प्रतिभा को मंच देने के लिए सोसायटी समय-समय पर प्रदेश और नॉर्थ इंडिया स्तर की प्रतियोगिताएं कराती है। कार्यक्रम का शुभारंभ योगाचार्य अनूप पुरोहित, समाजसेवी आशुतोष शर्मा, अविनाश सेमल्टी, वीरेन्द्र नौटियाल, डॉ. पुनीत धमीजा, प्रो. राजपाल रावत और पार्षद प्रतिनिधि संजय ध्यानी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
“जीत पदक देती है, संघर्ष महान बनाता है”
समापन समारोह के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय सनातन संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. राजे नेगी ने विजेता और उपविजेता टीमों समेत सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र, मेडल और ट्रॉफी दी। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीत पदक देती है, लेकिन संघर्ष खिलाड़ी को महान बनाता है; हार कभी अंत नहीं, बल्कि बेहतर बनने का अवसर होती है। उन्होंने हर खिलाड़ी से निष्ठा, ईमानदारी और खेल भावना के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देने का आह्वान किया।
निर्णायक मंडल में कोच राहुल कुमार, सचिन, आर्यन शाह, करण, चंदन सिंह, राजेश भंडारी, अनिल गुसाईं, अलका, शिवानी, सार्थक और सुग्रीव शामिल रहे। ऋषिकेश में कराटे का प्रशिक्षण लेने वाले बच्चों की संख्या पिछले वर्षों में लगातार बढ़ी है, और ऐसी प्रतियोगिताएं उन्हें राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करती हैं।







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