उत्तराखंड

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में पुरातन छात्र सम्मेलन: विद्यालय के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव पारित, ICAI के ‘भविष्य की राह’ में सीए बनने का रास्ता; डॉ. धस्माणा बोले — मोबाइल और AI के गुलाम न बनें

ऋषिकेश, 21 अगस्त 2026 — देवभूमि जेके न्यूज़ डेस्क ऋषिकेश के सबसे पुराने शिक्षण संस्थानों में से एक श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में बृहस्पतिवार को दो कार्यक्रम…

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में पुरातन छात्र सम्मेलन: विद्यालय के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव पारित, ICAI के ‘भविष्य की राह’ में सीए बनने का रास्ता; डॉ. धस्माणा बोले — मोबाइल और AI के गुलाम न बनें

ऋषिकेश, 21 अगस्त 2026 — देवभूमि जेके न्यूज़ डेस्क

ऋषिकेश के सबसे पुराने शिक्षण संस्थानों में से एक श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में बृहस्पतिवार को दो कार्यक्रम एक साथ हुए — पुरातन छात्रों के साथ संवाद, जिसमें विद्यालय के जीर्णोद्धार और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने में पूर्व छात्रों के सहयोग का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ, और द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) का करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम “भविष्य की राह”। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज, मुख्य अतिथि डॉ. विजय धस्माणा, हर्षवर्धन शर्मा, वरुण शर्मा, चंद्रशेखर शर्मा, दीप शर्मा, विनय उनियाल और प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।

“हम जहां भी हैं, नींव यही विद्यालय है”

विद्यालय प्रबंध समिति और पुरातन छात्रों की बैठक में विद्यालय की प्रगति, रखरखाव और छात्रों के भविष्य पर चर्चा हुई। पुरातन छात्र समिति के अध्यक्ष और स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने बताया कि सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ है, जिसमें विद्यालय के जीर्णोद्धार और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सभी पूर्व छात्रों को विद्यालय परिवार से जोड़ने और सहयोग की बात है। उन्होंने कहा कि आज हम चाहे जिस पद पर हों, हमारी नींव यही विद्यालय है। सभी पूर्व छात्रों ने इसका समर्थन किया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

ICAI का ‘भविष्य की राह’: सीए और अन्य करियर विकल्प

महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य ने कहा कि इस कार्यक्रम से छात्रों को करियर चुनने में आसानी होगी। सीए हरिकिशन रतूड़ी, सुमित शर्मा और प्रखर गुप्ता ने छात्रों को बताया कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी सहित किन-किन क्षेत्रों में करियर और रोज़गार के नए रास्ते खुल रहे हैं और वे किस क्षेत्र में सफलता पा सकते हैं। ऋषिकेश जैसे शहर के सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में ऐसे प्रोफेशनल करियर सत्र कम ही होते हैं, इसलिए छात्रों के लिए यह अवसर खास रहा।

“AI और मोबाइल सहायक हैं, मालिक नहीं”

डॉ. धस्माणा ने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व और दुष्परिणाम दोनों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में ठान लें तो डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, बैंकिंग, सिविल सर्विसेज, शिक्षा, सेना, नौसेना या वायुसेना — किसी भी क्षेत्र में जा सकते हैं। मोबाइल और AI का उपयोग सिर्फ सहायक सामग्री की तरह करें, उनके गुलाम न बनें; किसी भी चीज़ पर निर्भरता मस्तिष्क को कमज़ोर करती है। उन्होंने फालतू रील देखकर समय बर्बाद करने से बचने की सलाह दी। विशिष्ट अतिथि, पूर्व अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष नरेंद्रजीत बिंद्रा ने कहा कि AI समाज में तेज़ी से फैल रहा है और युवा मोबाइल पर ज़्यादा समय देकर अपनी सोचने-समझने की शक्ति और भविष्य कमज़ोर कर रहे हैं।

कौन-कौन रहा मौजूद

महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज, श्री भरत मंदिर स्कूल सोसायटी के सचिव हर्षवर्धन शर्मा, इंटर कॉलेज के प्रबंधक वरुण शर्मा, प्रबंध समिति सदस्य सीए चंद्रशेखर शर्मा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दीप शर्मा, विनय उनियाल, प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी, चंद्रवीर पोखरियाल, जगमोहन सकलानी, अशोक अग्रवाल, ओम प्रकाश सुनेजा, बंशीधर पोखरियाल, मनोरंजन देवरानी, प्रभाकर शर्मा, महेंद्र खन्ना और मनोज पंवार सहित अनेक पूर्व छात्र मौजूद रहे।

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