देवभूमि जेके न्यूज़ — राशिफल डेस्क | बुधवार, 26 अगस्त 2026
बुधवार गणेश जी का दिन है — बुद्धि और विघ्न-निवारण का। सप्ताह का मध्य, काम का दबाव और त्योहार की तैयारी साथ-साथ। जानिए आज आपकी राशि क्या कहती है, और अंत में पढ़िए एक राजा की कहानी, जिसने “शांति” का चित्र चुनते समय सबको चौंका दिया।
मेष
बुद्धि और वाणी से काम बनेंगे। कार्यक्षेत्र में नया प्रस्ताव मिल सकता है। आर्थिक लाभ के योग। परिवार में सामंजस्य। स्वास्थ्य ठीक, पर खान-पान संयमित रखें।
वृषभ
दिन शुभ है। व्यापार में बढ़ोतरी और नए ग्राहक। घर में शुभ समाचार। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। छात्रों को पढ़ाई में सफलता। यात्रा टालें।
मिथुन
बुध आपका स्वामी है — आज संवाद, लेखन और व्यापार में विशेष सफलता। किसी बड़े सौदे की बात बनेगी। मित्रों से लाभ। प्रेम संबंधों में मधुरता। खर्च पर ध्यान दें।
कर्क
मन में कुछ उलझन रह सकती है। परिवार के साथ बातचीत से समाधान मिलेगा। नौकरी में स्थिरता। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। शाम को धार्मिक कार्य में मन लगेगा।
सिंह
ऊर्जावान दिन। सार्वजनिक क्षेत्र में सम्मान मिलेगा। कार्यालय में वरिष्ठों का सहयोग। धन आगमन। संतान से खुशी। क्रोध पर नियंत्रण रखें।
कन्या
बुध की कृपा से विश्लेषण और योजना में सफलता। रुका काम पूरा होगा। आर्थिक लाभ। सहकर्मियों से तालमेल। स्वास्थ्य सामान्य। शाम को आराम करें।
तुला
संतुलित दिन। कला और सौंदर्य से जुड़े काम में सफलता। सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी। आर्थिक स्थिति ठीक। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय।
वृश्चिक
चुनौतियां आ सकती हैं, पर आप उनसे निपट लेंगे। कार्यक्षेत्र में सतर्क रहें। धन के लेन-देन में सावधानी। परिवार का सहयोग मिलेगा। योग-ध्यान लाभदायक।
धनु
शुभ दिन। शिक्षा और यात्रा में सफलता। किसी विदेशी या दूर के संपर्क से लाभ। व्यापार में नया अवसर। परिवार में उत्सव का माहौल बनेगा।
मकर
मेहनत से सफलता। सरकारी कार्य में प्रगति। आर्थिक मज़बूती। ज़िम्मेदारियां बढ़ेंगी, पर आप संभाल लेंगे। स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
कुंभ
नए विचार और नई योजनाएं। तकनीकी काम में सफलता। मित्रों से सहयोग। आर्थिक लाभ। घर में शांति। वाहन सावधानी से चलाएं।
मीन
व्यवसाय में कुछ ठोस और खास फैसले लेने का दिन है। प्रभावशाली लोगों के संपर्क से काम बनेंगे। नौकरी में पदोन्नति की पूरी संभावना है और कार्यालय का माहौल आपके पक्ष में रहेगा। सामाजिक दायरा और मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
आज का प्रेरक प्रसंग: असली शांति
चित्रकला के शौकीन एक राजा ने घोषणा की — जो चित्रकार “शांति” को सबसे अच्छी तरह चित्रित करेगा, उसे मुंहमांगा इनाम मिलेगा। निर्णय के दिन दरबार चित्रों से भर गया। राजा ने सबको देखकर दो चित्र अलग रखवाए। पहला चित्र एक निर्मल झील का था — इतना शांत पानी कि तल तक दिखे, आसपास के बर्फीले पहाड़ उसमें दर्पण की तरह झलकें, ऊपर नीला आसमान और रुई जैसे बादल। जो देखता, कहता — शांति का इससे बेहतर चित्र हो ही नहीं सकता।
दूसरे चित्र में सूखे, वीरान पहाड़ थे, ऊपर गरजते काले बादल, चमकती बिजली, उफनती नदी, झुके हुए पेड़ और रौद्र रूप में गिरता झरना। लोग कहने लगे — इसमें तो अशांति ही अशांति है, शांति से इसका क्या लेना-देना! सब मान चुके थे कि इनाम पहले चित्रकार को मिलेगा। तभी राजा उठे और दूसरे चित्रकार को विजेता घोषित कर दिया। दरबार में सन्नाटा छा गया। पहले चित्रकार से रहा नहीं गया — “महाराज, उस चित्र में ऐसा क्या है?”
राजा उसे दूसरे चित्र के पास ले गए और बोले, “झरने के बाईं ओर, हवा से झुके उस पेड़ को देखो। उसकी डाल पर एक घोंसला है, और उसमें एक चिड़िया इस तूफान के बीच कितनी शांति और प्रेम से अपने बच्चों को दाना खिला रही है।” फिर राजा ने दरबार से कहा, “शांत होने का मतलब यह नहीं कि आसपास कोई शोर न हो, कोई समस्या न हो, कोई परीक्षा न हो। असली शांति वह है जब चारों ओर अव्यवस्था और तूफान हो, और आप फिर भी शांत रहें, अपने काम पर टिके रहें, अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहें।”
शिक्षा: शांति परिस्थितियों में नहीं, मन में होती है। जो तूफान के बीच भी अपना कर्तव्य प्रेम से निभा सके, उसी के पास असली शांति है।
सदैव प्रसन्न रहिये – जो प्राप्त है, पर्याप्त है। जिसका मन मस्त है – उसके पास समस्त है।
अस्वीकरण: राशिफल सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है और केवल पाठकों की रुचि के लिए है। महत्वपूर्ण निर्णय अपने विवेक से लें।







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