ऋषिकेश, 24 अगस्त 2026 — देवभूमि जेके न्यूज़ डेस्क
ऋषिकेश में ज़मीन और पारिवारिक विवादों में दखल देकर धमकाने, वसूली और ब्लैकमेलिंग का संगठित गिरोह चलाने वाले जगजीत उर्फ जग्गा को पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार कर लिया है। मायाकुंड निवासी 39 वर्षीय जग्गा खुद को “किंग ऑफ उत्तराखंड” कहता था — गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से “KING OF उत्तराखण्ड” लिखा बोर्ड भी बरामद किया, जिसे वह लोगों में दहशत फैलाने के लिए इस्तेमाल करता था। उसके साथ दो गुर्गे भी गिरफ्तार हुए हैं; चौथा आरोपी रवि गुप्ता फरार था, जिसे बाद में नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया।
कैसे काम करता था गिरोह
पुलिस के अनुसार जग्गा अपने साथियों के साथ मिलकर क्षेत्र में संगठित गिरोह चलाता था। यह गिरोह ज़मीन और पारिवारिक विवादों में घुसकर पक्षकारों को डरा-धमकाकर अपना हित साधता, विवाद “जबरन सुलझाने” के नाम पर वसूली करता, लोगों के फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता, और घरों में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देता था। गिरोह ने डर का ऐसा माहौल बना रखा था कि स्थानीय लोग शिकायत करने से भी डरते थे।
एसएसपी के निर्देश पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को संगठित अपराध में लिप्त लोगों को चिह्नित कर गुंडा/गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जग्गा और उसके गिरोह के खिलाफ 2016 से 2026 के बीच गंभीर अपराधों के 11 मुकदमे दर्ज होने और लगातार आपराधिक गतिविधियों के मद्देनज़र गैंगस्टर एक्ट की रिपोर्ट भेजी गई। सक्षम न्यायालय से अनुमोदन के बाद कोतवाली ऋषिकेश में मु0अ0सं0 405/2026 के तहत गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 2(ख)(i), 2(ख)(iii)/3 में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारियां की गईं।
गिरफ्तार आरोपी
1. जगजीत उर्फ जग्गा पुत्र हरविन्द्र सिंह, निवासी मायाकुंड, चन्द्रेश्वर मार्ग, ऋषिकेश, उम्र 39 वर्ष (गैंग लीडर)
2. प्रणव उर्फ राघव बत्रा पुत्र स्व. अश्वनी बत्रा, निवासी गली नं. 19, मंडीवाली गली, सोमेश्वर नगर, ऋषिकेश, उम्र 20 वर्ष
3. दीपेश कुमार पुत्र स्व. चरण नाथ, निवासी कृष्णानगर कॉलोनी, निकट आईडीपीएल, ऋषिकेश, उम्र 27 वर्ष
11 मुकदमों का इतिहास
गिरोह पर दर्ज मामलों में 2016 का सांप्रदायिक भड़काऊ सामग्री/आईटी एक्ट का मामला, 2022 का आबकारी अधिनियम का मामला, 2024 के घर में घुसकर धमकाने और पॉक्सो एक्ट के मामले, और 2025-26 के बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मारपीट, धमकी, वसूली और एससी/एसटी एक्ट के सात मामले शामिल हैं।
पुलिस टीम
प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट (कोतवाली ऋषिकेश), निरीक्षक राकेश गुसाईं (प्रभारी निरीक्षक डोईवाला, विवेचक), वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवीन जोशी, उपनिरीक्षक देवेन्द्र पंवार, जगमोहन सिंह, विकसित पंवार, बिनेश कुमार और राजनारायण (कोतवाली डोईवाला), हेड कांस्टेबल संदीप राठी और राकेश पंवार, तथा कांस्टेबल तेजपाल सिंह।
गैंगस्टर एक्ट क्यों अहम है
सामान्य मुकदमों में आरोपी अक्सर ज़मानत पर छूटकर फिर वही गतिविधियां शुरू कर देते हैं। गैंगस्टर एक्ट में ज़मानत कठिन होती है, गिरोह की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति कुर्क की जा सकती है और सज़ा भी कड़ी है। ऋषिकेश पुलिस ने संकेत दिया है कि संगठित अपराध में लिप्त अन्य लोगों पर भी इसी तरह कार्रवाई होगी।







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