उत्तराखंड

*चिपको आंदोलन की 52 वीं वर्षगांठ पर महापौर शंभू पासवान ने पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि*

देवभूमि जेके न्यूज 26 मार्च 2025 बुधवार को चिपको आंदोलन की 52 वी वर्षगांठ के अवसर पर गौरा देवी चौक स्थित गौरा देवी जी की प्रतिमा पर महापौर…

देवभूमि जेके न्यूज 26 मार्च 2025
बुधवार को चिपको आंदोलन की 52 वी वर्षगांठ के अवसर पर गौरा देवी चौक स्थित गौरा देवी जी की प्रतिमा पर महापौर शंभू पासवान ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर महापौर शंभू पासवान ने कहा कि चिपको आंदोलन की प्रेरणता गौरा देवी जी द्वारा चिपको आंदोलन हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं उनके द्वारा किए गए आंदोलन वृक्षों एवं पर्यावरण को सरक्षित रखने के लिए वृक्षों एवं पर्यावरण के प्रति अपनत्व का भाव पैदा करने वाला आंदोलन रहा है।
आपको बता दें कि गौरा देवी उत्तराखंड की एक प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता थीं। उनका जन्म 1925 में उत्तराखंड के चमोली जिले के लाता गाँव में हुआ था। गौरा देवी को चिपको आंदोलन की जननी माना जाता है, जो 1970 के दशक में उत्तराखंड में शुरू हुआ था।

गौरा देवी ने अपने जीवनकाल में कई चुनौतियों का सामना किया, जिनमें उनके पति की मृत्यु और अपने बच्चों की परवरिश शामिल थी। इसके बावजूद, उन्होंने अपने समुदाय के लिए काम करना जारी रखा और महिला मंगल दल की अध्यक्ष बन गईं।

1974 में, गौरा देवी ने चिपको आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जब उन्होंने और अन्य महिलाओं ने पेड़ों की कटाई के खिलाफ विरोध किया। इस आंदोलन ने उत्तराखंड में वन संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।

गौरा देवी का निधन 1991 में हुआ था, लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित है । उन्हें उत्तराखंड की एक सच्ची बेटी के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने अपने समुदाय और पर्यावरण के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, देवदत्त शर्मा, पार्षद राजू बिष्ट, चंदू यादव ,मोहित गुप्ता, सुजीत यादव ,संजय ध्यानी, कृष्ण मंडल, राकेश, रोहन, सूरज कुमार आदि मौजूद रहे।

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