देवभूमि जेके न्यूज़ — राशिफल डेस्क | मंगलवार, 25 अगस्त 2026
मंगलवार हनुमान जी का दिन है — साहस और संकट-मोचन का। ऋषिकेश के हनुमान मंदिरों में आज सुंदरकांड के पाठ होंगे। जानिए आज आपकी राशि के लिए क्या संकेत हैं, और अंत में पढ़िए एक न्यायाधीश की कहानी, जो राजा के सामने भी अपनी कुर्सी से नहीं उठा।
मेष
मंगल आपका स्वामी है — आज साहस और ऊर्जा से भरा दिन। कार्यक्षेत्र में बड़ा निर्णय ले सकते हैं। धन लाभ के योग। परिवार में सहयोग। क्रोध पर नियंत्रण ज़रूरी।
वृषभ
दिन स्थिर रहेगा। व्यापार में सामान्य लाभ। घर में शांति। किसी पुराने मित्र से मुलाकात। स्वास्थ्य ठीक रहेगा। यात्रा टालें।
मिथुन
संवाद और संपर्क से काम बनेंगे। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से भेंट। छात्रों को सफलता। आर्थिक मामलों में सावधानी। शाम सुखद रहेगी।
कर्क
भावनाओं पर नियंत्रण रखें। परिवार में किसी विषय पर मतभेद हो सकता है — धैर्य से सुलझाएं। नौकरी में स्थिरता। स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
सिंह
तेजस्वी दिन। नेतृत्व के अवसर। कार्यालय में सम्मान। धन आगमन। संतान से खुशी। किसी सामाजिक कार्यक्रम में भागीदारी।
कन्या
कामकाज में व्यस्तता। योजनाबद्ध तरीके से चलने पर सफलता। सहकर्मियों से सहयोग। आर्थिक स्थिति ठीक। शाम को थकान — आराम करें।
तुला
संतुलन का दिन। रिश्तों में मधुरता। रचनात्मक कार्यों में सफलता। आर्थिक लाभ के छोटे योग। सामाजिक दायरा बढ़ेगा।
वृश्चिक
मंगल की ऊर्जा आपके पक्ष में। रुके काम पूरे होंगे। साहसिक निर्णय लाभ देंगे। प्रतिद्वंद्वी पीछे रहेंगे। स्वास्थ्य अच्छा। पैसे के मामले में सतर्क।
धनु
शुभ दिन। धर्म और शिक्षा में प्रगति। यात्रा के योग। किसी वरिष्ठ का मार्गदर्शन। व्यापार में लाभ। परिवार में खुशी।
मकर
मेहनत का फल मिलेगा। सरकारी काम में सफलता। आर्थिक मज़बूती। परिवार की ज़िम्मेदारियां। स्वास्थ्य सामान्य।
कुंभ
नई सोच से लाभ। मित्रों का सहयोग। तकनीकी कार्यों में सफलता। आर्थिक स्थिति ठीक। वाहन सावधानी से चलाएं।
मीन
बढ़िया दिन। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की के अवसर मिलेंगे। परिवार के साथ धार्मिक यात्रा की योजना बन सकती है। व्यापार में मुनाफा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। दांपत्य जीवन में सलाह-मशविरे से निकटता बढ़ेगी। विद्यार्थियों को अपने विषय की समस्या का हल मिलेगा।
आज का प्रेरक प्रसंग: सच्चा न्याय
एक राजा शिकार पर गया। उसका एक तीर गलती से जंगल में रहने वाली एक विधवा के इकलौते बेटे को लगा और बच्चे की मौत हो गई। वह बच्चा ही उस मां का एकमात्र सहारा था। टूटी हुई विधवा न्यायाधीश के पास पहुंची और न्याय मांगा। न्यायाधीश जब समझा कि मौत राजा के तीर से हुई है, तो वह गहरी दुविधा में पड़ गया — विधवा के पक्ष में फैसला दे तो राजा को दंड देना होगा, और अन्याय करे तो अपने धर्म के प्रति दोषी होगा। उसने विधवा को अगले दिन अदालत में बुलाया और राजा को भी हाज़िर होने का संदेश भेजा। राजा ने कहा — मैं आऊंगा।
अगले दिन राजा अदालत पहुंचा, पर अपने वस्त्रों के नीचे एक तलवार छिपाकर। अदालत लोगों से भरी थी। राजा के आते ही सब खड़े हो गए, लेकिन न्यायाधीश अपनी कुर्सी पर बैठा रहा। विधवा ने सबके सामने अपनी बात रखी। न्यायाधीश ने राजा से कहा, “महाराज, इस स्त्री के बेटे की मृत्यु आपके तीर से हुई है। यह नुकसान कभी पूरा नहीं हो सकता, पर आपको इसके जीवन का सहारा बनना होगा।” राजा ने विनम्रता से कहा, “मैं यह क्षति नहीं भर सकता, पर जीवन भर इस मां का पालन-पोषण और सेवा करूंगा।” विधवा संतुष्ट हुई। तब न्यायाधीश अपनी कुर्सी से उठकर खड़ा हुआ।
राजा ने कहा, “अगर तुम मेरा पक्ष लेकर अन्याय करते, तो मैं इस तलवार से तुम्हें दंड देता।” न्यायाधीश ने शांत स्वर में जवाब दिया, “और अगर आप न्याय से मुकरते, तो मैं भी आपको दंडित करने से पीछे नहीं हटता।” राजा ने प्रसन्न होकर न्यायाधीश को गले लगा लिया।
शिक्षा: सच्चा न्याय वही है जिसमें न डर हो, न पक्षपात। न्याय के सामने राजा और प्रजा बराबर हैं। और जो सत्ता में होकर भी न्याय के आगे झुकना जानता है, वही सच्चा शासक है।
सदैव प्रसन्न रहिये – जो प्राप्त है, पर्याप्त है। जिसका मन मस्त है – उसके पास समस्त है।
अस्वीकरण: राशिफल सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है और केवल पाठकों की रुचि के लिए है। महत्वपूर्ण निर्णय अपने विवेक से लें।







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