देहरादून, 25 अगस्त 2026 — देवभूमि जेके न्यूज़ डेस्क
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में 17 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इनमें सबसे ज़्यादा असर डालने वाले फैसले हैं — हज़ारों उपनल कर्मियों को “समान कार्य, समान वेतन” देने का तीन-चरणीय रोडमैप, अडानी पावर से 25 साल के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद, हाइब्रिड और सीएनजी वाहनों पर मिल रही ग्रीन सेस छूट को खत्म करने की शुरुआत, और शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में लगाने का निर्णय। ऋषिकेश के लिए भी दो फैसले सीधे जुड़े हैं। यहां सभी निर्णय सरल भाषा में।
1. उपनल कर्मियों को समान वेतन: तीन चरण, तय तारीखें
राज्य के सबसे बड़े कर्मचारी मुद्दों में से एक पर कैबिनेट ने स्पष्ट समयसीमा दी है। उपनल के ज़रिए काम कर रहे कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन तीन चरणों में मिलेगा: पहले चरण में 1 जनवरी 2016 से पहले नियोजित कर्मियों पर कार्रवाई अभी चल रही है; दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियोजित कर्मियों पर 9 नवंबर 2026 से विचार होगा; तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक के कर्मियों की कार्रवाई 1 अप्रैल 2027 से शुरू होगी।
इसके अलावा, सेवा में दिए गए “कृत्रिम ब्रेक” की शर्त हटा दी गई है — 2016 से पहले से काम कर रहे और अब भी कार्यरत उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। जहां स्वीकृत पदों से ज़्यादा उपनल कर्मी हैं, वहां जॉइनिंग की तारीख की वरीयता से पहले स्वीकृत पदों पर समायोजन होगा और बाकी को संवर्ग के प्रारंभिक पद के वेतनमान पर रखा जा सकेगा; पद न होने पर अधिसंख्य पद सृजित किए जाएंगे और इसके लिए शासन स्तर पर अलग समिति बनेगी। हाईकोर्ट के आदेश पर सीधे अनुबंध पर रखे गए पूर्व उपनल कर्मियों को भी वेतनमान का न्यूनतम और महंगाई भत्ता मिलेगा। निगम, परिषद और स्वायत्त संस्थाएं इसी आधार पर अपने स्तर पर निर्णय लेंगी।
2. अडानी पावर से 25 साल के लिए 1320 मेगावाट बिजली
ऊर्जा सुरक्षा और भरोसेमंद बेस-लोड आपूर्ति के लिए यूपीसीएल के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने न्यूनतम बोलीदाता (L1) अडानी पावर लिमिटेड से ₹5.746 प्रति यूनिट के कुल टैरिफ पर 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट (1234 मेगावाट अनुबंधित क्षमता) कोयला आधारित बिजली खरीद को मंज़ूरी दी। यूपीसीएल को बिजली आपूर्ति समझौते (PSA) पर हस्ताक्षर करने और नियामक आयोग (UERC) से स्वीकृतियां लेने के लिए अधिकृत किया गया है। उत्तराखंड सर्दियों और गर्मियों में बिजली की कमी झेलता रहा है; यह करार लंबी अवधि की आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश है।
3. हाइब्रिड और सीएनजी वाहनों पर ग्रीन सेस छूट खत्म होगी
उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम, 2003 के तहत हाइब्रिड और सीएनजी वाहनों को प्रोत्साहन के लिए मोटरयान कर/ग्रीन सेस में छूट दी गई थी। सरकार का तर्क है कि अब बाज़ार में बिकने वाले ज़्यादातर वाहन हाइब्रिड या सीएनजी हैं, जिससे राजस्व पर असर पड़ रहा है — इसलिए इन वाहनों को क्रमबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाया जाएगा। नई गाड़ी खरीदने वालों के लिए यह फैसला मायने रखता है।
4. शहीद सैनिकों की मूर्तियां पैतृक गांवों में
राज्य के शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी, ताकि नई पीढ़ी तक उनकी वीरता की कहानी पहुंचे और परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त हो। सैनिक बहुल उत्तराखंड के लिए यह भावनात्मक रूप से बड़ा फैसला है।
5. ऋषिकेश से जुड़े दो फैसले
पहला — ऋषिकेश में केएफडब्ल्यू (जर्मन विकास बैंक) से वित्त पोषित परियोजना के तहत सड़क निर्माण, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, ई-बस, पेयजल, घाटों का सौंदर्यीकरण और ठोस कचरा प्रबंधन के काम होने हैं; इन्हें और कोटद्वार, चम्पावत, टनकपुर, किच्छा, पिथौरागढ़, रुद्रपुर, काशीपुर व सितारगंज में एडीबी/ईआईबी परियोजनाओं को चलाने के लिए यूयूएसडीए का पुनर्गठन कर 94 अस्थायी पद सृजित होंगे। दूसरा — ऋषिकेश के वीरभद्र में कैंसर रोगियों के लिए हॉस्पिस केयर सेंटर बनाने हेतु देवेंद्र नाथ सक्सेना और माधुरी सक्सेना द्वारा अंत्योदय फाउंडेशन (पंजीकृत धर्मार्थ ट्रस्ट) को गिफ्ट डीड की जा रही ₹1.77 करोड़ की संपत्ति पर ₹8,87,050 की स्टाम्प ड्यूटी माफ करने पर विचार किया गया।
6. स्वास्थ्य क्षेत्र: मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन और एनसीडीसी शाखा
दवाओं, सर्जिकल सामग्री, उपकरण और इम्प्लांट की समयबद्ध और पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज़ कॉर्पोरेशन बनेगा। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की राज्य शाखा के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार की 65 एकड़ में से 1 एकड़ ज़मीन ₹1 पर 99 साल की लीज़ पर दी जाएगी — इससे रोग निगरानी, महामारी की जांच और बीएसएल-3 स्तर की प्रयोगशाला सुविधा राज्य में उपलब्ध होगी। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के सांख्यिकीय संवर्ग की सेवा नियमावली 2026 को भी मंज़ूरी मिली।
7. सहकारिता नीति 2026
केंद्र की राष्ट्रीय सहकारी नीति 2025 (24 जुलाई 2025 को जारी) के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारी नीति 2026 लागू होगी। इसमें सात रणनीतिक मिशन हैं — सहकारी संस्थाओं की नींव मज़बूत करना, उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना, समावेशिता बढ़ाना, नए क्षेत्रों में विस्तार, युवाओं को जोड़ना और आर्थिक व्यवहार्यता। लक्ष्य है कृषि मूल्य-श्रृंखला, महिला-युवा सशक्तिकरण, रोज़गार और पलायन रोकने में सहकारी संस्थाओं की भूमिका बढ़ाना।
8. अन्य फैसले संक्षेप में
सरकारी सेवक वेतन नियम 2016 के वेतन मैट्रिक्स में लेवल-15 और 16 को केंद्र के अनुरूप क्रमशः लेवल-14 और 15 पढ़ा जाएगा। कारागार विभाग में उप कारापाल के 25 प्रतिशत पदोन्नति कोटे में 90 प्रतिशत प्रधान बंदीरक्षक और 10 प्रतिशत महिला बंदीरक्षक से पदोन्नति होगी। लोकायुक्त के अध्यक्ष-सदस्यों के चयन के लिए खोजबीन समिति की कार्यप्रणाली तय करने वाली नियमावली 2026 बनेगी। केंद्र के “नक्शा” कार्यक्रम के तहत शहरी आबादी क्षेत्रों का ड्रोन/जीआईएस आधारित सर्वे कराने के लिए आबादी सर्वेक्षण नियमावली 2026 लागू होगी — इससे शहरी संपत्ति के अभिलेख सटीक होंगे। घाटे में चल रहे उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के 22 तृतीय और 63 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को ऊधमसिंह नगर व आसपास के जिलों के अन्य विभागों में अधिकतम 10 साल के लिए सेवा स्थानांतरण पर भेजा जाएगा। देहरादून में रिस्पना किनारे की मलिन बस्ती के चयनित परिवारों को काठबंगला में बने 116 आवास आवंटित होंगे। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के परिनियम 2026 को मंज़ूरी मिली। सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ बनेगा, जिसमें संविदा पर 6 पद (उप निदेशक 1, सहायक निदेशक 2, कनिष्ठ सहायक 2, डाटा एंट्री ऑपरेटर 1) सृजित होंगे।
आम लोगों के लिए क्या मायने
अगर आप उपनल कर्मी हैं, तो अपने नियोजन की तारीख के हिसाब से देखें कि आप किस चरण में आते हैं। नई हाइब्रिड या सीएनजी गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं, तो टैक्स में बदलाव आने वाला है। ऋषिकेश के लोगों के लिए केएफडब्ल्यू परियोजना के तहत सड़क, सीवर और ई-बस के काम आने वाले महीनों में तेज़ हो सकते हैं। देवभूमि जेके न्यूज़ इन फैसलों के क्रियान्वयन पर नज़र रखेगा।







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