देवभूमि जे के न्यूज , गीता आश्रम 15 अगस्त 2026-
उत्तराखण्ड हिमालय के महान तपस्वी संत गीतापीठाधीश्वर परमपूज्य ब्रह्मलीन महामण्डलेश्वर स्वामी वेदव्यासानन्द सरस्वती जी महाराज, संस्थापक श्री गीता आश्रम (स्वर्गाश्रम) का पावन जन्मोत्सव श्रद्धा भक्ति पूर्वक भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गीता आश्रम में भक्ति और देशभक्ति से सराबोर अनेको कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों की श्रृंखला में गीता पाठ,गीता गायत्री यज्ञ,भजन-कीर्तन,आचायर्यों, संतों के प्रवचनों के साथ गुरुदेव की मूर्ति को माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित की गई। और अंत में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें देश के कोने-कोने से आए संतो महंतों और श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती जी महाराज ने किया स्वामी जी ने ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर वेदव्यास आनंद जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए समर्पित था उन्होंने गीता के प्रचार प्रसार के लिए जीवन भर काम किया देश-विदेश में उन्होंने प्रवचन के माध्यम से सनातन धर्म का प्रचार प्रचार किया स्वामी जी एक उच्च कोटि के संत थे और बरसों उनके साथ मुझे कार्य करने का अवसर मिला । हिमालय के उच्च कोटि के संतो में शामिल स्वामी जी ने इस आश्रम की जब स्थापना की थी उसे समय चारों तरफ जंगल ही जंगल पत्थर ही पत्थर था विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए कठिन साधना करके धर्म ध्वज फहराया था।
कार्यक्रम के दौरान आश्रम की पत्रिका “गीता संदेश” एवं भजनों मंत्रों के पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
गीता आश्रम ट्रस्ट के प्रबंधक प्रोफेसर डॉक्टर प्रदीप गुप्ता ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी जी ने जो प्रेरणा ,जो सिख हमें दी है उनके बताए हुए मार्गों पर हम चलने की कोशिश करेंगे और उनके द्वारा स्थापित धार्मिक कार्यों का जन-जन तक पहुंचने का कार्य करेंगे। आज इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने प्रतिभाग किया। हम सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं। आप सभी ने इस पावन अवसर पर पधार कर स्वामी जी को जो श्रद्धा सुमन अर्पित किया है निश्चित रूप से स्वामी जी हम सभी का कल्याण करेंगे।
क्योंकि संतों का साथ जीवन को सर्वश्रेष्ठ बनाती है। स्वामी जी ने विपरीत परिस्थितियों में भी सनातन धर्म की स्थापना और प्रचार प्रसार के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया आज हमें उन्हें सदा सुमन अर्पित करते हुए अपार प्रशा हो रही है
पूरे कार्यक्रम का संचालन शिक्षक रामकृष्ण पोखरियाल के द्वारा किया गया।
इस धार्मिक आयोजन में प्रमुख रूप से स्वामी भक्तानंद जी महाराज, ट्रस्ट के प्रबंधक प्रोफेसर डॉक्टर दीपक गुप्ता, इंद्रप्रकाश अग्रवाल, नगर पंचायत जौंक स्वर्गाश्रम की अध्यक्षा बिंदिया अग्रवाल , गीता भवन के प्रबंधक गौतम छापरिया , नारायण सिंह राणा, त्रिभुवन उपाध्याय, संगीता डोभाल,प्रेम मिश्रा, चेतन धवन, जुगल किशोर सहगल शशि राणा, भावना, गीता उपाध्याय तमाम संत, मंहत एवं भक्त शामिल हुए।






0 Comments