देवभूमि जे के न्यूज , ऋषिकेश। नव मधुवन आश्रम से 29वीं श्री जगन्नाथ ब्रह्मोत्सव रथयात्रा बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और धूमधाम के साथ निकाली गई। भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा, बलदेव जी एवं सुदर्शन चक्र की आराधना के साथ आयोजित इस धार्मिक आयोजन में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रथयात्रा के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
रथयात्रा का शुभारंभ प्रातःकाल मंगल आरती के साथ हुआ। इसके बाद मंदिर में भगवान जगन्नाथ जी, माता सुभद्रा जी, बलदेव जी एवं सुदर्शन चक्र का सुंदर शृंगार किया गया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना और परिक्रमा के पश्चात भगवान को पालकी में विराजमान कर बाहर लाया गया। इसके बाद उन्हें भव्य रथ में विराजमान किया गया। रथ पर विशेष आरती की गई तथा रथयात्रा की परंपरा के अनुसार रथ के आगे झाड़ू लगाकर सेवा और समर्पण का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर मधुवन आश्रम के अध्यक्ष परमानंद दास महाराज, श्रीकृष्ण आचार्य महाराज, दयाराम दास महाराज, रवि प्रपन्ना शास्त्री, मनोज प्रपन्नाचार्य, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल और महापौर शंभू पासवान ने संयुक्त रूप से रथयात्रा का शुभारंभ किया। संत-महात्माओं और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
रथयात्रा में दिनेश कोठारी, नवीन अग्रवाल, नितिन गुप्ता, सुदामा सिंघल, दिनेश सेमवाल, भानु शर्मा, समाजसेवी वचन पोखरियाल, चंद्रवीर पोखरियाल, अशोक अग्रवाल (गुड्डू), विनोद अग्रवाल, नवार कपूर, राजेंद्र सेठी, कमल सिंह राणा, रासबिहारी दास, मुकुल शर्मा, जयेंद्र रमोला, मदन मोहन शर्मा और विनोद शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल और पूर्व महापौर अनीता ममगाईं ने भी आयोजन में सहभागिता की।
रथयात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने भगवान जगन्नाथ की यात्रा का स्वागत किया। गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब, गीता भवन, नेपाली क्षेत्र, निर्मल आश्रम, पंजाबी महासभा, श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल, गोपाल मंदिर और आंध्र आश्रम सहित अनेक संस्थाओं ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ रथयात्रा का स्वागत किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और मंगलकामनाएं कीं।
श्री जगन्नाथ रथयात्रा भारतीय संस्कृति, भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक मानी जाती है। भगवान जगन्नाथ के रथ के साथ जुड़ी परंपराएं भक्तों को समानता, समर्पण और लोककल्याण का संदेश देती हैं। नव मधुवन आश्रम में आयोजित इस 29वीं रथयात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य किया।
आयोजन के अंत में महाप्रबंधक हर्ष कौशल ने रथयात्रा में सहभागी संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।







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