देव भूमि जे के न्यूज,डोईवाला, 27 अक्टूबर।** स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘वेलबीइंग@एसआरएचयू’ सेंटर का औपचारिक शुभारंभ किया गया। स्वामी राम सेंटर (एसआरसी) में स्थापित यह केंद्र विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों को अपनी भावनाएं साझा करने, स्वयं को बेहतर ढंग से समझने और आवश्यकता पड़ने पर सहयोग प्राप्त करने के लिए सहज, सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
मंगलवार को विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने सेंटर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को इस पहल से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि व्यस्त दिनचर्या के बीच व्यक्ति को अपने लिए समय निकालना चाहिए, आत्मचिंतन करना चाहिए और अपनी भावनाओं को समझने का प्रयास करना चाहिए। मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में डायरेक्टर ऑपरेशंस साधना मिश्रा, डिप्टी डायरेक्टर मनोरंजनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
**‘लाइफ का कंपास’ से मिलेगी जीवन को सही दिशा**
इस पहल का मूल भाव ‘लाइफ का कंपास’ है, जो जीवन में सही दिशा पहचानने और आंतरिक संतुलन बनाए रखने का संदेश देता है। डॉ. विजय धस्माणा ने इस अवधारणा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस प्रकार कंपास व्यक्ति को दिशा दिखाता है, उसी प्रकार आत्म-जागरूकता और सकारात्मक संवाद जीवन की चुनौतियों को समझने तथा उनसे बेहतर ढंग से निपटने में मदद कर सकते हैं।
परम पूज्य डॉ. स्वामी राम के मूल्यों से प्रेरित यह पहल स्वास्थ्य की समग्र अवधारणा पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित न रहकर भावनात्मक संतुलन, आत्म-जागरूकता और आंतरिक कल्याण को भी समान महत्व देना है।
विश्वविद्यालय में स्थापित यह केंद्र ऐसा वातावरण विकसित करने की दिशा में प्रयास है, जहां विद्यार्थी और कर्मचारी अपनी भावनात्मक जरूरतों को सहजता से व्यक्त कर सकें। साथ ही, आत्मचिंतन और संवाद के माध्यम से अपनी मानसिक सेहत के प्रति जागरूक बन सकें। यह पहल शैक्षणिक परिसर में सकारात्मक माहौल विकसित करने और मानसिक स्वास्थ्य को दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम है।






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