उत्तराखंड

*भारतीय संविधान की महानता और लोकतंत्र की अजेयता के साथ मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस*

देवभूमि जे के न्यूज़,ऋषिकेश-(जयकुमार तिवारी) - भारतीय संविधान की महानता, लोकतंत्र की अजेयता तथा देश की एकता और अखंडता को समर्पित 77वां गणतंत्र दिवस सरस्वती विद्या मंदिर इंटर…


देवभूमि जे के न्यूज़,ऋषिकेश-(जयकुमार तिवारी) –
भारतीय संविधान की महानता, लोकतंत्र की अजेयता तथा देश की एकता और अखंडता को समर्पित 77वां गणतंत्र दिवस सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास ऋषिकेश में हर्षोल्लास, गरिमा एवं राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आदर्श राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक दयाराम वार्ष्णेय, विद्यालय प्रबंधीय समिति के प्रबंधक डॉ. गौरव वार्ष्णेय, समिति अध्यक्ष डॉ. शशि कुमार शर्मा, बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल कुकरेती तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य उमाकांत पंत सहित अनेक सामाजिक गणमान्य अतिथियों द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रगान गाया गया, जिससे विद्यालय प्रांगण देशभक्ति के नारों और उत्साह से गूंज उठा।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का सुंदर संदेश देखने को मिला।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधीय समिति के प्रबंधक डॉ. गौरव वार्ष्णेय एवं अध्यक्ष डॉ. शशि कुमार शर्मा ने अपने उद्बोधन में भारतीय संविधान के मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान हमें समानता, न्याय और स्वतंत्रता का मार्ग दिखाता है तथा लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जन-जन की सहभागिता में निहित है।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल कुकरेती ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान लोकतंत्र की आत्मा है, जो प्रत्येक नागरिक को अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी निरंतर याद दिलाता है। उन्होंने युवाओं से संविधान की गरिमा बनाए रखते हुए राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया।
इसके पश्चात आदर्श राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक दयाराम वार्ष्णेय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विद्यालय के शिक्षक पंकज मिश्रा ने भी गणतंत्र दिवस की ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्ता पर अपने विचार रखे।
विद्यालय के प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे विस्तृत और सशक्त संविधान है, जो देश की एकता और अखंडता का मजबूत आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधानिक मूल्यों को जीवन में अपनाने और राष्ट्रसेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया तथा सभी को 26 जनवरी की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ बनाए रखने का संकल्प लिया। गणतंत्र दिवस का यह आयोजन देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव की भावना से परिपूर्ण रहा।
इस अवसर पर प्रो. गिरीश चंद मिश्रा (सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य), एडवोकेट जितेंद्र अग्रवाल, रामकुमार, योगेश ब्रिजा, मनोज कौशिक, मोहित अग्रवाल, डी.एस. अग्रवाल, अरुण गुप्ता,राजकुमार, नंद किशोर भट्ट, नागेंद्र पोखरियाल सहित विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारी, शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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