देवभूमि जेके न्यूज, ऋषिकेश: – 02.08.2026
दिनांक 01.08.2026 को स्वर्गीय क्षेमेन्द्र गुप्ता (90 वर्ष) डी 2 गंगा वाटिका रेट्रिट मुनिकीरेती निवासी का निधन के बाद उनके बेटे डॉ. हिमांसु एरन, (नेशनल डेंटल कमीशन, दिल्ली ) एवं बहु डॉ. अनुभा अगरवाल जी (असेसर, NABH क्वालिटी कौंसिल इंडिया) ने अपने पिता जी की आखें दान करने की इच्छा जाहिर की और श्री आतम प्रकाश (बाबु जी ) को सुचना दी निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान की टीम डॉ. तुषार और श्री मक्रेंदु ने आवास पहुँचकर सफलतापूर्वक कार्निया प्राप्त किए | उस वक्त परिवार के सरोज एरन, श्री विभोर एरन, विनम्रा एरन, श्री अनुभव अगरवाल, मोनिका मोनिका पोखरिया, श्री वेदप्रत एरन, व सदस्य भी मौजूद थे| परिवार ने मानवता और सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नेत्रदान कराया | इस नेत्रदान के माध्यम से अब दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी आएगी और वे इस सुन्दर संसार को देख सकेंगे और निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान प्रशासन ने परिवार की सेवा भावना और सामाजिक जागरूकता की सराहना करते हुए कहा की नेत्रदान महादान है, जो किसी व्यक्ति को नया जीवन देने के सामान है | संस्थान ने लोगों से अपील की कि मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए आगे आयें, ताकि हजारों नेत्रहीनो लोगों के जीवन में उजाला लाया जा सके |
नेत्रदान के लिए आवश्यक बातें |
मृत्यु के छह घंटें के भीतर आँखें दान की जा सकती हैं |
इस दौरान मृतक की आँखें बंद रखनी चाहिए, उन पर गीली रुई रखनी चाहिये तथा कमरे में पंखा बंद और यदि संभव हो तो एसी चालू रखना चाहिए | सिर के नीचे तकिया रखने से भी प्रक्रिया में सहायता मिलती |
नेत्रदान करने के लिए संपर्क कर सकतें हैं | +91-9837607526







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