आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग- असली शांति- 06 अगस्त 2026 , बृहस्पतिवार*

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आपका दिन अच्छा रहने वाला है। आज रचनात्मक ऊर्जा से भरा महसूस करेंगे। आप जिस काम को काफी दिनों से टाल रहे हैं, उस अधूरे काम को आज पूरा करने के लिये भी समय मिलेगा। मित्रों व परिवारजनों के साथ पर्यटन स्थल पर जाने का या घर पर सभी को समय देने का आनंद प्राप्त होगा। आज समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य लाभ होगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी ,वु , वे, वो)
स्वभाव में उग्रता और वाणी में संयम रखें। शारीरिक शिथिलता और मानसिक चिंता से आपका मन व्यग्र रहेगा। छात्र आज जिस भी काम को पूरे मन से करेंगे, सफलता जरूर मिलेगी। विवाहित आज पार्टनर की उपलब्धियों से बेहद खुश होंगे। दूरस्थ शिक्षा से जुड़े छात्रों को आज कोई बड़ी सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज आपको व्यापार-सम्बंधित कार्यों में लाभ होगा। उगाही, प्रवास, आय आदि के लिए अच्छा दिन है। सरकार तथा मित्रों, सम्बंधियो से लाभ होगा। उनसे भेंट-उपहार मिलने से आनंद होगा। लेकर थोड़ा चिंतित हो सकते हैं। डाक्टर की सलाह अवश्य लें। शाम होने तक सेहत में सुधार होगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज कारोबार में स्थिति अच्छी रहेगी। आज आप बेहतर मुनाफा ले पाएंगे। आपकी आर्थिक स्थिति पहले बेहतर होगी। आज सामाजिक कार्यों में बड़ा योगदान देंगे। इससे मान-सम्मान में वृद्धि होगी। राजकीय सहयोग से काम आसान होंगे। छात्र पढ़ाई से विचलित हो सकते हैं। स्वास्थ्य के विषय में आज विशेष ध्यान देना पड़ेगा।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आपका आज का दिन मिश्र फलदायी है। शारीरिकरूप से आपको अस्वस्थता का अनुभव होगा। फिर भी आप मानसिकरूप से स्वस्थ रहेंगे। शरीर में स्फूर्ति कम रहने के कारण कार्य करने का उत्साह कम रहेगा। अचानक आए अप्रत्याशित खर्चे आपके ऊपर आर्थिक तौर पर बोझ डाल सकते हैं।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आप व्यवस्थित रूप से आर्थिक योजना बना सकेंगे। आपकी सृजनात्मक शक्ति आज श्रेष्ठ रहेगी। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ अनुभव करेंगे। आज कोई व्यक्ति आपके करियर को नई दिशा देने में मददगार साबित होगा। आज किसी भी काम में अतिरेक या उत्साह से बचें।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
परिवार में आनंद का वातावरण रहेगा। वाक्माधुर्य से आप अपना निर्धारित कार्य कर सकेंगे। आरोग्य अच्छा रहेगा। आज आपके अंदर नई उर्जा का संचार होगा। आज आप अपनी बुद्धि और कौशल से बड़ी से बड़ी समस्या का हल निकाल लेंगे। आज आपके विरोधी भी दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन सुख-शांतिपूर्वक बीतेगा। अपने सहोदर के साथ सम्बंधों में निकटता का अनुभव आप करेंगे, उनका साथ भी आपको मिलेगा। आज किस्मत आपका पूरा साथ देगी। आज आपकी पदोन्नति पर मुहर भी लग जायेगी। छात्र आज किसी नये कोर्स को ज्वाइन कर सकते हैं।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज परिवार में किसी से चल रहा मन-मुटाव खत्म हो जायेगा। आज आप दूसरों से बात करते वक्त संतुलित विचार रखें। किसी के बारे में चर्चा करना आपको हानि पहुंचा सकता है। संतान पक्ष की सफलता आज आपकी खुशियों को दोगुना कर देगी। आज आपके कष्ट दूर होंगे।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज आपका दिन अच्छा रहने वाला है। कारोबार में धनलाभ का योग बन रहा है। आर्थिक
पक्ष मजबूत रहेगा। आज आपके कामों को असफल करने के शत्रु पक्ष के प्रयास असफल रहेंगे। आप आसानी से अपने काम पूरे कर लेंगे। इस राशि के लोग आज किसी नये बिजनेस में निवेश करेंगे तो लाभ अवश्य होगा।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आपका आज का दिन आनंदपूर्वक बीतेगा। मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। आज आपका दिन मिला-जुला रहेगा। आज आपके सीधेपन का दूसरे फायदा उठा सकते हैं। आज ऑफिस में काम का बोझ बढ़ सकता है। सीनियर्स का दबाव रहेगा। आज अधूरे कार्य पूर्ण होंगे।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज धन लाभ का योग है। ऑफिस में आज आपके काम से बॉस खुश रहेंगे। लवमेट के लिये आज का दिन काफी अच्छा है। आज आपका आकर्षक व्यक्तित्व सभी को आकर्षित करेगा। आज आपको मन में आए नकारात्मक विचार परेशान कर सकते हैं।
〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰
आज का प्रेरक प्रसंग- असली शांति
एक राजा था जिसे चित्रकला से बहुत प्रेम था। एक बार उसने घोषणा की कि जो कोई भी चित्रकार उसे एक ऐसा चित्र बना कर देगा जो शांति को दर्शाता हो तो वह उसे मुँह माँगा पुरस्कार देगा।
निर्णय वाले दिन एक से बढ़ कर एक चित्रकार पुरस्कार जीतने की लालसा से अपने-अपने चित्र लेकर राजा के महल पहुँचे। राजा ने एक-एक करके सभी चित्रों को देखा और उनमें से दो चित्रों को अलग रखवा दिया। अब इन्ही दोनों में से एक को पुरस्कार के लिए चुना जाना था।
पहला चित्र एक अति सुंदर शांत झील का था। उस झील का पानी इतना स्वच्छ था कि उसके अंदर की सतह तक दिखाई दे रही थी। और उसके आस-पास विद्यमान हिमखंडों की छवि उस पर ऐसे उभर रही थी मानो कोई दर्पण रखा हो। ऊपर की ओर नीला आसमान था जिसमें रुई के गोलों के सामान सफ़ेद बादल तैर रहे थे। जो कोई भी इस चित्र को देखता उसको यही लगता कि शांति को दर्शाने के लिए इससे अच्छा कोई चित्र हो ही नहीं सकता। वास्तव में यही शांति का एक मात्र प्रतीक है।
दूसरे चित्र में भी पहाड़ थे, परंतु वे बिलकुल सूखे, बेजान, वीरान थे और इन पहाड़ों के ऊपर घने गरजते बादल थे जिनमें बिजलियाँ चमक रहीं थीं…घनघोर वर्षा होने से नदी उफान पर थी… तेज हवाओं से पेड़ हिल रहे थे… और पहाड़ी के एक ओर स्थित झरने ने रौद्र रूप धारण कर रखा था। जो कोई भी इस चित्र को देखता यही सोचता कि भला इसका ‘शांति’ से क्या लेना देना… इसमें तो बस अशांति ही अशांति है।
सभी आश्वस्त थे कि पहले चित्र बनाने वाले चित्रकार को ही पुरस्कार मिलेगा। तभी राजा अपने सिंहासन से उठे और घोषणा की कि दूसरा चित्र बनाने वाले चित्रकार को वह मुँह माँगा पुरस्कार देंगे। हर कोई आश्चर्य में था!
पहले चित्रकार से रहा नहीं गया, वह बोला, “लेकिन महाराज उस चित्र में ऐसा क्या है जो आपने उसे पुरस्कार देने का फैसला लिया… जबकि हर कोई यही कह रहा है कि मेरा चित्र ही शांति को दर्शाने के लिए सर्वश्रेष्ठ है?”
“आओ मेरे साथ!”, राजा ने पहले चित्रकार को अपने साथ चलने के लिए कहा।दूसरे चित्र के समक्ष पहुँच कर राजा बोले, “झरने के बायीं ओर हवा से एक ओर झुके इस वृक्ष को देखो। उसकी डाली पर बने उस घोंसले को देखो… देखो कैसे एक चिड़िया इतनी कोमलता से, इतने शांत भाव व प्रेमपूर्वक अपने बच्चों को भोजन करा रही है…”
फिर राजा ने वहाँ उपस्थित सभी लोगों को समझाया, “शांत होने का अर्थ यह नहीं है कि आप ऐसी स्थिति में हों जहाँ कोई शोर नहीं हो…कोई समस्या नहीं हो… जहाँ कड़ी मेहनत नहीं हो… जहाँ आपकी परीक्षा नहीं हो… शांत होने का सही अर्थ है कि आप हर तरह की अव्यवस्था, अशांति, अराजकता के बीच हों और फिर भी आप शांत रहें, अपने काम पर केंद्रित रहें… अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहें।”
अब सभी समझ चुके थे कि दूसरे चित्र को राजा ने क्यों चुना है।
*शिक्षा:-*
मित्रों, हर कोई अपने जीवन में शांति चाहता है। परंतु प्राय: हम ‘शांति’ को कोई बाहरी वस्तु समझ लेते हैं, और उसे दूरस्थ स्थलों में ढूँढते हैं, जबकि शांति पूरी तरह से हमारे मन की भीतरी चेतना है और सत्य यही है कि सभी दुःख-दर्दों, कष्टों और कठिनाइयों के बीच भी शांत रहना ही वास्तव में शांति है।
*सदैव प्रसन्न रहिये – जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है – उसके पास समस्त है।।*


0 Comments