उत्तराखंड

ऋषिकेश-चौदह बीघा नया पुल पर संगीतमय रामलीला देख दर्शक हुए भाव-विभोर

देव भूमि जे के न्यूज ऋषिकेश,06/10/2024 अपने शहर बरेली में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।शहर की रामलीला के अलावा दूसरे शहरों में अपने शहर के कलाकारों की…

ऋषिकेश-चौदह बीघा नया पुल पर संगीतमय रामलीला देख दर्शक हुए भाव-विभोर

देव भूमि जे के न्यूज ऋषिकेश,06/10/2024
अपने शहर बरेली में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।शहर की रामलीला के अलावा दूसरे शहरों में अपने शहर के कलाकारों की प्रतिभा चमक बिखेर रही है।इसी क्रम में चौदह बीघा मुनि की रेती ऋषिकेश उत्तराखंड में माँ गंगा रामलीला समिति द्वारा आयोजित भव्य रामलीला में अपने शहर के रंगकर्मी,फिल्म निर्देशक,आकाशवाणी बरेली के उद्घोषक देवेन्द्र रावत और रंगकर्मी,आकाशवाणी बरेली के उद्घोषक रेडियो ड्रामा ए ग्रेड संजय मठ भी रामलीला के संवादों को अपनी आवाज में ढाल कर दर्शकों को मोहित कर रहे हैं।देवेन्द्र रावत बताते हैं कि वह बचपन से ही बरेली की प्रसिद्ध राधेश्याम शैली पर आधारित गढ़वाल सभा रामलीला से जुड़ गए थे।जिसमें उन्होंने शत्रुघन,भरत,मेघनाथ,विभीषण इत्यादि चरित्रानुसार कार्य किया उसके बाद कई वर्षों रामलीला का निर्देशन भी किया।परिस्थितियों के कारण से जब रामलीला होनी समाप्त हुई तो वह मुरादाबाद की रामलीला ग्रुप से जुड़ गए।उनके साथ पिछले पंद्रह वर्षो से मुम्बई,दिल्ली,मुरादाबाद और अब ऋषिकेश रामलीला कर रहे हैं।शिव शक्ति कला संगठन के निर्देशक पंडित संतोष बडोला जी के साथ वह पिछले सात सालों से कार्य कर रहे हैं।मुरादाबाद की रामलीला शैली बिल्कुल अलग है इसमें कलाकार मंच में अभिनय करते हैं उनको संवाद कमेंट्री बॉक्स से प्रदान होते हैं।जबकि बरेली की रामलीला में गायन और संवाद खुद कलाकार करते थे।देवेन्द्र रावत कहते हैं कि इसी मंच से रंगमंच, रेडियो ड्रामा,टेलीफिल्म,सीरियल,आर जे,फीचर फिल्म निर्देशक के रूप में कार्य वर्तमान में कर रहे हैं।सब कुछ प्रभु श्री राम का आशीर्वाद है।संजय मठ बताते हैं परिवार में जन्म लेने के बाद होश संभालते ही भारतीय संस्कृति को समझने के लिए सरस्वती शिशु मंदिर में प्रवेश लिया।इसी विद्यालय से नाट्य कला की और अभिनय कला की बारीकियों को समझा।तब से शुरू हुई यात्रा रामलीला,रेडियो ड्रामा,सीरियल,फीचर फिल्म,आर जे,वृत्तचित्र निर्देशन अन्य विधाओं में अपने गुरुओं से शिक्षा ग्रहण की।वर्तमान में रामलीला से जुड़कर मन से आनंदित होते हैं और मुम्बई,दिल्ली और ऋषिकेश में संवाद अदायगी कर रहे हैं।शिव शक्ति कला संगठन के निर्देशक पंडित संतोष बडोला जी कहते हैं कि 2005 से हमारा संगठन विभिन्न शहरों में मंचन करते आ रहे हैं।पत्नी मधु बडोला,पुत्र शिव बडोला और पुत्री कनक बडोला का पूरा सहयोग रहता है।मुरादाबाद के कलाकारों के साथ ही देहरादून,कोटद्वार,हल्द्वानी और बरेली आदि शहरों के कलाकारों का पूरा ग्रुप है।बरेली से माला और मेघा भी साथ में कार्य कर रहे हैं।माँ गंगा रामलीला समिति के अध्यक्ष संदीप परमार बताते हैं कि हमारी कमेटी पिछले कई वर्षों से रामलीला मंचन कर रही है।अनिल बडोनी,जितेन्द्र उनियाल,गंगा रावत, प्रदीप सकलानी,अर्पित रावत,मनीष उनियाल, देवेन्द्रऋषिकेश-चौदह बीघा नया पुल पर संगीतमय रामलीला देख दर्शक हुए भाव-विभोर दत्त जोशी,लक्ष्मण भण्डारी,सौरभ रणकोटी, जितेन्द्र सिंह सजवाण, मनमोहन नौटियाल,आदि साथी मिलजुल कर और समाज के अभूतपूर्व सहयोग से रामलीला आयोजित करते हैं।
ऋषिकेश-चौदह बीघा नया पुल पर संगीतमय रामलीला देख दर्शक हुए भाव-विभोर

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